{"_id":"5bf84967bdec2241836ba974","slug":"154299842211-chandausi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर के चार प्रोफेसरों पर एससी-एसटी के तहत मामला दर्ज होने पर भारतीय अखंड मंच ने जताई आपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर के चार प्रोफेसरों पर एससी-एसटी के तहत मामला दर्ज होने पर भारतीय अखंड मंच ने जताई आपत्ति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
चंदौसी में भारतीय अखंड मंच की परशुराम पार्क में आयोजित बैठक में आईआईटी कानपुर के चार प्रोफेसरों पर एससी/ एसटी के तहत रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह आईआईटी का आपसी मामला था, ऐसे में प्रोफेसरों पर एससी/ एसटी की रिपोर्ट अनुचित है। इसकी निंदा की जानी चाहिए।
विज्ञापन
बैठक मे रतन वार्ष्णेय ने कहा कि अन्याय की पराकाष्ठा को पार करने की सीमा टूट रही है। इसलिए अब सामान्य व पिछड़ा वर्ग की जातियों को अपनी एकजुटता दिखानी होगी। अनिरुद्ध शंखधार ने कहा कि आईआईटी कानपुर के प्रो. ईशान शर्मा, प्रो. संजय मित्तल, प्रो. राजीव शेखर, प्रो. चंद्रशेखर के खिलाफ दर्ज कराया गया एससी/एसटी के मामला तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। इंद्रेश अग्रवाल ने कहा कि कुछ लोग इस एक्ट का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस एक्ट से निकलने का कोई रास्ता ही नहीं है। इसमें सतीश सिंह, राम बल्लभ रावत, देव मौर्य, वंश प्रजाति, संजय गुप्ता, राधेश्याम मिश्रा, बिट्टू ठाकुर, बाबूराम सक्सेना, रजनी शर्मा, कमलेश, सुगंधा चौहान, पुष्पा मल्होत्रा, संजीव शर्मा आदि कई लोग शामिल रहे।
विज्ञापन