फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   तुगलकी फरमान से शिक्षक हैरान

तुगलकी फरमान से शिक्षक हैरान

Thu, 29 Nov 2018 02:19 AM IST
Updated Thu, 29 Nov 2018 02:19 AM IST
विज्ञापन
तुगलकी फरमान से शिक्षक हैरान
मुरादाबाद।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान ने शिक्षकों के साथ बच्चों को भी मुश्किल में डाल दिया है। विभाग ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम की कार्ययोजना जारी कर दी है। स्कूलों में 22 दिनों तक शिक्षकों को रोजाना अलग-अलग भाषा में बच्चों को पढ़ाना होगा। कक्षा आठवीं के बच्चों को हर दिन स्कूल में बोली एवं पढ़ाई गई भाषा पर पोस्टर भी बनाने होंगे। विभागीय स्तर पर इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी।
भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूचित में 22 भाषाएं शामिल हैं। भारत सरकार ने राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को दृष्टिगत रखते हुए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत भाषा संगम भाषायी विविधता मनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन भाषाओं को स्कूलों में एक-एक दिन पढ़ाने एवं बोलने की कार्ययोजना जारी कर दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को हर साल में इसे लागू करने के आदेश जारी किए हैं। 22 दिन की कार्ययोजना में हर रोज अलग अलग भाषा में प्रार्थना सभा में पांच वाक्य पढ़ाए जाएंगे। उन वाक्यों का उच्चारण छात्रों को करना होगा। आठवीं के छात्र उन वाक्यों पर पोस्टर बनाएंगे और स्कूलों में लगाए जाएंगे।
विज्ञापन

स्कूलों को रोजाना की गतिविधियों की रिपोर्ट फोटो एवं वीडियो के साथ देगी होगी। विभाग इसका मूल्यांकन करेगा। स्कूल, ब्लाक, जिला एवं राज्य स्तर पर गतिविधियों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्कूलों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। विभागीय फरमान से शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिक्षकों का कहना है कि अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत पढ़ाने एवं वार्तालाप कराने तक तो ठीक था, शिक्षक नेपाली, उर्दू, मराठी और बोडो समेत अन्य भाषाएं कैसे पढ़ाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूलों में प्रतिदिन इन भाषाणों में होगा वार्तालाप
20 नवंबर असमी, 21 नवंबर बंगाली, 26 नवंबर बोडो, 27 नवंबर डोगरी, 28 नवंबर गुजराती, 29 नवंबर हिंदी, 30 नवंबर कन्नड़, 3 दिसंबर कश्मीरी, 4 दिसंबर कोकणी, 5 दिसंबर मैथिली, 6 दिसंबर मलयालम, 7 दिसंबर मनीपुरी, 10 दिसंबर मराठी, 11 दिसंबर नेपाली, 12 दिसंबर उड़िया, 13 दिसंबर पंजाबी, 14 दिसंबर संस्कृत, 17 दिसंबर संथाली, 18 दिसंबर सिंधी, 19 दिसंबर तमिल, 20 दिसंबर तेलगू, 21 दिसंबर उर्दू।



दो दिन बाद जारी हुआ आदेश
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्कूलों में भाषायी विविधता की कार्ययोजना 22 नवंबर की शाम जारी की है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग खुद कितना सतर्क है। जबकि कार्ययोजना 20 नवंबर से लागू है। जिसमें असमी और बंगाली भाषा के वार्तालाप का दिन निकल चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed