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विद्यार्थियों को सता रही पास होने की चिंता
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मुरादाबाद।
एमजेपी रुहेखलंड विश्वविद्यालय का शैक्षिक सत्र बीतने को है। इस समय विवि के परीक्षा फार्म भरे जा रहे हैं। ज्यादातर समय शिक्षक और विद्यार्थियों का एक दूसरे के ऊपर कक्षाओं में न आने का आरोप लगाकर ही बीत गया। परीक्षा के लिए विवि की ओर से हो रही सख्ती को देखकर विद्यार्थियों को अच्छे अंकों से पास होने की चिंता सताने लगी है।
विश्वविद्यालय की ओर से संस्थागत छात्रों के परीक्षा फार्म भरने की तारीख में बढ़ोतरी कर दी है। अब विद्यार्थी 13 जनवरी तक आनलाइन परीक्षा फार्म भर सकते हैं। संभावित स्कीम के मुताबिक एक मार्च से परीक्षा शुरू हो जाएंगी। इसी बीच फरवरी माह में प्रयोगात्मक परीक्षा हैं। शिक्षक पाठ्यक्रम पूरा होने की बात कह रहे हैं तो विद्यार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए फाइल के कार्य को पूरा करने में जुटे हुए हैं। फाइल दिखाने के लिए शिक्षकों के पास पहुंच रहे हैं। हिंदू कालेज के प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता का कहना है कि सभी विषयों के आंतरिक परीक्षकों के नाम भेज दिए हैं। विवि की ओर से उनका अनुमोदन होने के अलावा वाह्य शिक्षकों के नाम आते ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू करवा देंगे। विद्यार्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए 20 दिन का पूरा समय है। यदि वह मुझसे आकर मिलते हैं तो 20 दिन लगातार अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन करवाकर पाठ्यक्रम का रिवीजन करवाया जाएगा। जिस विषय के विद्यार्थी होंगे, संबधित शिक्षकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। उसके बाद निगरानी भी करूंगा।
पिछले साल रसायन विज्ञान में खराब परिणाम रहा था। इसकी वजह से थोड़ा डर लग रहा है। प्रथम वर्ष में करीब 55 फीसदी अंक आए थे। जब हम पढ़ने आते थे तो शिक्षक नहीं आते थे। तीन-चार दिन प्रयोगात्मक कक्षाओं में आए हैं।
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सलोनी, बीएससी द्वितीय वर्ष।
सबसे ज्यादा वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई हुई है। अन्य विषयों में शिक्षक नहीं मिले थे। प्रथम वर्ष में 60 फीसदी अंक थे। घर पर पढ़ने में ज्यादा समझ में नहीं आता है।
सांभवी, बीएससी द्वितीय वर्ष।
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एमजेपी रुहेखलंड विश्वविद्यालय का शैक्षिक सत्र बीतने को है। इस समय विवि के परीक्षा फार्म भरे जा रहे हैं। ज्यादातर समय शिक्षक और विद्यार्थियों का एक दूसरे के ऊपर कक्षाओं में न आने का आरोप लगाकर ही बीत गया। परीक्षा के लिए विवि की ओर से हो रही सख्ती को देखकर विद्यार्थियों को अच्छे अंकों से पास होने की चिंता सताने लगी है।
विश्वविद्यालय की ओर से संस्थागत छात्रों के परीक्षा फार्म भरने की तारीख में बढ़ोतरी कर दी है। अब विद्यार्थी 13 जनवरी तक आनलाइन परीक्षा फार्म भर सकते हैं। संभावित स्कीम के मुताबिक एक मार्च से परीक्षा शुरू हो जाएंगी। इसी बीच फरवरी माह में प्रयोगात्मक परीक्षा हैं। शिक्षक पाठ्यक्रम पूरा होने की बात कह रहे हैं तो विद्यार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए फाइल के कार्य को पूरा करने में जुटे हुए हैं। फाइल दिखाने के लिए शिक्षकों के पास पहुंच रहे हैं। हिंदू कालेज के प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता का कहना है कि सभी विषयों के आंतरिक परीक्षकों के नाम भेज दिए हैं। विवि की ओर से उनका अनुमोदन होने के अलावा वाह्य शिक्षकों के नाम आते ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू करवा देंगे। विद्यार्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए 20 दिन का पूरा समय है। यदि वह मुझसे आकर मिलते हैं तो 20 दिन लगातार अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन करवाकर पाठ्यक्रम का रिवीजन करवाया जाएगा। जिस विषय के विद्यार्थी होंगे, संबधित शिक्षकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। उसके बाद निगरानी भी करूंगा।
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पिछले साल रसायन विज्ञान में खराब परिणाम रहा था। इसकी वजह से थोड़ा डर लग रहा है। प्रथम वर्ष में करीब 55 फीसदी अंक आए थे। जब हम पढ़ने आते थे तो शिक्षक नहीं आते थे। तीन-चार दिन प्रयोगात्मक कक्षाओं में आए हैं।
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सलोनी, बीएससी द्वितीय वर्ष।
सबसे ज्यादा वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई हुई है। अन्य विषयों में शिक्षक नहीं मिले थे। प्रथम वर्ष में 60 फीसदी अंक थे। घर पर पढ़ने में ज्यादा समझ में नहीं आता है।
सांभवी, बीएससी द्वितीय वर्ष।