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सोने की आभा से खिले ग्राहकों के चेहरे
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
अक्षय तृतीया पर गहनों की खरीदारी को सराफा बाजार गुलजार रहा। यह अलग बात है कि महंगाई के चलते ग्राहकों ने हलके वजन के गहने खरीदे। लोगों ने सोने व डायमंड के आइटम खरीदकर अक्षय तृतीया पर शगुन किया । बड़े शोरूम पर छोटे दुकानदारों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही। उन्होंने अपने शोरूम को बाहर से लेकर अंदर तक आकर्षक अंदाज में सजाया था। इनके काउंटरों पर सोने व डायमंड के आइटम खरीदारों को रिझाने के लिए सजाए थे। गहनों की खरीद पर कुछ न कुछ उपहार भी दिया गया। अक्षय तृतीया पर शहर में करीब 25 करोड़ रुपये तक के कारोबार का आंकलन किया जा रहा है।
गंज बाजार और मंडी चौक सराफा में सोने के पैंडेंट, अंगूठी, टॉप्स, चूड़ी, कुंडल, मंगलसूत्र आदि की बिक्री हुई। सोने की गिन्नी व सोने के सिक्के लोगों ने बाजार से कम ही खरीदे। गंज सराफा कमेटी के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने बताया कि अक्षय तृतीया का बाजार औसत रहा है। जिले में सराफा का कारोबार 25 करोड़ रुपये तक का रहा। भले ही एटीएम में कैश की किल्लत रही है, लेकिन लोगों ने नकदी से ही खरीदारी ज्यादा की है। इस बार बड़े ग्राहक की अपेक्षा छोटे ग्राहक ही आए। सुबह के मुकाबले दोपहर को बाजार ठंडा रहा। शाम को ही लोग खरीदारी करने के लिए ज्यादा आए।
मंडी चौक सराफा कमेटी के महामंत्री नवीन रस्तोगी ने बताया कि बाजार हल्का रहा। आम दिनों की अपेक्षा मुश्किल से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दिन में भगवान परशुराम जयंती की झांकी निकलने से दिक्कत हुई। पुराना शहर होने की वजह से मंडी चौक में मध्यम वर्गीय ग्राहक आते हैं। सोने का भाव बढ़ा होने और जेब में नकदी की कमी की वजह से सिक्कों की डिमांग नहीं आई। ज्यादातर रस्म अदायगी रही है। पिछले साल इससे ज्यादा खरीदारी हुई थी?
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गुरहट्टी पर सराफा कारोबारी सचिन अग्रवाल का कहना है कि सोने के भाव बढ़े होने की वजह से बाजार बहुत ढीला रहा है। मुख्य कारण है कि सोना अब तक के अपने सबसे उच्च स्तर पर खड़ा है। गत वर्ष की तुलना में 30 से 40 फीसदी कम बिक्री हुई है। ग्राहकों में फैंसी और एंटीक आइटम का रुझान था। डायमंड की बिक्री भी कम हुई । बड़ी रेंज के बजाय छोटे-छोटे आइटम खरीदे गए हैं। पुराने ग्राहक जो पहले 50 ग्राम का सिक्का ले जाते थे, अब 10 ग्राम का सिक्का लेकर गए हैं। गिन्नी और सिक्के शगुन के लिए बिके हैं।
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अक्षय तृतीया पर गहनों की खरीदारी को सराफा बाजार गुलजार रहा। यह अलग बात है कि महंगाई के चलते ग्राहकों ने हलके वजन के गहने खरीदे। लोगों ने सोने व डायमंड के आइटम खरीदकर अक्षय तृतीया पर शगुन किया । बड़े शोरूम पर छोटे दुकानदारों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही। उन्होंने अपने शोरूम को बाहर से लेकर अंदर तक आकर्षक अंदाज में सजाया था। इनके काउंटरों पर सोने व डायमंड के आइटम खरीदारों को रिझाने के लिए सजाए थे। गहनों की खरीद पर कुछ न कुछ उपहार भी दिया गया। अक्षय तृतीया पर शहर में करीब 25 करोड़ रुपये तक के कारोबार का आंकलन किया जा रहा है।
गंज बाजार और मंडी चौक सराफा में सोने के पैंडेंट, अंगूठी, टॉप्स, चूड़ी, कुंडल, मंगलसूत्र आदि की बिक्री हुई। सोने की गिन्नी व सोने के सिक्के लोगों ने बाजार से कम ही खरीदे। गंज सराफा कमेटी के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने बताया कि अक्षय तृतीया का बाजार औसत रहा है। जिले में सराफा का कारोबार 25 करोड़ रुपये तक का रहा। भले ही एटीएम में कैश की किल्लत रही है, लेकिन लोगों ने नकदी से ही खरीदारी ज्यादा की है। इस बार बड़े ग्राहक की अपेक्षा छोटे ग्राहक ही आए। सुबह के मुकाबले दोपहर को बाजार ठंडा रहा। शाम को ही लोग खरीदारी करने के लिए ज्यादा आए।
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मंडी चौक सराफा कमेटी के महामंत्री नवीन रस्तोगी ने बताया कि बाजार हल्का रहा। आम दिनों की अपेक्षा मुश्किल से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दिन में भगवान परशुराम जयंती की झांकी निकलने से दिक्कत हुई। पुराना शहर होने की वजह से मंडी चौक में मध्यम वर्गीय ग्राहक आते हैं। सोने का भाव बढ़ा होने और जेब में नकदी की कमी की वजह से सिक्कों की डिमांग नहीं आई। ज्यादातर रस्म अदायगी रही है। पिछले साल इससे ज्यादा खरीदारी हुई थी?
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गुरहट्टी पर सराफा कारोबारी सचिन अग्रवाल का कहना है कि सोने के भाव बढ़े होने की वजह से बाजार बहुत ढीला रहा है। मुख्य कारण है कि सोना अब तक के अपने सबसे उच्च स्तर पर खड़ा है। गत वर्ष की तुलना में 30 से 40 फीसदी कम बिक्री हुई है। ग्राहकों में फैंसी और एंटीक आइटम का रुझान था। डायमंड की बिक्री भी कम हुई । बड़ी रेंज के बजाय छोटे-छोटे आइटम खरीदे गए हैं। पुराने ग्राहक जो पहले 50 ग्राम का सिक्का ले जाते थे, अब 10 ग्राम का सिक्का लेकर गए हैं। गिन्नी और सिक्के शगुन के लिए बिके हैं।