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150 कर्मियों की सेवा समाप्ति का नोटिस
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मुरादाबाद।
जिला अस्पताल में कार्यरत 150 संविदा कर्मियों की 31 मार्च को सेवाएं खत्म हो जाएंगी। शुक्रवार को सेवाएं समाप्ति का नोटिस जारी होते ही कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारियों ने अस्पताल में सामूहिक प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालने के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। 150 कर्मचारी निकाले जाने से जिला अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह लड़खड़ा जाएंगी।
जिला अस्पताल में पांच सौ से अधिक कर्मचारियों की तैनाती है। इनमें 150 कर्मचारी टी एंड एम सर्विसेज कंपनी के हैं। कंपनी का अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो रहा है। कंपनी ने शुक्रवार को कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया। इससे भड़क कर्मचारियों ने संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। संघ अध्यक्ष ब्रज किशोर और जिला मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि कंपनी ने कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी का वेतन जारी नहीं किया है। कर्मचारी पिछले चार साल से कार्यरत हैं। कंपनी ने अब परियोजना समाप्ति का हवाला देकर 150 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का नोटिस पकड़ा दिया है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी डिप्लोमाधारी और अनुभवी हैं। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि कंपनी का अनुबंधन नवीनीकरण होने की स्थिति में कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर लगाया जाए। इस दौरान दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
लड़खड़ा जाएंगी चिकित्सा सेवाएं
जिला अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं संविदा कर्मियों पर ही निर्भर हैं। संविदा कर्मियों में स्टाफ नर्स, डेटा आपरेटर, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, क्लर्क, एमआरडी क्लर्क, कंप्यूटर आपरेटर, वार्ड आया, वार्ड ब्वाय शामिल हैं। कर्मियों को निकाला गया तो अप्रैल से चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बाधित हो जाएंगी।
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आज फिर करेंगे प्रदर्शन
संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर शनिवार को भी संविदा कर्मी अस्पताल में प्रदर्शन करेंगे। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना एवं भूख हड़ताल करने पर मजबूर होंगे।
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जिला अस्पताल में कार्यरत 150 संविदा कर्मियों की 31 मार्च को सेवाएं खत्म हो जाएंगी। शुक्रवार को सेवाएं समाप्ति का नोटिस जारी होते ही कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारियों ने अस्पताल में सामूहिक प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालने के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। 150 कर्मचारी निकाले जाने से जिला अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह लड़खड़ा जाएंगी।
जिला अस्पताल में पांच सौ से अधिक कर्मचारियों की तैनाती है। इनमें 150 कर्मचारी टी एंड एम सर्विसेज कंपनी के हैं। कंपनी का अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो रहा है। कंपनी ने शुक्रवार को कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया। इससे भड़क कर्मचारियों ने संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। संघ अध्यक्ष ब्रज किशोर और जिला मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि कंपनी ने कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी का वेतन जारी नहीं किया है। कर्मचारी पिछले चार साल से कार्यरत हैं। कंपनी ने अब परियोजना समाप्ति का हवाला देकर 150 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का नोटिस पकड़ा दिया है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी डिप्लोमाधारी और अनुभवी हैं। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि कंपनी का अनुबंधन नवीनीकरण होने की स्थिति में कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर लगाया जाए। इस दौरान दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
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लड़खड़ा जाएंगी चिकित्सा सेवाएं
जिला अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं संविदा कर्मियों पर ही निर्भर हैं। संविदा कर्मियों में स्टाफ नर्स, डेटा आपरेटर, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, क्लर्क, एमआरडी क्लर्क, कंप्यूटर आपरेटर, वार्ड आया, वार्ड ब्वाय शामिल हैं। कर्मियों को निकाला गया तो अप्रैल से चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बाधित हो जाएंगी।
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आज फिर करेंगे प्रदर्शन
संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर शनिवार को भी संविदा कर्मी अस्पताल में प्रदर्शन करेंगे। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना एवं भूख हड़ताल करने पर मजबूर होंगे।