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पांच महीने में साढ़े छह फीसदी बढ़ा हस्तशिल्प निर्यात
Updated Wed, 26 Sep 2018 02:10 AM IST
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मुरादाबाद।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की वार्षिक आम सभा में अध्यक्ष ओपी प्रहलादका ने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अप्रैल से अगस्त तक 10376.58 करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात हुआ है, जो पिछले वर्ष इस अवधि में हुए निर्यात से 6.58 प्रतिशत ज्यादा है। अध्यक्ष ने बताया कि ईपीसीएच के इतिहास में पहली बार परिषद की सदस्य संख्या 10 हजार से ज्यादा हो गई है।
दिल्ली में हुई हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की बैठक में अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2017-18 के दौरान परिषद ने हस्तशिल्प के विकास, प्रचार और इसके निर्यात को बढ़ाने के लिए कई गतिविधियां शुरू की हैं। देश में हर साल चार अंतर्राष्ट्रीय मेलों के साथ ही 200 से ज्यादा सेमिनार, 36 व्यापार प्रदर्शनी और 18 प्रमुख बाजारों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि परिषद ने जीएसटी काउंसिल के साथ नियमित बातचीत करके हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए कई रियायतें हासिल की हैं। तकनीकि को बढ़ावा देने के लिए भी परिषद की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि परिषद ने हस्तशिल्प के विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
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हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की वार्षिक आम सभा में अध्यक्ष ओपी प्रहलादका ने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अप्रैल से अगस्त तक 10376.58 करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात हुआ है, जो पिछले वर्ष इस अवधि में हुए निर्यात से 6.58 प्रतिशत ज्यादा है। अध्यक्ष ने बताया कि ईपीसीएच के इतिहास में पहली बार परिषद की सदस्य संख्या 10 हजार से ज्यादा हो गई है।
दिल्ली में हुई हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की बैठक में अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2017-18 के दौरान परिषद ने हस्तशिल्प के विकास, प्रचार और इसके निर्यात को बढ़ाने के लिए कई गतिविधियां शुरू की हैं। देश में हर साल चार अंतर्राष्ट्रीय मेलों के साथ ही 200 से ज्यादा सेमिनार, 36 व्यापार प्रदर्शनी और 18 प्रमुख बाजारों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि परिषद ने जीएसटी काउंसिल के साथ नियमित बातचीत करके हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए कई रियायतें हासिल की हैं। तकनीकि को बढ़ावा देने के लिए भी परिषद की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि परिषद ने हस्तशिल्प के विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
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