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परीक्षा के बीच खेल महोत्सव बना चुनौती
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मुरादाबाद।
क्षेत्रीय खेलकूद कार्यालय एवं जिला खेलकूद प्रोत्साहन समिति के तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्पोर्ट्स स्टेडियम सोनकपुर में एक से पांच फरवरी तक मुरादाबाद खेल महोत्सव प्रस्तावित है। पांच दिन चलने वाली प्रतियोगिता बोर्ड परीक्षा दे रहे खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन रही है। उन्होंने सात फरवरी से प्रस्तावित परीक्षा की तैयारियों के साथ सामंजस्य बिठाने में परेशानी व्यक्त की है। उनका कहना है कि प्रतियोगिता जनवरी में होती तो प्रतिभाग करने में आसानी रहती।
एक व दो जनवरी को एथलेटिक्स, खो-खो, वॉलीबाल, हैंडबाल, दो से पांच फरवरी तक क्रिकेट, जूडो, बैडमिंटन, कुश्ती, बास्केटबाल, बॉक्सिंग और पांच फरवरी को हाकी, फुटबाल और कबड्डी की प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में इच्छुक प्रतिभागियों को प्रवेश शुल्क व्यक्तिगत खेल में 50 रुपये, बैडमिंटन में सौ रुपये प्रति खिलाड़ी और टीम प्रतियोगिता में तीन सौ व क्रिकेट में पांच सौ रुपये जमा करने होंगे। इसके अलावा प्रतियोगिता में आयु की बाध्यता नहीं है।
बोर्ड परीक्षा के हिसाब से तैयारी नहीं हो पा रही है। बस पास होने लायक पढ़ाई कर पा रहे हैं। 12 फरवरी से परीक्षा हैं। खेल महोत्सव और तैयारी में सामंजस्य बिठाने की कोशिश करेंगे।
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अंकुर सिंह, खिलाड़ी।
इंटरमीडिएट करने के बाद सेना में जाने का सपना है। पढ़ाई रात में और सुबह में करते हैं। पेपर आने वाले हैं तो घरवाले पढ़ने के लिए दबाव बनाते हैं।
कपिल सिंह, खिलाड़ी।
रात को आठ से दस बजे तक पढ़ता हूं। 60 से 70 फीसदी अंकों का लक्ष्य है। इसके बाद आईटीआई करनी है। खेल महोत्सव अब हो जाता तो हमारे लिए आसानी रहती।
विपुल शर्मा, खिलाड़ी।
विज्ञान विषय कठिन लगता है। परिजनों ने 70 फीसदी से अधिक अंक लाने का लक्ष्य दिया है। खेल महोत्सव प्रतियोगिता जनवरी में होनी चाहिए थी।
भावना, खिलाड़ी।
सकारात्मक सोच के साथ आयोजन किया जा रहा है। यह खेल का माहौल बनाने के लिए है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट वाले खिलाड़ियों पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। इसमें आगे स्तर पर नहीं चयन होना है। एक-एक दिन में तीन-चार खेल निपटाए जाएंगे।
अनिमेष सक्सेना, क्रीड़ा अधिकारी।
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क्षेत्रीय खेलकूद कार्यालय एवं जिला खेलकूद प्रोत्साहन समिति के तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्पोर्ट्स स्टेडियम सोनकपुर में एक से पांच फरवरी तक मुरादाबाद खेल महोत्सव प्रस्तावित है। पांच दिन चलने वाली प्रतियोगिता बोर्ड परीक्षा दे रहे खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन रही है। उन्होंने सात फरवरी से प्रस्तावित परीक्षा की तैयारियों के साथ सामंजस्य बिठाने में परेशानी व्यक्त की है। उनका कहना है कि प्रतियोगिता जनवरी में होती तो प्रतिभाग करने में आसानी रहती।
एक व दो जनवरी को एथलेटिक्स, खो-खो, वॉलीबाल, हैंडबाल, दो से पांच फरवरी तक क्रिकेट, जूडो, बैडमिंटन, कुश्ती, बास्केटबाल, बॉक्सिंग और पांच फरवरी को हाकी, फुटबाल और कबड्डी की प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में इच्छुक प्रतिभागियों को प्रवेश शुल्क व्यक्तिगत खेल में 50 रुपये, बैडमिंटन में सौ रुपये प्रति खिलाड़ी और टीम प्रतियोगिता में तीन सौ व क्रिकेट में पांच सौ रुपये जमा करने होंगे। इसके अलावा प्रतियोगिता में आयु की बाध्यता नहीं है।
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बोर्ड परीक्षा के हिसाब से तैयारी नहीं हो पा रही है। बस पास होने लायक पढ़ाई कर पा रहे हैं। 12 फरवरी से परीक्षा हैं। खेल महोत्सव और तैयारी में सामंजस्य बिठाने की कोशिश करेंगे।
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अंकुर सिंह, खिलाड़ी।
इंटरमीडिएट करने के बाद सेना में जाने का सपना है। पढ़ाई रात में और सुबह में करते हैं। पेपर आने वाले हैं तो घरवाले पढ़ने के लिए दबाव बनाते हैं।
कपिल सिंह, खिलाड़ी।
रात को आठ से दस बजे तक पढ़ता हूं। 60 से 70 फीसदी अंकों का लक्ष्य है। इसके बाद आईटीआई करनी है। खेल महोत्सव अब हो जाता तो हमारे लिए आसानी रहती।
विपुल शर्मा, खिलाड़ी।
विज्ञान विषय कठिन लगता है। परिजनों ने 70 फीसदी से अधिक अंक लाने का लक्ष्य दिया है। खेल महोत्सव प्रतियोगिता जनवरी में होनी चाहिए थी।
भावना, खिलाड़ी।
सकारात्मक सोच के साथ आयोजन किया जा रहा है। यह खेल का माहौल बनाने के लिए है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट वाले खिलाड़ियों पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। इसमें आगे स्तर पर नहीं चयन होना है। एक-एक दिन में तीन-चार खेल निपटाए जाएंगे।
अनिमेष सक्सेना, क्रीड़ा अधिकारी।