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मान-सम्मान को लेकर आक्रोशित शिक्षकों ने प्रदेश सरकार को कोसा
Updated Sun, 07 Oct 2018 01:05 AM IST
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बहजोई। शिक्षक दिवस पर लोकभवन लखनऊ में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दिए गए असंवेदनशील बयान से आक्रोशित वित्त-विहीन शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के मान-सम्मान की मांग को लेकर लखनऊ शिक्षक खंड के एमएलसी उमेश द्विवेदी के नेतृत्व में शिक्षक विरोधी योगी हटाओ, मानदेय पाओ-सम्मान बचाओ रैली 10 वें दिन जिला संभल पहुंची। इसके तहत बहजोई इंटरमीडिएट कालेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमएलसी उमेश द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने असंवेदनशील वक्तव्य को तत्काल वापस लेते हुए प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मान जनक मानदेय की व्यवस्था करे।
उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा में 87 प्रतिशत का योगदान करने वाले करीब साढ़े तीन लाख शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपेक्षा सरकार को बहुत महंगी पड़ेगी। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं बरेली मुरादाबाद शिक्षक खंड के एमएलसी संजय कुमार मिश्र ने कहा कि अपने उज्ज्वल भविष्य की चाहत रखने वाले इन शिक्षकों को सबका साथ-सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछली सरकार की ओर से प्रारंभ किए गए मानदेय को भी बंद कर दिया, जिससे वह हताश एवं निराश हैं। सरकार समय रहते समस्या का समाधान करें।
महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने कहा कि लोक तांत्रिक तरीके से अपनी मांग करने वाले तथा विरोध प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को अपमान करके उनका अधिकार न देना प्रदेश के मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया है। इसका पूरे प्रदेश में रैली करके इस प्रकार सरकार को उखाड़ फेंकने का काम शिक्षक महासभा करेगी। शिक्षक महासभा के प्रदेश प्रधान महासचिव अशोक कुमार राठौर ने कहा कि लोक तांत्रिक तरीके से अपना हक मांगने वाले शिक्षकों का सरकार के मुखिया ने जो अपमान किया है, वह असहनीय है। इसे शिक्षक समाज कभी माफ नहीं करेगा। रैली में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों में जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह यादव, जिला महासचिव अवधेश यादव, उपाध्यक्ष किशन लाल आदि ने डीआईओएस को ज्ञापन सौंपा।
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उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा में 87 प्रतिशत का योगदान करने वाले करीब साढ़े तीन लाख शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपेक्षा सरकार को बहुत महंगी पड़ेगी। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं बरेली मुरादाबाद शिक्षक खंड के एमएलसी संजय कुमार मिश्र ने कहा कि अपने उज्ज्वल भविष्य की चाहत रखने वाले इन शिक्षकों को सबका साथ-सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछली सरकार की ओर से प्रारंभ किए गए मानदेय को भी बंद कर दिया, जिससे वह हताश एवं निराश हैं। सरकार समय रहते समस्या का समाधान करें।
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महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने कहा कि लोक तांत्रिक तरीके से अपनी मांग करने वाले तथा विरोध प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को अपमान करके उनका अधिकार न देना प्रदेश के मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया है। इसका पूरे प्रदेश में रैली करके इस प्रकार सरकार को उखाड़ फेंकने का काम शिक्षक महासभा करेगी। शिक्षक महासभा के प्रदेश प्रधान महासचिव अशोक कुमार राठौर ने कहा कि लोक तांत्रिक तरीके से अपना हक मांगने वाले शिक्षकों का सरकार के मुखिया ने जो अपमान किया है, वह असहनीय है। इसे शिक्षक समाज कभी माफ नहीं करेगा। रैली में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों में जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह यादव, जिला महासचिव अवधेश यादव, उपाध्यक्ष किशन लाल आदि ने डीआईओएस को ज्ञापन सौंपा।
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