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नए शैक्षिक सत्र से एक परिसर के स्कूलों का समायोजन
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मुरादाबाद।
एक ही परिसर में संचालित बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों का नए शैक्षिक सत्र से समायोजन हो जाएगा। मुरादाबाद जिले में स्कूलों का चयन कर समायोजन संबंधी तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले में समायोजन के बाद 28 प्राथमिक स्कूलों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इन स्कूलों की गिनती उच्च प्राथमिक स्कूलों में शामिल हो जाएगी।
शैक्षिक सुधार के लिए प्रदेश सरकार तमाम कवायद कर रही है। मुरादाबाद जिले में करीब 1200 प्राथमिक एवं 527 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। स्कूलों में करीब पांच हजार शिक्षकों की तैनाती है। आरटीई के अंतर्गत स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर प्रधानाध्यापक की तैनाती का मानक लागू हो गया है। इसके बाद भी दर्जनों स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने रिक्त पदों को भरने के विकल्प के साथ एक परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों के समायोजन के आदेश दिए हैं।
अप्रैल में नए शिक्षा सत्र से समायोजन प्रभावी हो जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मुताबिक जिले में 28 स्कूलों को चिह्नित किया है। इन स्कूलों का उच्च प्राथमिक स्कूलों में समायोजन होना है। इससे वरिष्ठ शिक्षक को ही स्कूल के प्रधानाध्यापक को ही वित्तीय एवं शैक्षिक प्रबंधन का दायित्व मिल जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शैक्षिक गतिविधियों के साथ अनुशासन बढ़ने के साथ और खर्च में कमी आएगी। शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने विरोध को दरकिनार करते हुए निदेशालय ने समायोजन संबंधी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिए हैं। समायोजन के बाद किसी स्कूल में शिक्षकों की कमी होगी तो आरटीई मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। दोनों ही स्कूलों की अध्यापक अभिभाव प्रबंध समिति भी एक ही बनेगी।
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एक ही परिसर में संचालित बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों का नए शैक्षिक सत्र से समायोजन हो जाएगा। मुरादाबाद जिले में स्कूलों का चयन कर समायोजन संबंधी तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले में समायोजन के बाद 28 प्राथमिक स्कूलों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इन स्कूलों की गिनती उच्च प्राथमिक स्कूलों में शामिल हो जाएगी।
शैक्षिक सुधार के लिए प्रदेश सरकार तमाम कवायद कर रही है। मुरादाबाद जिले में करीब 1200 प्राथमिक एवं 527 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। स्कूलों में करीब पांच हजार शिक्षकों की तैनाती है। आरटीई के अंतर्गत स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर प्रधानाध्यापक की तैनाती का मानक लागू हो गया है। इसके बाद भी दर्जनों स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने रिक्त पदों को भरने के विकल्प के साथ एक परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों के समायोजन के आदेश दिए हैं।
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अप्रैल में नए शिक्षा सत्र से समायोजन प्रभावी हो जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मुताबिक जिले में 28 स्कूलों को चिह्नित किया है। इन स्कूलों का उच्च प्राथमिक स्कूलों में समायोजन होना है। इससे वरिष्ठ शिक्षक को ही स्कूल के प्रधानाध्यापक को ही वित्तीय एवं शैक्षिक प्रबंधन का दायित्व मिल जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शैक्षिक गतिविधियों के साथ अनुशासन बढ़ने के साथ और खर्च में कमी आएगी। शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने विरोध को दरकिनार करते हुए निदेशालय ने समायोजन संबंधी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिए हैं। समायोजन के बाद किसी स्कूल में शिक्षकों की कमी होगी तो आरटीई मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। दोनों ही स्कूलों की अध्यापक अभिभाव प्रबंध समिति भी एक ही बनेगी।
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