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Moradabad News: 280 की क्षमता वाले एक भवन में पढ़ रहे दो स्कूलों के 500 बच्चे
Sun, 26 Jul 2026 01:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:53 AM IST
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बिलारी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने की कवायद के बाद भी हालात यह हैं कि एक भवन में दो-दो स्कूल चल रहे हैं। इसका उदाहरण सहसपुर प्राइमरी स्कूल है। प्राइमरी स्कूल के 280 बच्चों की क्षमता वाले सात कमरों के भवन में दो स्कूल चल रहे हैं। शनिवार को की गई पड़ताल में पाया गया कि एक प्राइमरी स्कूल के 350 विद्यार्थी पांच कमरों बैठे थे और दूसरे पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय की 150 छात्राएं दो कमरों में बैठतीं हैं। बच्चों की संख्या अधिक होने से कक्षा छह व सात की छात्राएं एक कमरे में बैठतीं थीं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होना लाजमी है।
सहसपुर गांव में राजमहल रोड पर स्थित पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय का पुराना भवन विभाग द्वारा वर्ष 2015 में जर्जर घोषित कर दिया गया। उस समय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इस स्कूल की छात्राओं को सहसपुर प्राइमरी स्कूल प्रथम के दो कक्षों में पढ़ने के लिए बैठा दिया गया। उस समय विभागीय अधिकारियों का यह कहना था कि एक साल के भीतर ही पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय का नया भवन बन जाएगा। 11 साल की बीते जाने के बाद भी स्कूल का अलग से अपना नया भवन नहीं बन पाया। ध्यान देने की बात यह भी है कि इस स्कूल के जर्जर भवन की नीलामी होने में लगभग दस साल बीत गए। साल भर पहले भवन की नीलामी तो गई लेकिन पुराने स्थान पर नया भवन बनाने को लेकर कोई शुरूआत नहीं हुई।
सहसपुर प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत छात्रों की संख्या लगभग 350 होने की वजह से यहां विभागीय मानक के अनुसार पहले से ही कक्षों की कमी है फिर भी इसी स्कूल के पश्चिम दिशा के दो कक्ष कन्या जूनियर स्कूल की छात्राओं को बैठने के लिए वर्ष 2015 में दे दिए गए तभी से कक्षा छह, सात और आठ की छात्राएं इन्हीं दो कमरों में बैठकर पढ़ाई कर रही हैं। कक्ष की कमी की वजह से कक्षा सात और आठ की छात्राएं एक ही कक्ष में बैठती हैं। पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय में लगभग 150 छात्राओं का पंजीकरण है लेकिन उनके स्कूल का अपना भवन न होना और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत केवल दो कक्ष मिलना उनकी पढ़ाई पर सीधा असर डाल रहा है।
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मिडडे मील के लिए बनाया शेड, खेलने के लिए जगह नहीं
सहसपुर प्राइमरी स्कूल परिसर में जो खाली जगह थी उसमें मिडडे मील का शेड बना दिया गया। अब इस परिसर के दोनों स्कूलों के छात्रों को खेलने के लिए भी कोई जगह नहीं बची है। दोनों स्कूलों के लगभग 500 छात्रों के भोजनावकाश के बाद कक्षाें से बाहर आने पर अव्यवस्था का माहौल हो जाता है। स्कूल परिसर में एक ही शौचालय होने की वजह से छात्रों को लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इन हालात में सहसपुर प्राइमरी स्कूल के छात्रों की भी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय सहसपुर का नया भवन बनवाने के लिए अनेक बार विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। स्कूल का अपना भवन न होने से सहसपुर प्राइमरी स्कूल के दो कक्षों में छात्राओं को पढ़ाने में आ रही समस्या भी अधिकारियों को बताई गई है लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। -संतोष कुमार प्रधानाध्यापक कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहसपुर
सहसपुर प्राइमरी स्कूल में पांच कक्षाओं में लगभग 350 पंजीकृत छात्र हैं। इस स्कूल के दो कक्ष पहले ही विभागीय अधिकारियों के आदेश पर पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय को दे दिए गए हैं। कक्षों की कमी से निर्धारित मानक से अधिक छात्रों को एक ही कक्ष में बैठाना पड़ रहा है। छात्रों के लिए स्कूल परिसर में खेल मैदान भी नहीं बचा है।-जैसल विजय, प्रधानाध्यापिका प्राइमरी स्कूल सहसपुर
बिलारी ब्लॉक के जितने भी स्कूलों के पुराने जर्जर भवन ध्वस्त हुए उनके स्थान पर नए भवन बनाने का प्रस्ताव काफी समय पहले जिला मुख्यालय पर भेजा जा चुका है। जैसे ही शासन से धनराशि मंजूर होगी तभी कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहसपुर समेत अन्य स्कूल भवनों का निर्माण शुरू कराया जाएगा,फिलहाल वर्तमान व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्य किया जा रहा है।-विकास कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी बिलारी
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सहसपुर गांव में राजमहल रोड पर स्थित पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय का पुराना भवन विभाग द्वारा वर्ष 2015 में जर्जर घोषित कर दिया गया। उस समय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इस स्कूल की छात्राओं को सहसपुर प्राइमरी स्कूल प्रथम के दो कक्षों में पढ़ने के लिए बैठा दिया गया। उस समय विभागीय अधिकारियों का यह कहना था कि एक साल के भीतर ही पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय का नया भवन बन जाएगा। 11 साल की बीते जाने के बाद भी स्कूल का अलग से अपना नया भवन नहीं बन पाया। ध्यान देने की बात यह भी है कि इस स्कूल के जर्जर भवन की नीलामी होने में लगभग दस साल बीत गए। साल भर पहले भवन की नीलामी तो गई लेकिन पुराने स्थान पर नया भवन बनाने को लेकर कोई शुरूआत नहीं हुई।
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सहसपुर प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत छात्रों की संख्या लगभग 350 होने की वजह से यहां विभागीय मानक के अनुसार पहले से ही कक्षों की कमी है फिर भी इसी स्कूल के पश्चिम दिशा के दो कक्ष कन्या जूनियर स्कूल की छात्राओं को बैठने के लिए वर्ष 2015 में दे दिए गए तभी से कक्षा छह, सात और आठ की छात्राएं इन्हीं दो कमरों में बैठकर पढ़ाई कर रही हैं। कक्ष की कमी की वजह से कक्षा सात और आठ की छात्राएं एक ही कक्ष में बैठती हैं। पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय में लगभग 150 छात्राओं का पंजीकरण है लेकिन उनके स्कूल का अपना भवन न होना और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत केवल दो कक्ष मिलना उनकी पढ़ाई पर सीधा असर डाल रहा है।
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मिडडे मील के लिए बनाया शेड, खेलने के लिए जगह नहीं
सहसपुर प्राइमरी स्कूल परिसर में जो खाली जगह थी उसमें मिडडे मील का शेड बना दिया गया। अब इस परिसर के दोनों स्कूलों के छात्रों को खेलने के लिए भी कोई जगह नहीं बची है। दोनों स्कूलों के लगभग 500 छात्रों के भोजनावकाश के बाद कक्षाें से बाहर आने पर अव्यवस्था का माहौल हो जाता है। स्कूल परिसर में एक ही शौचालय होने की वजह से छात्रों को लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इन हालात में सहसपुर प्राइमरी स्कूल के छात्रों की भी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय सहसपुर का नया भवन बनवाने के लिए अनेक बार विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। स्कूल का अपना भवन न होने से सहसपुर प्राइमरी स्कूल के दो कक्षों में छात्राओं को पढ़ाने में आ रही समस्या भी अधिकारियों को बताई गई है लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। -संतोष कुमार प्रधानाध्यापक कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहसपुर
सहसपुर प्राइमरी स्कूल में पांच कक्षाओं में लगभग 350 पंजीकृत छात्र हैं। इस स्कूल के दो कक्ष पहले ही विभागीय अधिकारियों के आदेश पर पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय को दे दिए गए हैं। कक्षों की कमी से निर्धारित मानक से अधिक छात्रों को एक ही कक्ष में बैठाना पड़ रहा है। छात्रों के लिए स्कूल परिसर में खेल मैदान भी नहीं बचा है।-जैसल विजय, प्रधानाध्यापिका प्राइमरी स्कूल सहसपुर
बिलारी ब्लॉक के जितने भी स्कूलों के पुराने जर्जर भवन ध्वस्त हुए उनके स्थान पर नए भवन बनाने का प्रस्ताव काफी समय पहले जिला मुख्यालय पर भेजा जा चुका है। जैसे ही शासन से धनराशि मंजूर होगी तभी कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहसपुर समेत अन्य स्कूल भवनों का निर्माण शुरू कराया जाएगा,फिलहाल वर्तमान व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्य किया जा रहा है।-विकास कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी बिलारी