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निजी हाथों में सफाई व्यवस् था देने की तैयारी
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मुरादाबाद। बहुत जल्द नगर निगम की सफाई व्यवस्था की बागडोर निजी कंपनियों के हाथों में होगी। स्थानीय निकाय निदेशालय ने कचरा प्रबंधन के लिए निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे थे। अब दो जुलाई को निजी कंपनियां अपनी योजना का प्रस्तुतीकरण देंगी।
मुरादाबाद में कचरा प्रबंधन फिसड्डी होने की वजह से स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग में सुधार नहीं हो पा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लागू करने की कोशिशों में जुटा निगम बीते चार साल में सिर्फ सिंगापुर की कंपनी से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का करार कर सका है। कुछ ऐसा ही हाल बाकी जिलों का भी है। अब स्थानीय निकाय निदेशालय कचरा प्रबंधन के लिए निजी कंपनियों से अनुबंध करना चाहता है।
निदेशालय ने इन बिंदुओं को किया शामिल :
- मशीनों से झाड़ू लगाना
- सड़कों को साफ करना
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन
- कूड़े का सही निस्तारण
29 जून तक कंपनी भेजेंगी प्रस्ताव
निजी कं पनियों से स्मार्ट सिटी दौड़ में आगे रहने वाले शहरों के कचरा प्रबंधन के तौर तरीकों को माडल के रूप में लेेने का सुझाव भी दिया गया है। कंपनियों को अपने सुझाव 29 जून तक निदेशालय को भेजने हैं। स्थानीय निकाय निदेशालय की निदेशक डॉ. काजल ने दो जुलाई को इच्छुक कंपनियों को अपनी प्लानिंग देने के निर्देश जारी किए हैं।
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17 शहर में सही नतीजे तो होगी सूबे में लागू
मुरादाबाद समेत लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, वृंदावन, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी, सहारनपुर, फिरोजाबाद, बरेली, शाहजहांपुर में यह व्यवस्था पहले चरण में लागू की जानी है। अगर यह प्रयोग सफल होता है तो सूबे के 27 शहरों में लागू किया जाएगा।
कचरा प्रबंधन के लिए चार काम्पेक्टर लगाने पर काम पहले ही चल रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट हमारी प्राथमिकता पर है।
- संजय चौहान, नगर आयुक्त
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मुरादाबाद में कचरा प्रबंधन फिसड्डी होने की वजह से स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग में सुधार नहीं हो पा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लागू करने की कोशिशों में जुटा निगम बीते चार साल में सिर्फ सिंगापुर की कंपनी से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का करार कर सका है। कुछ ऐसा ही हाल बाकी जिलों का भी है। अब स्थानीय निकाय निदेशालय कचरा प्रबंधन के लिए निजी कंपनियों से अनुबंध करना चाहता है।
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निदेशालय ने इन बिंदुओं को किया शामिल :
- मशीनों से झाड़ू लगाना
- सड़कों को साफ करना
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन
- कूड़े का सही निस्तारण
29 जून तक कंपनी भेजेंगी प्रस्ताव
निजी कं पनियों से स्मार्ट सिटी दौड़ में आगे रहने वाले शहरों के कचरा प्रबंधन के तौर तरीकों को माडल के रूप में लेेने का सुझाव भी दिया गया है। कंपनियों को अपने सुझाव 29 जून तक निदेशालय को भेजने हैं। स्थानीय निकाय निदेशालय की निदेशक डॉ. काजल ने दो जुलाई को इच्छुक कंपनियों को अपनी प्लानिंग देने के निर्देश जारी किए हैं।
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17 शहर में सही नतीजे तो होगी सूबे में लागू
मुरादाबाद समेत लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, वृंदावन, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी, सहारनपुर, फिरोजाबाद, बरेली, शाहजहांपुर में यह व्यवस्था पहले चरण में लागू की जानी है। अगर यह प्रयोग सफल होता है तो सूबे के 27 शहरों में लागू किया जाएगा।
कचरा प्रबंधन के लिए चार काम्पेक्टर लगाने पर काम पहले ही चल रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट हमारी प्राथमिकता पर है।
- संजय चौहान, नगर आयुक्त