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एक क्लिक में दिखेगा स्कूलों का सजरा
Updated Wed, 11 Jul 2018 02:48 AM IST
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मुरादाबाद। सरकारी स्कूलों और मदरसों की अब एक क्लिक में पूरी जानकारी मिल जाएगी। डिजिटल इंडिया के तहत स्कूलों और मदरसों को जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। मुरादाबाद शहरी क्षेत्र में पहले चरण में 722 स्कूल और मदरसे इसके लिए चयनित हुए हैं। स्कूलों की गूगल मैपिंग पूरी हो चुकी है।
सरकारी शिक्षण संस्थानों एवं मदरसों की निगरानी करने के लिए उनका डेटा और लोकेशन ऑनलाइन किया जा रहा है। वर्तमान में सरकारी स्कूलों और मदरसों की स्थिति खराब है। देहात क्षेत्र के दूर दराज के स्कूलों की शिक्षा अधिकारियों को तक जानकारी नहीं होती है। स्कूलों में शिक्षक भी गैरहाजिर रहते हैं और असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। भारत सरकार सरकारी स्कूलों एवं मदरसों में शिक्षा सुधार के लिए तमाम प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में स्कूलों और मदरसों को जीआईएस से जोड़ा जा रहा है।
जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ने के लिए पायलट प्रोजेक्ट में मुरदाबाद नगर क्षेत्र के 722 स्कूलों और मदरसों को पहले चरण में शामिल किया है। इनमें प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और इंटर कालेज शामिल हैं। मोबाइल ऐप की मदद से स्कूलों और मदरसों का अक्षांश और देशांतर (लोकेशन) के साथ नगर संसाधन केंद्र में डेटा आनलाइन किया जा रहा है। जुलाई आखिर तक पहले चरण के स्कूलों का डेटा और लोकेशन आनलाइन हो जाएगी। दूसरे चरण में देहात क्षेत्र के स्कूलों और मदरसों को शामिल किया जाएगा।
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सरकारी शिक्षण संस्थानों एवं मदरसों की निगरानी करने के लिए उनका डेटा और लोकेशन ऑनलाइन किया जा रहा है। वर्तमान में सरकारी स्कूलों और मदरसों की स्थिति खराब है। देहात क्षेत्र के दूर दराज के स्कूलों की शिक्षा अधिकारियों को तक जानकारी नहीं होती है। स्कूलों में शिक्षक भी गैरहाजिर रहते हैं और असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। भारत सरकार सरकारी स्कूलों एवं मदरसों में शिक्षा सुधार के लिए तमाम प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में स्कूलों और मदरसों को जीआईएस से जोड़ा जा रहा है।
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जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ने के लिए पायलट प्रोजेक्ट में मुरदाबाद नगर क्षेत्र के 722 स्कूलों और मदरसों को पहले चरण में शामिल किया है। इनमें प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और इंटर कालेज शामिल हैं। मोबाइल ऐप की मदद से स्कूलों और मदरसों का अक्षांश और देशांतर (लोकेशन) के साथ नगर संसाधन केंद्र में डेटा आनलाइन किया जा रहा है। जुलाई आखिर तक पहले चरण के स्कूलों का डेटा और लोकेशन आनलाइन हो जाएगी। दूसरे चरण में देहात क्षेत्र के स्कूलों और मदरसों को शामिल किया जाएगा।
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