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लॉकडाउन के सूनेपन में गूंजी 190 किलकारियां
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मुरादाबाद। कोरोना का फैलता संक्रमण और संक्रमित लोगों के मौतों का सिलसिला जारी है। कोरोना की दहशत के बीच मुरादाबाद महिला अस्पताल में एक महीने में 190 किलकारियां भी गूंजी हैं। चिकित्सकों ने 55 सीजेरियन और 135 सुरक्षित प्रसव कराए हैं। किलकारियों की खुशियों के बीच परिवारों को लॉकडाउन खुलने का इंतजार भी है। हर कोई इसके इंतजार में बेताब है, ताकि नवजात शिशुओं के नामकरण संस्कार में नाते-रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ अपनी खुशी बांट सके।
मुरादाबाद जिले में पहला कोरोना संक्रमण का केस 19 मार्च को आया था। 12 अप्रैल से यकायक संक्रमित केसों की संख्या बढ़ने लगी। पहला लॉकडाउन शुरू होने के साथ लोगों में कोरोना की दहशत बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग के वारियर्स में संक्रमण फैलने की घटनाओं से लोग अस्पताल जाने से भी कतराने लगे। अस्पतालों में भी सुरक्षा मानक कड़े कर दिए गए। प्रसव पीड़ित महिलाएं कोरोना की दहशत को मात देकर अस्पतालों तक पहुंची और सुरक्षित प्रसव कराया।
जिला महिला अस्पताल में एक महीने में 190 प्रसव हुए हैं। इनमें 55 सीजेरियन और 135 नार्मल हैं। चिकित्सकों ने भी तमाम चुनौतियों को हराकर सुरक्षित प्रसव कराए हैं। सीएमएस डा. कल्पना सिंह बताती हैं, सीजेरियन प्रसव में संक्रमण का खतरा ज्यादा था। इसके बाद भी सुरक्षित प्रसव कराए। प्रसव से पहले और प्रसव के बाद भर्ती महिलाओं को कोरोना से खुद को कैसे सुरक्षित करें और शिशु की कैसी देखभाल करें, इसका प्रशिक्षण दिया गया।
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- अस्पताल में सामान्य तौर पर प्रतिमाह 250 से 300 डिलीवरी होती हैं। अप्रैल माह में 190 डिलीवरी कराई गईं और सभी सुरक्षित कराई गई।
- डा. कल्पना सिंह, सीएमएस।
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मुरादाबाद जिले में पहला कोरोना संक्रमण का केस 19 मार्च को आया था। 12 अप्रैल से यकायक संक्रमित केसों की संख्या बढ़ने लगी। पहला लॉकडाउन शुरू होने के साथ लोगों में कोरोना की दहशत बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग के वारियर्स में संक्रमण फैलने की घटनाओं से लोग अस्पताल जाने से भी कतराने लगे। अस्पतालों में भी सुरक्षा मानक कड़े कर दिए गए। प्रसव पीड़ित महिलाएं कोरोना की दहशत को मात देकर अस्पतालों तक पहुंची और सुरक्षित प्रसव कराया।
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जिला महिला अस्पताल में एक महीने में 190 प्रसव हुए हैं। इनमें 55 सीजेरियन और 135 नार्मल हैं। चिकित्सकों ने भी तमाम चुनौतियों को हराकर सुरक्षित प्रसव कराए हैं। सीएमएस डा. कल्पना सिंह बताती हैं, सीजेरियन प्रसव में संक्रमण का खतरा ज्यादा था। इसके बाद भी सुरक्षित प्रसव कराए। प्रसव से पहले और प्रसव के बाद भर्ती महिलाओं को कोरोना से खुद को कैसे सुरक्षित करें और शिशु की कैसी देखभाल करें, इसका प्रशिक्षण दिया गया।
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- डा. कल्पना सिंह, सीएमएस।