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दूसरे दिन भी गरजे स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jan 2019 02:14 AM IST
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दूसरे दिन भी गरजे स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी
मुरादाबाद।
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर एनएचएम के संविदा कर्मियों ने दूसरे दिन भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई का आह्वान किया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग के अभियानों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।
चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में एनएचएम के संविदा कर्मी सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर हैं। मुरादाबाद जिले में जिला अस्पताल, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा सीएमओ एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में 732 संविदा कर्मी तैनात हैं। इनमें डाक्टर, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, काउंसर, प्रोग्राम मैनेजर और डाटा इंट्री आपरेटरों के अलावा सफाई कर्मी एवं चौकीदार शामिल हैं। मंगलवार को कर्मचारियों ने दूसरे दिन सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दिया।
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संघ जिलाध्यक्ष अजीजुर रहीम ने कहा कि संविदा कर्मी सालों ने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। तीन अप्रैल 2016 को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संघ प्रतिनिधिमंडल से उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बने तीसरा साल शुरू हो गया है। सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मी नियमित कर्मियों से अधिक काम करते हैं। उनकी ड्यूटी के घंटे निर्धारित नहीं हैं। विभागीय अभियानों में संविदा कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बाद भी उनका वेतनमान काफी कम है। अध्यक्ष ने कहा समान काम का समान वेतन दिया जाए। संघ अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारी संयुक्त परिषद और पीएमएस संघ ने भी उनकी हड़ताल को समर्थन दे दिया है।
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महामंत्री विपिन चंद्र भट्ट ने कहा कि विशिष्ट सेवा नीति को तत्काल लागू कर ठेका प्रथा समाप्त की जाए। संविदा कर्मियों का समायोजन कर नए पद सृजित किए जाए। उन्होंने कहा कि आकस्मिक सेवाओं को कार्य बहिष्कार से मुक्त रखा गया है। सरकार ने सुनवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में आपातकालीन सेवाएं भी बाधित की जाएंगी। वक्ताओं ने आशाओं का मानदेय दस हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की। इस अवसर डा. जुल्फिकार हुसैन, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ केके वाष्णेय, डा. मोहम्मद जावेद, हेमंत चौधरी, डॉ जगवीर सिंह, अतरपाल सिंह, रजनी सिंह, सुशील कुमार, सोमेंद्र, चंचल सिंह, सरोज कुमार, पुष्पा यादव आदि रहे।
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