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Moradabad News: जीएसटी चोरी के लिए बनाईं 500 फर्में, गिरफ्तार
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मुरादाबाद। करोड़ों की जीएसटी चोरी के मामले में दिल्ली के आरोपी सुमित कुमार को एसआईटी ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने जीएसटी चोरी के लिए 500 बोगस फर्में तैयार की थीं। काफी संख्या में बोगस फर्मों को पैसा लेकर उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों को बेचा था। आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी है। आरोपी के पास से तीन लैपटॉप, मोबाइल फोन, 15 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, चार चेकबुक, पैन कार्ड आदि बरामद किया गया है।
पुलिस लाइन में एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि 23 और 24 अक्तूबर को राज्य कर विभाग के मोबाइल दस्तों ने हाईवे पर आयरन स्क्रैप के दो ट्रक पकड़े थे। पूछताछ के दौरान चालकों ने बताया कि दोनों ट्रकों में लदे माल लखनऊ के राजाजीपुरम आवास विकास कॉलोनी निवासी अंकित कुमार ने मुजफ्फरनगर के सौरभ इंटरप्राइजेज के लिए भेजा है। अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर राज्य कर के अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि दोनों ट्रकों में जिस अंकित का माल बताया जा रहा है, उसके मोबाइल नंबरों पर देश के अलग-अलग राज्यों में 122 बोगस फर्मेँ पंजीकृत हैं।
जांच में करीब 1811 करोड़ का व्यापार कर करीब 341 करोड़ की जीएसटी चोरी की है। इसके बाद राज्य कर अधिकारी ने सिविल लाइंस थाने में दोनों मुकदमे दर्ज कराए। इसलिए एसएसपी ने कुल आठ मामलों की जांच के लिए जिला स्तर पर एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। एसपी क्राइम ने बताया कि इस मामले में विवेचनात्मक कार्रवाई के बाद 22 नवंबर को मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी इखलाक और शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन थाना के चमकनी गरिपुरा निवासी इत्तेफाक आलम उर्फ दानिश कबाड़ी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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दोनों के पूछताछ के दौरान लुधियाना के सीए और मेरठ के एक अन्य आरोपी के नाम सामने आए। इस मामले में एसआईटी के निरीक्षक शैलेंद्र सिंह की टीम ने इस मामले में नार्थ-वेस्ट दिल्ली के स्वरूप नगर गली नंबर-8 निवासी सुमित कुमार को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के पास से पुलिस ने एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड, तीन लैपटॉप, एक पेन कार्ड, 15 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 4 चेकबुक बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी सुमित कुमार ने बताया कि बोगम फर्म पंजीकृत कर उसे बेचने का काम करता है। उसने ही इकलाख और दानिश को बोगम फर्म बनाकर बेची थी।
इस मामले में दो सीए समेत चार और नाम सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने कोर्ट के समक्ष पेश किया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
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पुलिस लाइन में एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि 23 और 24 अक्तूबर को राज्य कर विभाग के मोबाइल दस्तों ने हाईवे पर आयरन स्क्रैप के दो ट्रक पकड़े थे। पूछताछ के दौरान चालकों ने बताया कि दोनों ट्रकों में लदे माल लखनऊ के राजाजीपुरम आवास विकास कॉलोनी निवासी अंकित कुमार ने मुजफ्फरनगर के सौरभ इंटरप्राइजेज के लिए भेजा है। अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर राज्य कर के अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि दोनों ट्रकों में जिस अंकित का माल बताया जा रहा है, उसके मोबाइल नंबरों पर देश के अलग-अलग राज्यों में 122 बोगस फर्मेँ पंजीकृत हैं।
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जांच में करीब 1811 करोड़ का व्यापार कर करीब 341 करोड़ की जीएसटी चोरी की है। इसके बाद राज्य कर अधिकारी ने सिविल लाइंस थाने में दोनों मुकदमे दर्ज कराए। इसलिए एसएसपी ने कुल आठ मामलों की जांच के लिए जिला स्तर पर एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। एसपी क्राइम ने बताया कि इस मामले में विवेचनात्मक कार्रवाई के बाद 22 नवंबर को मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी इखलाक और शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन थाना के चमकनी गरिपुरा निवासी इत्तेफाक आलम उर्फ दानिश कबाड़ी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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दोनों के पूछताछ के दौरान लुधियाना के सीए और मेरठ के एक अन्य आरोपी के नाम सामने आए। इस मामले में एसआईटी के निरीक्षक शैलेंद्र सिंह की टीम ने इस मामले में नार्थ-वेस्ट दिल्ली के स्वरूप नगर गली नंबर-8 निवासी सुमित कुमार को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के पास से पुलिस ने एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड, तीन लैपटॉप, एक पेन कार्ड, 15 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 4 चेकबुक बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी सुमित कुमार ने बताया कि बोगम फर्म पंजीकृत कर उसे बेचने का काम करता है। उसने ही इकलाख और दानिश को बोगम फर्म बनाकर बेची थी।
इस मामले में दो सीए समेत चार और नाम सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने कोर्ट के समक्ष पेश किया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।