फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   गोवंश को खूंटे से आजाद करने लगे किसान-Cordination

गोवंश को खूंटे से आजाद करने लगे किसान-Cordination

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
गोवंश को खूंटे से आजाद करने लगे किसान-Cordination
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश की सियासत में गाय के मुद्दे का महत्व किसी से छुपा नहीं है। गोवंशीय पशुओं की हत्याओं से लेकर उनकी सुरक्षा के उपायों तक प्रदेश कई बार राष्ट्रीय सुर्खियों में रह चुका है। लेकिन अब यही गोवंश जंगल में किसानों की परेशानी का सबब बनने लगा है। किसान बड़ी संख्या में गोवंश को अपने खूंटों से खोलकर आजाद करने लगे हैं। किसानों का तर्क है कि अनुपयोगी हो चुके गोवंश को पालना उनके लिए घाटे का सौदा है। खूंटों से छोड़े जाने के बाद गोवंशीय पशु जंगल में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में किसानों ने इस चुनाव में गोवंश की गणना कर भत्ता देने का मुद्दा उठाया है।
विज्ञापन

गोवंशीय पशुओं के लिए हालांकि प्रदेश सरकार ने गौशालाओं की व्यवस्था की है। लेकिन किसान इस व्यवस्था को कारगर नहीं मानते। किसान अमरजीत सिंह का कहना है कि सरकारी गौशालाओं के नाम पर गायों के संरक्षण की सिर्फ खानापूरी हो रही है। जबकि निजी गौशालाओं पर तो पूर्व में गोकशी में शामिल होने तक के आरोप लग चुके हैं। किसान यशपाल सिंह, परम सिंह आदि कहते हैं कि अब तकनीकी के दौर में खेती का पूरा काम मशीनरी से होता है। पहले गाय के बछड़े खेतों में जुताई आदि के काम आते थे। लेकिन अब यह काम ट्रैक्टर से होता है। ऐसे में किसान बछड़ों को पालना नहीं चाहते और उन्हें पैदा होने के कुछ समय बाद ही छोड़ देते हैं। गाय जब बिना बछड़े के दूध देने लगती है तो बछड़े पूरी तरह किसान के लिए अनुपयोगी हो जाते हैं। इसी तरह ऐसी गाय जो लंबे समय से नहीं ब्याई हैं उन्हें भी किसान अनुपयोगी समझकर छोड़ने लगे हैं। किसान के खूंटों से आजाद होने के बाद यही गोवंश खेतों में पहुंचता है और अपना पेट भरने के लिए किसान की फसलों को नुकसान पहुंचाता है। किसानों का कहना है कि सरकार को बीच का रास्ता निकालना चाहिए। गौशालाओं पर भारी - भरकम रकम खर्च करने के बजाए प्रदेश में गौवंश की गणना करानी चाहिए। गणना कराने के बाद प्रत्येक किसान को गोवंशीय पशुओं को पालने के लिए प्रति गोवंशीय पशु भत्ता दिया जाए। इससे गोवंश की रक्षा भी होगी और किसानों पर अतिरिक्त भार भी नहीं पड़ेगा। मिलावटी दूध की बिक्री पर रोक के लिए सख्त कार्रवाई की मांग भी किसानों ने की है ताकि गायों को पालने के लिए रूझान बढ़े। किसानाें ने यह भी कहा कि उन्हें गाय के दूध का सही मूल्य मिले इसके लिए भी सरकार को कदम उठाना चाहिए।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed