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टास्क फोर्स जांचेंगी मिड डे मील खाने की गुणवता
Updated Fri, 31 Aug 2018 02:12 AM IST
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मुरादाबाद।
प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठने पर सरकार ने राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित कर दी है। टास्क फोर्स स्कूलों का औचक निरीक्षण करेगी और खाने की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट सीधे शासन को देगी। खराब खाना परोसने वाली एनजीओ को काली सूची में डालने के साथ उनसे वसूली तक हो सकेगी।
सरकारी स्कूलों में बच्चों मिड डे मील में खाना परोसा जाता है। ग्रामीण इलाकों में खाना स्कूलों में ही बनता है। शहरी क्षेत्र एवं नगर पंचायतों में मध्याह्न भोजन का वितरण एनजीओ को सौंपा गया है। एनजीओ मनमानी करती हैं। साप्ताहिक रोस्टर से खाने का वितरण नहीं करती हैं। खाने की गुणवत्ता खराब होती है। दूध में पानी की अधिक मिलावट की जाती है। फल वितरण भी मनमाने ढंग से होता है। जिला प्रशासन से लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्कूलों में छापामारी में इसका खुलासा हो चुका है। एनजीओ को हिदायत देने से आगे कार्यवाही नहीं हो सकी है। बेसिक शिक्षा सचिव ने मध्याह्न भोजन के प्रभावी अनुश्रवण और गुणवत्ता परखने के लिए प्रदेश स्तरीय टास्क फोर्स गठित कर दी है। इसमें टास्क फोर्स स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगी। मुरादाबाद जिले के स्कूलों में औचक निरीक्षण के लिए टास्क फोर्स की जिम्मेदारी रामपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है। बिजनौर जिले का दायित्व जेपी नगर के जिला विद्यालय निरीक्षक, रामपुर में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और ज्योतिबा फूल नगर के स्कूलों के निरीक्षण का दायित्व जिला विद्यालय निरीक्षक अमरोहा को सौंपा गया है।
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प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठने पर सरकार ने राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित कर दी है। टास्क फोर्स स्कूलों का औचक निरीक्षण करेगी और खाने की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट सीधे शासन को देगी। खराब खाना परोसने वाली एनजीओ को काली सूची में डालने के साथ उनसे वसूली तक हो सकेगी।
सरकारी स्कूलों में बच्चों मिड डे मील में खाना परोसा जाता है। ग्रामीण इलाकों में खाना स्कूलों में ही बनता है। शहरी क्षेत्र एवं नगर पंचायतों में मध्याह्न भोजन का वितरण एनजीओ को सौंपा गया है। एनजीओ मनमानी करती हैं। साप्ताहिक रोस्टर से खाने का वितरण नहीं करती हैं। खाने की गुणवत्ता खराब होती है। दूध में पानी की अधिक मिलावट की जाती है। फल वितरण भी मनमाने ढंग से होता है। जिला प्रशासन से लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्कूलों में छापामारी में इसका खुलासा हो चुका है। एनजीओ को हिदायत देने से आगे कार्यवाही नहीं हो सकी है। बेसिक शिक्षा सचिव ने मध्याह्न भोजन के प्रभावी अनुश्रवण और गुणवत्ता परखने के लिए प्रदेश स्तरीय टास्क फोर्स गठित कर दी है। इसमें टास्क फोर्स स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगी। मुरादाबाद जिले के स्कूलों में औचक निरीक्षण के लिए टास्क फोर्स की जिम्मेदारी रामपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है। बिजनौर जिले का दायित्व जेपी नगर के जिला विद्यालय निरीक्षक, रामपुर में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और ज्योतिबा फूल नगर के स्कूलों के निरीक्षण का दायित्व जिला विद्यालय निरीक्षक अमरोहा को सौंपा गया है।
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