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तीन माह बाद पकड़ा गया था एनआईए अफसर का हत्यारोपी मुनीर, चौदह माह से फरार दो लाख का इनामी बदमाश सुमित
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मुरादाबाद। कानपुर में डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने के आरोपी विकास दुबे की तरह ही मुरादाबाद मंडल में भी कुख्यात आरोपी दो लाख के इनामी बदमाश मुनीर ने तीन माह तक पुलिस और एसटीएफ की टीमों को छकाया था। उसने बिजनौर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के डिप्टी एसपी तंजीम अहमद और उनकी पत्नी की हत्या की थी। पुलिस और एसटीएफ के अलावा कई जांच एजेंसियां मुनीर की तलाश में जुटी थीं। हर जिले में उसके फोटो चस्पा किए गए थे। दिन रात दबिशें और चेकिंग अभियान चलाया गया। तीन माह बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा मुरादाबाद कचहरी में दिन दहाड़े ब्लाक प्रमुख भूरा उर्फ योगेंद्र सिंह की हत्या करने वाला सुमित सिंह 12 मई 2019 को बदायूं जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। पुलिस और एसटीएफ की टीमें चौदह माह बाद भी उसे पकड़ नहीं पाई हैं। सुमित पर दो लाख का इनाम घोषित किया जा चुका है। पाकबड़ा थानाक्षेत्र में 2012 में तीन सगे भाई समेत चार किसानों की हत्या करने वाले हिस्ट्रीशीटर अनीस बैल की मदद करने वाले आरोपी मुर्तजा को भी पुलिस आठ साल बाद पकड़ सकी है। आरोपी मुर्तजा पर पचास हजार का ईनाम घोषित किया गया था। मुरादाबाद कचहरी से सिपाही की आंखों में मिर्च झोंक कर भागने वाले आदित्य राणा को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। उसने पांच माह बाद बिजनौर में अपने साथी के साथ अदालत में सरेंडर किया था। फरारी के दौरान उसने दो हत्याएं कई लूट की घटनाएं कीं।
एनआईए डिप्टी एसपी को मारी गई थी चौबीस गोलियां
मुरादाबाद। बिजनौर के स्योहारा थानाक्षेत्र के सहसपुर गांव निवासी तंजीम अहमद एनआईए में डिप्टी एसपी थे। तंजीम अहमद दो अप्रैल 2016 की एक शादी समारोह से कार द्वारा अपने घर लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी, एक बेटा और बेटी थी। तंजीम के गांव के ही गैंगस्टर मुनीर ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थी। एनआईए अफसर और उनकी पत्नी की हत्या कर दी थी। एनआईए अफसर को चौबीस गोलियां लगी थी। हत्या करने के बाद मुनीर फरार हो गया था। 28 जून 2016 को मुनीर को एसटीएफ की टीम ने नोएडा से गिरफ्तार किया था।
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कुख्यात अपराधी मुनीर ने इन घटनाओं को दिया था अंजाम--
-2013 में अलीगढ़ में पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार की हत्या, रिवाल्वर लूटी
-2014 में अलीगढ़ में जीआरपी के सिपाही गोली मारकर हत्या की, पिस्टल लूटी
2014 में दिल्ली कमला विहार में गार्ड की हत्या कमर डेढ़ करोड़ की लूट
- 2014 में अलीगढ़ में दो बैंकों से 65 लाख रूपये लूटे
- 2015 में लखनऊ में जज के गनर की हत्या कर रिवाल्वर लूटी
- 2015 में बिजनौर के धामपुर में कैश वैन से 91 लाख रूपये लूटे
- 2016 में बिजनौर में एनआईए अफसर तंजीम अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या
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भरी कचहरी में सुमित ने की थी ब्लाक प्रमुख की हत्या
मुरादाबाद। हिंदू कालेज के पूर्व छात्र नेता रिंकू हत्याकांड में आरोपी डिलारी ब्लाक के ब्लाक प्रमुख भूरा उर्फ योगेंद्र सिंह की 23 फरवरी 2015 को भरी कचहरी में गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड को रिंकू के छोटे भाई सुमित, उसके ममेरे भाई पंकज और पिता रामवीर सिंह अन्य अपराधियों ने अंजाम दिया था। सुमित और पंकज को मौके पर ही दबोच लिया गया था। सुमित को जिला जेल से बदायूं जेल भेज दिया गया था। यहां से स़ुमित 12 मई 2019 को जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। पुलिस और एसटीएफ की टीमें सुमित की तलाश में जुटी हैं। उस पर यूपी पुलिस ने दो लाख का ईनाम घोषित किया गया है।
एक लाख के ईनामी को नहीं पकड़ पाई थी पुलिस और एसटीएफ, फरारी के दौरान की लूट और हत्याएं
मुरादाबाद। मुरादाबाद कचहरी चार अगस्त 2017 को बंदी आदित्य राणा सिपाही आंखों में मिर्च झोंक कर फरार हो गया था। घटना के समय आदित्य को जेल से कचहरी पेशी पर लगाया था। हत्या की तलाश में पुलिस और एटीएफ की टीमें लगी थी। लेकिन आरोपी बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा था। आदित्य ने 10 जनवरी 2018 को बिजनौर कोर्ट में अपने साथी के सरेंडर किया था। ये उस वक्त का मामला है। जबकि प्रदेश में एनकाउंटर एक्सप्रेस चल रही थी। इसके बावजूद भी पुलिस एक लाख के इनामी बदमाश आदित्य को नहीं पकड़ पाई थी। फरारी के दौरान आदित्य ने तीन अक्तूबर को अपने साथियों के हल्दौर क्षेत्र में अम्हेड़ा के पास ओमराज की गोली मारकर हत्या की। 14 नवंबर को अपने ही गांव के मुकेश की गोली मारकर हत्या की। इसके अलावा गैंग के साथ मंडावली, धामपुर, चांदपुर, नूरपुर और नगीना में लूट की घटनाएं की हैं।
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इसके अलावा मुरादाबाद कचहरी में दिन दहाड़े ब्लाक प्रमुख भूरा उर्फ योगेंद्र सिंह की हत्या करने वाला सुमित सिंह 12 मई 2019 को बदायूं जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। पुलिस और एसटीएफ की टीमें चौदह माह बाद भी उसे पकड़ नहीं पाई हैं। सुमित पर दो लाख का इनाम घोषित किया जा चुका है। पाकबड़ा थानाक्षेत्र में 2012 में तीन सगे भाई समेत चार किसानों की हत्या करने वाले हिस्ट्रीशीटर अनीस बैल की मदद करने वाले आरोपी मुर्तजा को भी पुलिस आठ साल बाद पकड़ सकी है। आरोपी मुर्तजा पर पचास हजार का ईनाम घोषित किया गया था। मुरादाबाद कचहरी से सिपाही की आंखों में मिर्च झोंक कर भागने वाले आदित्य राणा को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। उसने पांच माह बाद बिजनौर में अपने साथी के साथ अदालत में सरेंडर किया था। फरारी के दौरान उसने दो हत्याएं कई लूट की घटनाएं कीं।
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एनआईए डिप्टी एसपी को मारी गई थी चौबीस गोलियां
मुरादाबाद। बिजनौर के स्योहारा थानाक्षेत्र के सहसपुर गांव निवासी तंजीम अहमद एनआईए में डिप्टी एसपी थे। तंजीम अहमद दो अप्रैल 2016 की एक शादी समारोह से कार द्वारा अपने घर लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी, एक बेटा और बेटी थी। तंजीम के गांव के ही गैंगस्टर मुनीर ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थी। एनआईए अफसर और उनकी पत्नी की हत्या कर दी थी। एनआईए अफसर को चौबीस गोलियां लगी थी। हत्या करने के बाद मुनीर फरार हो गया था। 28 जून 2016 को मुनीर को एसटीएफ की टीम ने नोएडा से गिरफ्तार किया था।
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कुख्यात अपराधी मुनीर ने इन घटनाओं को दिया था अंजाम--
-2013 में अलीगढ़ में पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार की हत्या, रिवाल्वर लूटी
-2014 में अलीगढ़ में जीआरपी के सिपाही गोली मारकर हत्या की, पिस्टल लूटी
2014 में दिल्ली कमला विहार में गार्ड की हत्या कमर डेढ़ करोड़ की लूट
- 2014 में अलीगढ़ में दो बैंकों से 65 लाख रूपये लूटे
- 2015 में लखनऊ में जज के गनर की हत्या कर रिवाल्वर लूटी
- 2015 में बिजनौर के धामपुर में कैश वैन से 91 लाख रूपये लूटे
- 2016 में बिजनौर में एनआईए अफसर तंजीम अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या
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भरी कचहरी में सुमित ने की थी ब्लाक प्रमुख की हत्या
मुरादाबाद। हिंदू कालेज के पूर्व छात्र नेता रिंकू हत्याकांड में आरोपी डिलारी ब्लाक के ब्लाक प्रमुख भूरा उर्फ योगेंद्र सिंह की 23 फरवरी 2015 को भरी कचहरी में गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड को रिंकू के छोटे भाई सुमित, उसके ममेरे भाई पंकज और पिता रामवीर सिंह अन्य अपराधियों ने अंजाम दिया था। सुमित और पंकज को मौके पर ही दबोच लिया गया था। सुमित को जिला जेल से बदायूं जेल भेज दिया गया था। यहां से स़ुमित 12 मई 2019 को जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था। पुलिस और एसटीएफ की टीमें सुमित की तलाश में जुटी हैं। उस पर यूपी पुलिस ने दो लाख का ईनाम घोषित किया गया है।
एक लाख के ईनामी को नहीं पकड़ पाई थी पुलिस और एसटीएफ, फरारी के दौरान की लूट और हत्याएं
मुरादाबाद। मुरादाबाद कचहरी चार अगस्त 2017 को बंदी आदित्य राणा सिपाही आंखों में मिर्च झोंक कर फरार हो गया था। घटना के समय आदित्य को जेल से कचहरी पेशी पर लगाया था। हत्या की तलाश में पुलिस और एटीएफ की टीमें लगी थी। लेकिन आरोपी बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा था। आदित्य ने 10 जनवरी 2018 को बिजनौर कोर्ट में अपने साथी के सरेंडर किया था। ये उस वक्त का मामला है। जबकि प्रदेश में एनकाउंटर एक्सप्रेस चल रही थी। इसके बावजूद भी पुलिस एक लाख के इनामी बदमाश आदित्य को नहीं पकड़ पाई थी। फरारी के दौरान आदित्य ने तीन अक्तूबर को अपने साथियों के हल्दौर क्षेत्र में अम्हेड़ा के पास ओमराज की गोली मारकर हत्या की। 14 नवंबर को अपने ही गांव के मुकेश की गोली मारकर हत्या की। इसके अलावा गैंग के साथ मंडावली, धामपुर, चांदपुर, नूरपुर और नगीना में लूट की घटनाएं की हैं।