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गेहूं बुवाई को किसानों के नहीं मिल रही खाद, बुवाई प्रभावित होने की आशंका
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:12 AM IST
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चंदौसी। जिले में गेहूं की बुवाई शुरू हो गई है, लेकिन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद का अभाव बना है। जिले में गुन्नौर क्षेत्र में अधिकांश डीएपी और संभल-चंदौसी क्षेत्र में अधिकांश किसान एनपीके खाद का उपयोग करते हैं। हालांकि दोनों ही फास्फेटिक खादें ही हैं। गुन्नौर क्षेत्र की सहकारी समितियां आज भी बदायूं जिला सहकारी बैंक से जुड़ी हुई हैं, हालांकि खाद मुरादाबाद पीसीएफ से ही सप्लाई होती है, ऐसे में गुन्नौर की समितियों पर डीएपी नहीं होने के कारण किसान गेहूं की बुवाई की तैयारियां नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में तीन तहसीलों में गुन्नौर की खेती किसानी करने का तरीका कुछ बदला है, क्योंकि गुन्नौर गंगा नदी क्षेत्र में आता है। एनपीके व डीएपी दोनों की फास्फेटिक खादें हैं, लेकिन चंदौसी व संभल के किसान एनपीके 12-32-16 का प्रयोग अधिक करते हैं लेकिन पचास रुपये महंगी होने के बावजूद गुन्नौर के अधिकांश किसान डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) का प्रयोग करते हैं। गुन्नौर के अधिकांश सहकारी समितियों पर डीएपी का अभाव पिछले एक पखवाड़े से बना है। इधर, क्षेत्र में गेहूं की बुवाई शुरू हो चुकी है, जहां अधिक नमी हैं या गन्ना के बाद गेहूं की बुवाई की जानी है, वह किसान भी अपने खेतों को बुवाई के लिए तैयार करने में जुटे में हैं। यही कारण है कि डीएपी व एनपीके खाद खरीदने के लिए खाद विक्रय केंद्रों पर किसानों की इन दिनों लाइनें लगी हुई है। गुन्नौर को बदायूं जिले से अलग होकर संभल जिले में शामिल हुए सात सालों से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अभी गु्न्नौर तहसील क्षेत्र की सहकारी समितियां बदायूं जिला सहकारी बैंक से ही संबद्ध हैं। जिसके कारण जिले में गुन्नौर में खाद की आपूर्ति में दिक्कतें पेश आ रही हैं। कुल मिलाकर गुन्नौर के किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी बुवाई प्रभावित होने की आशंका है। क्योंकि फास्फेटिक खाद जमीन में ही मिलाई जाती है। बुवाई के बाद इस खाद का कोई काम नहीं है। इसलिए किसान बुवाई से पहले ही खेतों में खाद डालकर तैयार करना चाहते हैं। चंदौसी में भी खाद लेने के लिए विक्रय केंद्रों पर किसानों की लंबी लंबी लाइनें नजर आ रही हैं।
सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि संभल चंदौसी क्षेत्र की सहकारी समितियों पर एनपीके खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई है। तीन हजार मीट्रिक टन एनपीके का स्टाक है। मुरादाबाद में दो दिन पहले ही गुन्नौर के लिए डीएपी की रैक लग चुकी है, जिसकी आपूर्ति शीघ्र ही सहकारी समितियों पर की जा रही है। किसानों को गेहूं की बुवाई आदि के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
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गेहूं बुवाई को नहीं मिल रही खाद, किसान परेशान
गुन्नौर तहसील क्षेत्र की सहकारी समितियों पर डीएपी का अभाव
अमर उजाला ब्यूरो
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फोटो-15
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जिले में तीन तहसीलों में गुन्नौर की खेती किसानी करने का तरीका कुछ बदला है, क्योंकि गुन्नौर गंगा नदी क्षेत्र में आता है। एनपीके व डीएपी दोनों की फास्फेटिक खादें हैं, लेकिन चंदौसी व संभल के किसान एनपीके 12-32-16 का प्रयोग अधिक करते हैं लेकिन पचास रुपये महंगी होने के बावजूद गुन्नौर के अधिकांश किसान डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) का प्रयोग करते हैं। गुन्नौर के अधिकांश सहकारी समितियों पर डीएपी का अभाव पिछले एक पखवाड़े से बना है। इधर, क्षेत्र में गेहूं की बुवाई शुरू हो चुकी है, जहां अधिक नमी हैं या गन्ना के बाद गेहूं की बुवाई की जानी है, वह किसान भी अपने खेतों को बुवाई के लिए तैयार करने में जुटे में हैं। यही कारण है कि डीएपी व एनपीके खाद खरीदने के लिए खाद विक्रय केंद्रों पर किसानों की इन दिनों लाइनें लगी हुई है। गुन्नौर को बदायूं जिले से अलग होकर संभल जिले में शामिल हुए सात सालों से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अभी गु्न्नौर तहसील क्षेत्र की सहकारी समितियां बदायूं जिला सहकारी बैंक से ही संबद्ध हैं। जिसके कारण जिले में गुन्नौर में खाद की आपूर्ति में दिक्कतें पेश आ रही हैं। कुल मिलाकर गुन्नौर के किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी बुवाई प्रभावित होने की आशंका है। क्योंकि फास्फेटिक खाद जमीन में ही मिलाई जाती है। बुवाई के बाद इस खाद का कोई काम नहीं है। इसलिए किसान बुवाई से पहले ही खेतों में खाद डालकर तैयार करना चाहते हैं। चंदौसी में भी खाद लेने के लिए विक्रय केंद्रों पर किसानों की लंबी लंबी लाइनें नजर आ रही हैं।
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सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि संभल चंदौसी क्षेत्र की सहकारी समितियों पर एनपीके खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई है। तीन हजार मीट्रिक टन एनपीके का स्टाक है। मुरादाबाद में दो दिन पहले ही गुन्नौर के लिए डीएपी की रैक लग चुकी है, जिसकी आपूर्ति शीघ्र ही सहकारी समितियों पर की जा रही है। किसानों को गेहूं की बुवाई आदि के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
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गेहूं बुवाई को नहीं मिल रही खाद, किसान परेशान
गुन्नौर तहसील क्षेत्र की सहकारी समितियों पर डीएपी का अभाव
अमर उजाला ब्यूरो
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