{"_id":"5c97e995bdec2213eb73803f","slug":"51553459605-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईपीसीएच से मदद मांगेंगे निर्यातक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईपीसीएच से मदद मांगेंगे निर्यातक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। मनी लॉन्डरिंग के आरोपों में फंसे निर्यातकों ने ईपीसीएच का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। मुरादाबाद के करीब 10 निर्यातकों को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्डरिंग के शक में नोटिस जारी किए हैं। नोटिस पाने वाले निर्यातकों का कहना है कि वह इस मामले में ईपीसीएच से मदद मांगेंगे। ताकि ईरान मामले पर सरकार के सामने मजबूती से निर्यातकों का पक्ष रखा जा सके।
अपने परमाणु कार्यक्रम की वजह से ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। अमेरिका ने ईरान पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में कई प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसकी वजह से उसके साथ डॉलर में कारोबार करने पर रोक है। मुरादाबाद के कुछ निर्यातकों ने इन प्रतिबंधों को दरकिनार करके ईरान से थर्ड पार्टी डॉलर पेमेंट लिया था। जिसकी वजह से आरबीआई ने इनके जीआर फार्म क्लियर नहीं किए हैं। कस्टम के पास इस एक्सपोर्ट का कोई रिकार्ड नहीं होने की वजह से ईडी ने करीब 200 करोड़ रुपये के विदेशी लेनदेन पर सफाई मांगी है। निर्यातकों को विदेशों से मिले करीब 200 करोड़ रुपये पर मनी लॉन्डरिंग का शक जताते हुए ईडी ने निर्यातकों से सफाई मांगी है। साक्ष्य नहीं देने पर निर्यातकों पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है। प्रवर्तन निदेशालय का नोटिस मिलने से निर्यातकों में बेचैनी है और उन्होंने ईरान को हुए निर्यात के मामले में ईपीसीएच से मदद मांगने का फैसला किया है। ईपीसीएच काफी समय से ईरान मुद्दे को सरकार के सामने उठा रहा है।
विज्ञापन
अपने परमाणु कार्यक्रम की वजह से ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। अमेरिका ने ईरान पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में कई प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसकी वजह से उसके साथ डॉलर में कारोबार करने पर रोक है। मुरादाबाद के कुछ निर्यातकों ने इन प्रतिबंधों को दरकिनार करके ईरान से थर्ड पार्टी डॉलर पेमेंट लिया था। जिसकी वजह से आरबीआई ने इनके जीआर फार्म क्लियर नहीं किए हैं। कस्टम के पास इस एक्सपोर्ट का कोई रिकार्ड नहीं होने की वजह से ईडी ने करीब 200 करोड़ रुपये के विदेशी लेनदेन पर सफाई मांगी है। निर्यातकों को विदेशों से मिले करीब 200 करोड़ रुपये पर मनी लॉन्डरिंग का शक जताते हुए ईडी ने निर्यातकों से सफाई मांगी है। साक्ष्य नहीं देने पर निर्यातकों पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है। प्रवर्तन निदेशालय का नोटिस मिलने से निर्यातकों में बेचैनी है और उन्होंने ईरान को हुए निर्यात के मामले में ईपीसीएच से मदद मांगने का फैसला किया है। ईपीसीएच काफी समय से ईरान मुद्दे को सरकार के सामने उठा रहा है।
विज्ञापन