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मैटरनिटी विंग में शुरू होगी ओपीडी
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद।
महिला अस्पताल परिसर स्थित नवनिर्मित मैटरनिटी विंग इसी महीने शुरू हो जाएगा। ओपीडी से इसकी शुरुआत होगी। सृजित पदों पर डाक्टरों की तैनाती नहीं होने तक वैकल्पिक व्यवस्था कर मैटरनिटी विंग की ओपीडी चलाई जाएगी। डाक्टरों की तैनाती होते ही पूरी तरह विंग का संचालन किया जाएगा।
महिला अस्पताल 78 बेड का है। प्रतिदिन ओपीडी में करीब तीन सौ मरीज पहुंचते हैं। मरीजों के दबाव को देखते हुए महिला अस्पताल परिसर में ही 20 करोड़ की लागत से मैटरनिटी विंग का निर्माण किया गया है। इसमें 100 बेड हैं। पांच मंजिला मैटरनिटी विंग महिला अस्पताल प्रशासन को हस्तांतरित हो गया है। अस्पताल में 18 डाक्टरों और 46 पैरामेडिकल के पद भी सृजित हो चुके हैं। हालांकि, अभी तक इनकी तैनाती नहीं हो सकी है। सीएमओ विनीता अग्निहोत्री के मुताबिक मैटरनिटी विंग के हस्तांतरण के बाद उसकी ओपीडी शुरू करवाने की कवायद शुरू कर दी है।
ओपीडी संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। महिला अस्पताल में तैनात डाक्टरों के अलावा अन्य सरकारी अस्पतालों के सरप्लस डाक्टरों को अस्थायी रूप से अटैच किया जाएगा। इससे गरीब मरीजों को काफी मिलेगी राहत। सृजित पदों पर चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती होते ही मैटरनिटी विंग को पूरी तरह संचालित किया जाएगा। डाक्टरों की तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्राचार किया जा चुका है।
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- 26 मार्च को मैटरनिटी विंग अस्पताल को हस्तांतरित हो गया है। महिला अस्पताल में पहले से ही डाक्टरों की कमी है। मैटरनिटी विंग को चलाने के लिए सृजित पदों पर डाक्टरों की तैनाती जरूरी है। - कल्पना सिंह, सीएमएस
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महिला अस्पताल परिसर स्थित नवनिर्मित मैटरनिटी विंग इसी महीने शुरू हो जाएगा। ओपीडी से इसकी शुरुआत होगी। सृजित पदों पर डाक्टरों की तैनाती नहीं होने तक वैकल्पिक व्यवस्था कर मैटरनिटी विंग की ओपीडी चलाई जाएगी। डाक्टरों की तैनाती होते ही पूरी तरह विंग का संचालन किया जाएगा।
महिला अस्पताल 78 बेड का है। प्रतिदिन ओपीडी में करीब तीन सौ मरीज पहुंचते हैं। मरीजों के दबाव को देखते हुए महिला अस्पताल परिसर में ही 20 करोड़ की लागत से मैटरनिटी विंग का निर्माण किया गया है। इसमें 100 बेड हैं। पांच मंजिला मैटरनिटी विंग महिला अस्पताल प्रशासन को हस्तांतरित हो गया है। अस्पताल में 18 डाक्टरों और 46 पैरामेडिकल के पद भी सृजित हो चुके हैं। हालांकि, अभी तक इनकी तैनाती नहीं हो सकी है। सीएमओ विनीता अग्निहोत्री के मुताबिक मैटरनिटी विंग के हस्तांतरण के बाद उसकी ओपीडी शुरू करवाने की कवायद शुरू कर दी है।
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ओपीडी संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। महिला अस्पताल में तैनात डाक्टरों के अलावा अन्य सरकारी अस्पतालों के सरप्लस डाक्टरों को अस्थायी रूप से अटैच किया जाएगा। इससे गरीब मरीजों को काफी मिलेगी राहत। सृजित पदों पर चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती होते ही मैटरनिटी विंग को पूरी तरह संचालित किया जाएगा। डाक्टरों की तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्राचार किया जा चुका है।
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- 26 मार्च को मैटरनिटी विंग अस्पताल को हस्तांतरित हो गया है। महिला अस्पताल में पहले से ही डाक्टरों की कमी है। मैटरनिटी विंग को चलाने के लिए सृजित पदों पर डाक्टरों की तैनाती जरूरी है। - कल्पना सिंह, सीएमएस