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हाईकोर्ट से मिली राहत से ईओ को दी बधाइयां
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:24 AM IST
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चंदौसी। सियासत की बिसात पर अधिशासी अधिकारी अमिता वरुण को मोहरा बनाकर प्रदेश शासन द्वारा ग्यारह सालों में किए गए चौदह तबादलों पर हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद नौकरशाही में खुशी का माहौल है। चंदौसी नगर पालिका परिषद में भी सुबह से सभी के चेहरों पर खुशी का माहौल दिया।
ईओ को लोग कार्यालय आकर बधाइयां देते नजर आए तो टेलीफोन पर दूरदराज से लोगों को नौकरशाही की स्वतंत्रता के लिए शुरू किए संघर्ष की सराहना की। साथ ही संघर्ष को जारी रखने हौसलाअफजाई की।
महिला अफसर अमिता वरुण द्वारा 11 सालों में अपने 14 तबादलों को चुनौती देने के बाद हाईकोर्ट ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए उनकी याचिका को मंजूर कर लिया। इसकी खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद सुबह से ही नगर पालिका परिषद का माहौल गहमागहमी भरा हो गया।
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अधिशासी अधिकारी के समर्थक सभासद व अन्य लोग नगर पालिका परिषद पहुंचने लगे। ईओ को न्यायिक जीत मिलने पर बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया। अधिशासी अधिकारी भी काफी खुश नजर आईं, क्योेंकि उनका कहना है कि यह जीत सिर्फ उनकी ही नहीं है, प्रदेशभर में ऐसे बहुत से अधिकारी कर्मचारी होंगे, जिनका तबादला राजनीतिक दबाव के कारण कर दिया जाता है।
एक साल में कई कई बार कर दिया जाता है। इससे उनकी कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है। इसके अलावा दिनभर दिल्ली, लखनऊ, प्रयाजराज, एटा सहित प्रदेश के कई जिलों ने लगातार फोन आते रहे।
ईओ के सियासती व्यवस्था के खिलाफ कदम उठाने पर सराहना की जाती रही। ईओ को बधाई देते हुए पूर्व सभासद कुलदीप वार्ष्णेय ने कहा कि वह ईमानदारी और मेहनत से अपना कार्य करती हैं, ऐसे में राजनीतिक मनमानी क्यों सहन करें। विकास करना चाहती हैं, समय पर कार्यालय में बैठकर समस्याएं सुनती हैं तो पालिकाध्यक्ष व अन्य को भी इसमें सहयोग प्रदान करना चाहिए। मिलजुल कर नेकनीयती से ही शहर का विकास किया जाना चाहिए।
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ईओ चंदौसी अमिता वरुण के तबादले के लिए शासन को लिखा है, यह सही बात है, क्योंकि वह अनुशासन व प्रोटोकाल को नहीं मानती हैं। यदि वह ईमानदार हैं तो मेरे पर भी कोई दाग नहीं है, अन्य पालिका कर्मी व सभासदों की ईमानदारी में भी कोई कमी नहीं है। चेयरमैन को नगर के लोगों ने चुना है, उसे दरकिनार, चेयरमैन के अधिकारों का भी अतिक्रमण करके पालिका का संचालन शुरू कर देना, चेयरमैन कुछ नहीं है, ऐसा साबित करने का प्रयास करना, यह ठीक नहीं है। आखिर, ऐसी क्या वजह हैकि अमिता वरुण से ही सभी पालिकाध्यक्षों को दिक्कत आने लगती है, ईओ तो प्रदेश में और भी है, ईमानदार भी है। ईओ को शासनादेशों को देखकर सियासत छोड़कर शासन की मंशानुरूप कार्य करना चाहिए। इंदू रानी, चेयरमैन-नगर पालिका परिषद, चंदौसी।
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ईओ को लोग कार्यालय आकर बधाइयां देते नजर आए तो टेलीफोन पर दूरदराज से लोगों को नौकरशाही की स्वतंत्रता के लिए शुरू किए संघर्ष की सराहना की। साथ ही संघर्ष को जारी रखने हौसलाअफजाई की।
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महिला अफसर अमिता वरुण द्वारा 11 सालों में अपने 14 तबादलों को चुनौती देने के बाद हाईकोर्ट ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए उनकी याचिका को मंजूर कर लिया। इसकी खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद सुबह से ही नगर पालिका परिषद का माहौल गहमागहमी भरा हो गया।
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अधिशासी अधिकारी के समर्थक सभासद व अन्य लोग नगर पालिका परिषद पहुंचने लगे। ईओ को न्यायिक जीत मिलने पर बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया। अधिशासी अधिकारी भी काफी खुश नजर आईं, क्योेंकि उनका कहना है कि यह जीत सिर्फ उनकी ही नहीं है, प्रदेशभर में ऐसे बहुत से अधिकारी कर्मचारी होंगे, जिनका तबादला राजनीतिक दबाव के कारण कर दिया जाता है।
एक साल में कई कई बार कर दिया जाता है। इससे उनकी कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है। इसके अलावा दिनभर दिल्ली, लखनऊ, प्रयाजराज, एटा सहित प्रदेश के कई जिलों ने लगातार फोन आते रहे।
ईओ के सियासती व्यवस्था के खिलाफ कदम उठाने पर सराहना की जाती रही। ईओ को बधाई देते हुए पूर्व सभासद कुलदीप वार्ष्णेय ने कहा कि वह ईमानदारी और मेहनत से अपना कार्य करती हैं, ऐसे में राजनीतिक मनमानी क्यों सहन करें। विकास करना चाहती हैं, समय पर कार्यालय में बैठकर समस्याएं सुनती हैं तो पालिकाध्यक्ष व अन्य को भी इसमें सहयोग प्रदान करना चाहिए। मिलजुल कर नेकनीयती से ही शहर का विकास किया जाना चाहिए।
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ईओ चंदौसी अमिता वरुण के तबादले के लिए शासन को लिखा है, यह सही बात है, क्योंकि वह अनुशासन व प्रोटोकाल को नहीं मानती हैं। यदि वह ईमानदार हैं तो मेरे पर भी कोई दाग नहीं है, अन्य पालिका कर्मी व सभासदों की ईमानदारी में भी कोई कमी नहीं है। चेयरमैन को नगर के लोगों ने चुना है, उसे दरकिनार, चेयरमैन के अधिकारों का भी अतिक्रमण करके पालिका का संचालन शुरू कर देना, चेयरमैन कुछ नहीं है, ऐसा साबित करने का प्रयास करना, यह ठीक नहीं है। आखिर, ऐसी क्या वजह हैकि अमिता वरुण से ही सभी पालिकाध्यक्षों को दिक्कत आने लगती है, ईओ तो प्रदेश में और भी है, ईमानदार भी है। ईओ को शासनादेशों को देखकर सियासत छोड़कर शासन की मंशानुरूप कार्य करना चाहिए। इंदू रानी, चेयरमैन-नगर पालिका परिषद, चंदौसी।