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बिना रिजल्ट घोषित किए 40 छात्राओं को घर बैठाया
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फाइल फोटो
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मुरादाबाद। सिविल लाइंस के एक नामचीन स्कूल में दसवीं की परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतजार करने वाली 40 छात्राओं के अभिभावकों को व्हाट्सएप मैसेज करके फिलहाल बेटियों को घर बैठाने के लिए कहा गया है। अभिभावकों से कहा गया है कि अर्द्धवार्षिक और प्री वोर्ड बोर्ड परीक्षा में उनकी बेटियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं था। इसलिए उन्हें 10 वीं के रिजल्ट का इंतजार करना होगा। जबकि इन्हीं छात्राआें के बैच की 60 छात्राआें की ग्यारहवीं कक्षा की पढ़ाई शुरू करा दी गई है।
दसवीं की परीक्षाओं के बाद आठ अप्रैल से स्कूल दोबारा शुरू हुआ है। अभिभावकों के मोबाइल पर दो दिन पहले स्कूल की प्रिंसिपल की तरफ से एक मैसेज पहुंचा। इसमें लिखा गया था कि आपके बच्चे की अर्द्ध वार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड एग्जाम में प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था। इसलिए बच्ची किसी भी स्ट्रीम के लिए योग्य नहीं है। अब आपकी बच्ची को बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे आने का इंतजार करना होगा। इस मेसेज के बाद इन 40 छात्राओं के अभिभावकों ने स्कूल से संपर्क किया, लेकिन उन्हें दो टूक जवाब मिला कि स्कूल के नियमों को बदला नहीं जा सकता है। अभिभावकों का कहना है कि अभी रिजल्ट नहीं आया है। फिर स्कूल ने किस आधार पर पक्षपात किया है। स्कूल की प्रिंसिपल ने इस मुद्दे पर बात करने से इंकार कर दिया।
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दसवीं की परीक्षाओं के बाद आठ अप्रैल से स्कूल दोबारा शुरू हुआ है। अभिभावकों के मोबाइल पर दो दिन पहले स्कूल की प्रिंसिपल की तरफ से एक मैसेज पहुंचा। इसमें लिखा गया था कि आपके बच्चे की अर्द्ध वार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड एग्जाम में प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था। इसलिए बच्ची किसी भी स्ट्रीम के लिए योग्य नहीं है। अब आपकी बच्ची को बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे आने का इंतजार करना होगा। इस मेसेज के बाद इन 40 छात्राओं के अभिभावकों ने स्कूल से संपर्क किया, लेकिन उन्हें दो टूक जवाब मिला कि स्कूल के नियमों को बदला नहीं जा सकता है। अभिभावकों का कहना है कि अभी रिजल्ट नहीं आया है। फिर स्कूल ने किस आधार पर पक्षपात किया है। स्कूल की प्रिंसिपल ने इस मुद्दे पर बात करने से इंकार कर दिया।
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