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ट्रेनों की लेट लतीफी से बढ़ी रोडवेज की कमाई
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:56 AM IST
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मुरादाबाद।
ट्रेनों की लेट- लतीफी से परेशान मुसाफिर अपने टिकट रद्द करा रहे हैं। जिससे मुरादाबाद मंडल को हर रोज 80-90 हजार रुपये लौटाने पड़ रहे हैं। ट्रेनों के देरी से चलने की वजह से अब यात्रियों ने रोडवेज बसों की ओर अपना रुख कर लिया। जिससे रोडवेज की आमदनी में इजाफा हो गया। मई माह में मुरादाबाद से चलने वाली चार एसी बसों ने साढ़े चार लाख रुपये की बचत की है। मुरादाबाद रोडवेज डिपो और पीतल नगरी रोडवेज डिपो से चार एसी बसों का संचालन किया जाता है। दिल्ली और आगरा के लिए बसें चलाई जा रही हैं। इन दिनों तमाम गाड़ियां विलंब से चल रही हैं। जिस कारण यात्री अपने टिकट कैं सिल कराकर रोडवेज बस से सफर कर रहे हैं। मई माह में अचानक यात्रियों की संख्या में इजाफा हो गया है। आरएम एसके शर्मा ने बताया कि यहां से चार एसी बसों का संचालन किया जा रहा है। मई माह में चारों बसों से साढ़े चार लाख रुपये की बचत हुई है।
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ट्रेनों की लेट- लतीफी से परेशान मुसाफिर अपने टिकट रद्द करा रहे हैं। जिससे मुरादाबाद मंडल को हर रोज 80-90 हजार रुपये लौटाने पड़ रहे हैं। ट्रेनों के देरी से चलने की वजह से अब यात्रियों ने रोडवेज बसों की ओर अपना रुख कर लिया। जिससे रोडवेज की आमदनी में इजाफा हो गया। मई माह में मुरादाबाद से चलने वाली चार एसी बसों ने साढ़े चार लाख रुपये की बचत की है। मुरादाबाद रोडवेज डिपो और पीतल नगरी रोडवेज डिपो से चार एसी बसों का संचालन किया जाता है। दिल्ली और आगरा के लिए बसें चलाई जा रही हैं। इन दिनों तमाम गाड़ियां विलंब से चल रही हैं। जिस कारण यात्री अपने टिकट कैं सिल कराकर रोडवेज बस से सफर कर रहे हैं। मई माह में अचानक यात्रियों की संख्या में इजाफा हो गया है। आरएम एसके शर्मा ने बताया कि यहां से चार एसी बसों का संचालन किया जा रहा है। मई माह में चारों बसों से साढ़े चार लाख रुपये की बचत हुई है।