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अल्ट्रासाउंड की वैकल्पिक व्यवस्था भी ठप, महिलाएं परेशान
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मुरादाबाद। यदि आप महिला अस्पताल में रूटीन चेकअप या फिर डिलीवरी के लिए भर्ती होने जा रहे हैं तो अल्ट्रासाउंड निजी सेंटर से करवाकर ही ले जाएं। महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की वैकल्पिक व्यवस्था भी ठप हो गई है। इससे गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल पहुंचने के बाद डाक्टरों की सलाह पर अल्ट्रासाउंड करवाने निजी सेंटरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
महिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 150 से अधिक गर्भवती महिलाएं रूटीन चेकअप के लिए पहुंचती हैं। आईपीडी में भी औसतन रोजाना पांच से सात प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती होती है। रूटीन चेकअप और डिलीवरी से पहले गर्भस्थ शिशु की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। महिला अस्पताल में करीब दस महीने से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। रेडियोलॉजी विभाग में ताला लटका है। अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं का मर्दाना अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट विभाग में अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। मर्दाना अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट पिछले एक सप्ताह से मेडिकल अवकाश पर हैं। इसके चलते वहां भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं।
महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निजी सेंटरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे उनका पैसा खर्च होने के साथ भटकना पड़ रहा है। रूटीन चेकअप कराने पहुंची शबाना ने बताया कि उसका छह महीने का गर्भ है। डाक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। शबाना की तरह अस्पताल पहुंचने वाली कई महिलाएं भटकने को मजबूर हैं।
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- महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए कई बार पत्राचार कर दिया है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने मर्दाना अस्पताल भेजा था, वहां भी व्यवस्था ठप हो गई है। इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। - डा. सावित्री सिंह, सीएमएस
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महिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 150 से अधिक गर्भवती महिलाएं रूटीन चेकअप के लिए पहुंचती हैं। आईपीडी में भी औसतन रोजाना पांच से सात प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती होती है। रूटीन चेकअप और डिलीवरी से पहले गर्भस्थ शिशु की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। महिला अस्पताल में करीब दस महीने से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। रेडियोलॉजी विभाग में ताला लटका है। अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं का मर्दाना अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट विभाग में अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। मर्दाना अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट पिछले एक सप्ताह से मेडिकल अवकाश पर हैं। इसके चलते वहां भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं।
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महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निजी सेंटरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे उनका पैसा खर्च होने के साथ भटकना पड़ रहा है। रूटीन चेकअप कराने पहुंची शबाना ने बताया कि उसका छह महीने का गर्भ है। डाक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। शबाना की तरह अस्पताल पहुंचने वाली कई महिलाएं भटकने को मजबूर हैं।
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- महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए कई बार पत्राचार कर दिया है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने मर्दाना अस्पताल भेजा था, वहां भी व्यवस्था ठप हो गई है। इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। - डा. सावित्री सिंह, सीएमएस