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जिले में 37 हजार बच्चे मिले कुपोषित

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 02:06 AM IST
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37 thousand children malnourised
मुरादाबाद। मुरादाबाद जिले में बच्चों को पोषण देने की योजनाओं का हाल बुरा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर कराए गए सर्वे में खुलासा हुआ है कि जनपद में 37 हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। जुलाई माह के सर्वे में ऐसे बच्चों की संख्या 37 हजार 440 मिली है। इनमें भी चार हजार 936 अति कुपोषित यानी लाल श्रेणी के मिले हैं। ऐसे में सवाल है, कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला पोषाहार आखिर किसको पोषित कर रहा है?
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जिले में 2742 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए नियमित रूप से पुष्टाहार वितरण, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने सहित कई अन्य योजना संचालित हैं। नियमित रूप से बच्चों का टीकाकरण भी कराया जाता है। इसके आधार पर प्रत्येक माह बच्चों का वजन कर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जुलाई माह में मुरादाबाद जिले की रिपोर्ट चौंकाने वाली हैं। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर सात माह से छह साल तक के दो लाख 42 हजार 95 बच्चों की जांच की गई। रिपोर्ट में 37 हजार 440 बच्चे कुुपोषित पाए गए। इसमें से चार 936 बच्चे अति कुपोषित यानि लाल श्रेणी व 32 हजार 504 कुपोषित यानी पीली श्रेणी के हैं।
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यह कहता है सर्वे
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ब्लाक कुपोषित अति कुपोषित बच्चे
बिलारी 4375 238
डींगरपुर 4523 343
मुरादाबाद देहात 2400 328
मुरादाबाद शहर 6987 1500
डिलारी 3050 407
ठाकुरद्वारा 2023 646
भगतपुर टांडा 2326 632
मूंढा पांडेय 4086 562
छजलैट 2734 280
कुल 32504 4936
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वजन के आधार पर होती है कुपोषण की जांच
बच्चों की नियमित जांच की जाती है। उनकी आयु व लंबाई के अनुपात में वजन कम होने पर बच्चों को कुपोषित श्रेणी में रखा जाता है, यदि वजन ज्यादा कम है, तो उन्हें अति कुपोषित श्रेणी में रखा जाता है।
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ये योजनाएं है संचालित
आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को प्रति माह तीन किलो पोषाहार इसमें मीठा दलिया, नमकीन दलिया व लड्डू दलिया शामिल है। सात माह से तीन साल तक के बच्चों को तीन थैली पोषाहार प्रति माह, तीन साल से छह साल तक के बच्चों को 50 ग्राम प्रतिदिन पोषाहार देने की व्यवस्था है। तीन साल से छह साल तक के बच्चों को एक-एक सप्ताह नियमित रूप से मीठा दलिया, नमकीन दलिया व लड्डू दलिया दिया जाने का प्रावधान है। अनेक साथ ही नियमित से टीकाकरण भी कराया जाता है।
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ठाकुरद्वारा व भगतपुर टांडा में सर्वाधिक अतिकुपोषित बच्चे
कुल बच्चों की जांच के अनुपात में सर्वाधिक अति कुपोषित बच्चे मुरादाबाद शहर, ठाकुरद्वारा व भगतपुर टांडा ब्लाक में मिले हैं। शहर क्षेत्र में 1500, ठाकुरद्वारा में 646 व भगतपुर टांडा में 632 बच्चे लाल श्रेणी में मिले है। लाल श्रेणी के बच्चों को नियमित रूप से पोषाहार देकर व परिजनों को जागरूक कर कुपोषण से बाहर करने का प्रयास किया जाता है। अतिकुपोषण व बीमार बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाता है, दवाई के साथ साथ संतुलित व पोषित भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

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नियमित रूप से पोषक भोजन न मिलने अथवा गर्भवती महिला के द्वारा संतुलित भोजन न करने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी बच्चों व गर्भवती महिलाओं को नियमित पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। उनके स्वास्थ्य की भी जांच कराई जाती है।
अनुपमा शांडिल्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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