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स्कूल वाहनों का किया सामूहिक परीक्षण
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद। परिवहन विभाग ने स्कूलों बसों की सामूहिक चेकिंग को अभियान शुरू किया है। एक सप्ताह में सभी 687 स्कूल बसों की चेकिंग की जाएगी। इनका चालान करने की बजाय नोटिस जारी किए जाएंगे। रविवार को 254 बसों की चेकिंग की गई। जिसमें से महज 118 ही पास हो सके। शेष वाहन फेल हो गए। संबंधित स्कूल-कालेजों को मानक पूरे कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
परिवहन विभाग के मानक के अनुसार स्कूल कॉलेज के वाहनों सेहत जांचने को अभियान चलाया गया है। इसकेलिए स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर बसों को आरटीओ कार्यालय मंगवाया गया है। रविवार को महानगर के स्कूलों की 254 बसों की जांच की गई। जिले में कुल 687 स्कूल बस पंजीकृत हैं। अब एक सप्ताह तक ग्रामीण क्षेत्रों की बसों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने रविवार को 15 मानकों पर बसों की जांच की।
इनमें स्कूल बसों के माडल, परमिट की वैधता, फिटनेस की वैधता, बसों का रंग, अग्निशमन यंत्र, फस्ट-एड बाक्स, साइड ग्रिल, इमरजेंसी गेट, चालक का पांच साल पुराना लाइसेंस, सीटों की दशा, वाहन के आगे व पीछे स्कूल वाहन लिखा होने, चालक की वर्दी, वाहन पर चारों ओर रिफ्लेक्टर टेप, वाहन पर स्कूल प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर और स्पीड गर्वनर की जांच की गई।
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बसों में मिली गड़बड़ी
ज्यादातर स्कूल बस मानकों के अनुसार नहीं मिलीं। 254 में से मात्र 118 बस ही मानकों पर खरी मिलीं। अन्य बसों के संबंध में स्कूल प्रबंधन को भी नोटिस की कॉपी भेजी गई है। संचालकों को बसों की कमियों को 15 दिन में ठीक कराकर दोबारा से परीक्षण कराना होगा। उससे पहले बसों का संचालन रोक दिया गया है।
- अंबरीश कुमार सिंह, एआरटीओ।
अगले सत्र में रास्तों में नहीं होगी स्कूल बसों की चेकिंग
शासन ने स्कूल बसों की चेकिंग रास्ते में करने पर रोक लगा दी है। स्कूलों के अगले सत्र से इसका पालन किया जाएगा। रास्ते में बसों की चेकिंग करने के दौरान छात्र परेशान होते थे। इसको देखते हुए अब बसों की चेकिंग छात्रों को उतारने के बाद स्कूल परिसर में हुआ करेगी।
बनाई जाएंगी अभिभावक टीम
बसों की फिटनेस व अन्य मानकों की जानकारी देने के लिए स्कूलों में अभिभावकों के साथ बैठकों का आयोजन किया जाएगा। बसों की निगरानी को अभिभावक टीम का गठन भी किया जाएगा। अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए उनको भी जिम्मेदार बनाया जाएगा।
- अंबुज कुमार सिंह, एआरटीओ।
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परिवहन विभाग के मानक के अनुसार स्कूल कॉलेज के वाहनों सेहत जांचने को अभियान चलाया गया है। इसकेलिए स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर बसों को आरटीओ कार्यालय मंगवाया गया है। रविवार को महानगर के स्कूलों की 254 बसों की जांच की गई। जिले में कुल 687 स्कूल बस पंजीकृत हैं। अब एक सप्ताह तक ग्रामीण क्षेत्रों की बसों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने रविवार को 15 मानकों पर बसों की जांच की।
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इनमें स्कूल बसों के माडल, परमिट की वैधता, फिटनेस की वैधता, बसों का रंग, अग्निशमन यंत्र, फस्ट-एड बाक्स, साइड ग्रिल, इमरजेंसी गेट, चालक का पांच साल पुराना लाइसेंस, सीटों की दशा, वाहन के आगे व पीछे स्कूल वाहन लिखा होने, चालक की वर्दी, वाहन पर चारों ओर रिफ्लेक्टर टेप, वाहन पर स्कूल प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर और स्पीड गर्वनर की जांच की गई।
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बसों में मिली गड़बड़ी
ज्यादातर स्कूल बस मानकों के अनुसार नहीं मिलीं। 254 में से मात्र 118 बस ही मानकों पर खरी मिलीं। अन्य बसों के संबंध में स्कूल प्रबंधन को भी नोटिस की कॉपी भेजी गई है। संचालकों को बसों की कमियों को 15 दिन में ठीक कराकर दोबारा से परीक्षण कराना होगा। उससे पहले बसों का संचालन रोक दिया गया है।
- अंबरीश कुमार सिंह, एआरटीओ।
अगले सत्र में रास्तों में नहीं होगी स्कूल बसों की चेकिंग
शासन ने स्कूल बसों की चेकिंग रास्ते में करने पर रोक लगा दी है। स्कूलों के अगले सत्र से इसका पालन किया जाएगा। रास्ते में बसों की चेकिंग करने के दौरान छात्र परेशान होते थे। इसको देखते हुए अब बसों की चेकिंग छात्रों को उतारने के बाद स्कूल परिसर में हुआ करेगी।
बनाई जाएंगी अभिभावक टीम
बसों की फिटनेस व अन्य मानकों की जानकारी देने के लिए स्कूलों में अभिभावकों के साथ बैठकों का आयोजन किया जाएगा। बसों की निगरानी को अभिभावक टीम का गठन भी किया जाएगा। अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए उनको भी जिम्मेदार बनाया जाएगा।
- अंबुज कुमार सिंह, एआरटीओ।