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रामगंगा ने गिराए कई पक्के मकान
Updated Mon, 03 Sep 2018 01:52 AM IST
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मुरादाबाद।
रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ ही कटान शुरू हो गया है। रविवार को हृदयपुर गांव में कई पक्के मकान कटान से गिर गए। उसकेसाथ ही नदी ने ठाकुरद्वारा विकास खंड के राईभूड़ सहित 15 गांवों में कटान शुरू कर दिया है। गंावों पर मंडरा रहे खतरे के चलते अफसरों ने बचाव कार्य शुरू करा दिया है।
रामगंगा का जल स्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ा तो उसकेसाथ ही खतरा भी बढ़ गया। दोपहर में रामगंगा ने हृदयपुर गांव को निशाना बनाया। वहां पर कई पक्के मकान गिर गए। उसकेबाद हरकत में आए अफसरों ने गांव में कटान रोकने को मशक्कत शुरू कर दी है। बाढ़ आने की आशंका के चलते ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कई गांवों में डौलबंदी कराई गई थी। जगह-जगह डैपनर भी डाले गए थे। उसकेबावजूद रामगंगा केतेज बहाव को ये नहीं झेल पाए और बह गए। उसके बाद प्रशासन ने फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। रात में भी गंावों में निगरानी कराई जा रही है।
रामगंगा के कटान पर अफसरों की नजर लगी है। कटान वाले क्षेत्रों में पेड़ काटकर डाले जा रहेहैं। जगह-जगह बालू भरकर प्लास्टिक के बोरे लगाए गए हैं। इसकेसाथ ही ग्रामीणोंको भी बाढ़ का पानी रोकने को उपाय करने को कहा गया है।
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रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ ही कटान शुरू हो गया है। रविवार को हृदयपुर गांव में कई पक्के मकान कटान से गिर गए। उसकेसाथ ही नदी ने ठाकुरद्वारा विकास खंड के राईभूड़ सहित 15 गांवों में कटान शुरू कर दिया है। गंावों पर मंडरा रहे खतरे के चलते अफसरों ने बचाव कार्य शुरू करा दिया है।
रामगंगा का जल स्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ा तो उसकेसाथ ही खतरा भी बढ़ गया। दोपहर में रामगंगा ने हृदयपुर गांव को निशाना बनाया। वहां पर कई पक्के मकान गिर गए। उसकेबाद हरकत में आए अफसरों ने गांव में कटान रोकने को मशक्कत शुरू कर दी है। बाढ़ आने की आशंका के चलते ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कई गांवों में डौलबंदी कराई गई थी। जगह-जगह डैपनर भी डाले गए थे। उसकेबावजूद रामगंगा केतेज बहाव को ये नहीं झेल पाए और बह गए। उसके बाद प्रशासन ने फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। रात में भी गंावों में निगरानी कराई जा रही है।
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रामगंगा के कटान पर अफसरों की नजर लगी है। कटान वाले क्षेत्रों में पेड़ काटकर डाले जा रहेहैं। जगह-जगह बालू भरकर प्लास्टिक के बोरे लगाए गए हैं। इसकेसाथ ही ग्रामीणोंको भी बाढ़ का पानी रोकने को उपाय करने को कहा गया है।
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