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जरानलेवा बीमारियों का कारण बनेगी नकली दवा
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:12 AM IST
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मुरादाबाद।
रुड़की में बनाकर देशभर में सप्लाई की जा रही नकली दवाएं गंभीर बीमारियों का कारण बन रही थीं। इनमें टैलकम पाउडर का इस्तेमाल किए जाने के कारण गंभीर रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। गिरोह के लोग दो रुपये में नकली स्टिप पैक कर लेते थे। इन दवाओं में बेस साल्ट बिल्कुल भी नहीं मिलाया जा रहा था।
नकली दवा बनाने वाले शातिर 50 से ज्यादा नामचीन कंपनियों की प्रमुख दवाओं की नकल कर रहे थे। ये लोग ज्यादा खपत वाली नकली दवाओं का निर्माण करते थे। विशेषज्ञों की जानकारी में अभी तक यह था कि नकली दवाओं में बेस साल्ट नहीं मिलाया जा रहा है। यह भी खुलासा हुआ है कि इनमें हानिकारक रसायन मिल रहे थे। जिससे यह गंभीर रोग पैदा करने का कारण बन रही थीं।
नकली दवा बनाने में टैलकम पाउडर के साथ-साथ स्टार्च, स्टार्च पेस्ट और डाई कैल्शियम फास्फेट मिलाया जाता था। शासन ने दवाओं में टैलकम पाउडर का प्रयोग प्रतिबंधित कर रका है। इसको अत्यंत न्यून मात्रा में केवल चिकनाहट के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है। टैलकम पाउडर के साथ-साथ रंग और एसेंस के रूप में आरोपियों ने घातक रसायन मिलाने की पुष्टि की है। इनका सही आंकलन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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नकली दवाओं में टैलकम पाउडर व इन रसायनों से गुर्दा फेल होने, हार्ट अटैक, ब्रेन स्टोक का खतरा बढ़ने और रक्त कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट में इसको शामिल किया गया है।
- नरेश मोहन दीपक, ड्रग इंस्पेक्टर मुरादाबाद।
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रुड़की में बनाकर देशभर में सप्लाई की जा रही नकली दवाएं गंभीर बीमारियों का कारण बन रही थीं। इनमें टैलकम पाउडर का इस्तेमाल किए जाने के कारण गंभीर रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। गिरोह के लोग दो रुपये में नकली स्टिप पैक कर लेते थे। इन दवाओं में बेस साल्ट बिल्कुल भी नहीं मिलाया जा रहा था।
नकली दवा बनाने वाले शातिर 50 से ज्यादा नामचीन कंपनियों की प्रमुख दवाओं की नकल कर रहे थे। ये लोग ज्यादा खपत वाली नकली दवाओं का निर्माण करते थे। विशेषज्ञों की जानकारी में अभी तक यह था कि नकली दवाओं में बेस साल्ट नहीं मिलाया जा रहा है। यह भी खुलासा हुआ है कि इनमें हानिकारक रसायन मिल रहे थे। जिससे यह गंभीर रोग पैदा करने का कारण बन रही थीं।
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नकली दवा बनाने में टैलकम पाउडर के साथ-साथ स्टार्च, स्टार्च पेस्ट और डाई कैल्शियम फास्फेट मिलाया जाता था। शासन ने दवाओं में टैलकम पाउडर का प्रयोग प्रतिबंधित कर रका है। इसको अत्यंत न्यून मात्रा में केवल चिकनाहट के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है। टैलकम पाउडर के साथ-साथ रंग और एसेंस के रूप में आरोपियों ने घातक रसायन मिलाने की पुष्टि की है। इनका सही आंकलन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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नकली दवाओं में टैलकम पाउडर व इन रसायनों से गुर्दा फेल होने, हार्ट अटैक, ब्रेन स्टोक का खतरा बढ़ने और रक्त कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट में इसको शामिल किया गया है।
- नरेश मोहन दीपक, ड्रग इंस्पेक्टर मुरादाबाद।