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Moradabad News: यूपी के जंगलों में 222 बाघ...मुरादाबाद के तो खेतों में घूम रहे 700 तेंदुए

Thu, 20 Aug 2026 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Thu, 20 Aug 2026 02:07 AM IST
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222 tigers in UP's forests... while 700 leopards are roaming the fields of Moradabad.
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में चार टाइगर रिजर्व हैं और यहां बाघों की संख्या 222 है। जबकि मुरादाबाद, अमरोहा और बिजनौर जिले के खेतों में ही 700 तेंदुए हैं। अकेले बिजनौर और उससे सटे इलाकों में ही तेंदुओं की संख्या 500 मानी जा रही है। जबकि वन विभाग के एक अनुमान के मुताबिक मुरादाबाद जनपद के कांठ, छजलैट और ठाकुरद्वारा में 100 तेंदुए हैं। अमरोहा में भी गंगा किनारे वाले इलाकों में 100 तेंदुए बताए जा रहे हैं। अधिकांश ने गन्ने के खेतों को ही अपना ठिकाना बना लिया है। बरसात में जब खेतों में पानी भर रहा है तो यह आबादी की तरफ बढ़ रहे हैं।
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राज्य सरकार की ओर से जुलाई 2025 में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के चार बाघ क्षेत्रों में 222 बाघ बताए गए हैं। इनमें दुधवा टाइगर रिजर्व में 135, पीलीभीत में 63, अमानगढ़ में 20 और रानीपुर में चार बाघ शामिल हैं। इसके विपरीत तेंदुओं के मामले में तस्वीर कहीं ज्यादा गंभीर है। 2026 की रिपोर्ट में बिजनौर जिले में तेंदुओं की संख्या 500 के करीब बताई गई है। यहां के 446 गांवों में तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है। इनमें 40 गांव अति संवेदनशील, 80 संवेदनशील और 326 प्रभावित श्रेणी में रखे गए हैं। 2024-25 में अमरोहा में वन विभाग के हवाले से 30 तेंदुओं की मौजूदगी बताई गई थी। अब यह संख्या बढ़कर 100 हो गई है। वहीं डीएफओ विनय कुमार का कहना है कि मुरादाबाद में 30 से ज्यादा तेंदुए ठाकुरद्वारा में, 30 से अधिक ही कांठ में और करीब 30 तेंदुए ही डिलारी व भोजपुर क्षेत्रों के गन्ने के खेतों में हैं। मुरादाबाद में भी इनकी संख्या 100 मानी जा रही है। वन्यजीव विशेषज्ञों और वन अधिकारियों के मुताबिक गन्ने की ऊंची फसल तेंदुओं को सुरक्षित आड़ देती है। खेतों और आसपास के इलाकों में कुत्ते, जंगली सुअर, नीलगाय के बच्चे, खरगोश और दूसरे छोटे वन्यजीव आसानी से मिल जाते हैं। यही वजह है कि जंगल से निकलकर तेंदुए खेतों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं।
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मुरादाबाद में 45 दिन में 17 लोगों पर हमला, दो की गई जान
45 दिन में मुरादाबाद में तेंदुए 17 लोगों पर हमले कर चुके हैं। इसमें दो महिलाओं की जान चली गई। डेढ़ महीने में ठाकुरद्वारा, कांठ और डिलारी क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी और हमलों ने ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। लालापुर पीपलसाना में तीन अगस्त को तेंदुए ने संतोष देवी 45) की जान ले ली थी। वह गन्ने के खेत में चारा काट रहीं थीं। वहीं मंगलवार को ठाकुरद्वारा के बहापुर बलिया गांव में खेत पर काम कर रही ब्रह्मो देवी (55) पर हमला कर दिया। ब्रह्मो देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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कानपुर, लखनऊ और काशी छोड़े गए तीन तेंदुए
वन विभाग के पास डियर पार्क में तीन तेंदुए थे। इनमें से एक को लखनऊ चिड़ियाघर, दूसरे को कानपुर चिड़ियाघर और तीसरे को चंद्रप्रभा वन्यजीव अभ्यारण्य में छोड़ गया है। ठाकुरद्वारा के खेतों के आसपास आगरा की एसओएस टीम, पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और बिजनौर की टीमों ने मोर्चा संभाल रखा है। मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार का कहना है कि तेंदुओं की गणना करना बेहद मुश्किल है लेकिन अनुमानित तौर पर इनकी संख्या 700 से अधिक हो सकती है। बिजनौर के जंगल से सटे हर दूसरे गांव में तेंदुए की दस्तक के कारण पिंजरे लगे हैं।
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