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भू-माफिया के खिलाफ कल से एडीएम कार्यालय पर गरजेंगे किसान
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:23 AM IST
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धनारी/चंदौसी। भारतीय किसान यूनियन (अअ) के कार्यकर्ताओं की धनारी के जनता जूनियर हाई स्कूल के परिसर में आयोजित महापंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहाकि यह विडंबना ही है कि किसानों को अपना पैसा लेने के लिए सड़कों पर चालीस चालीस दिन तक धरना देना पड़ रहा है। गुन्नौर प्रशासन भूमाफिया के आगे नतमस्तक हो गया है। एडीएम का आदेश गुन्नौर पुलिस मानने को तैयार नहीं है। इसलिए अब धनारी में धरना समाप्त किया जा रहा है, 28 सितंबर से अब एडीएम कार्यालय संभल में बेमियादी धरना दिया जाएगा।
दस सूत्रीय मांगों को लेकर धनारी में भाकियू (अअ) के कार्यकर्ता पिछले चालीस दिनों से धरना दे रहे थे लेकिन गुन्नौर प्रशासन ने उनकी सुधि नहीं ली। आखिरकार किसानों ने आज महापंचायत आयोजित की जिसमें जब राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह पहुंचे और उप जिलाधिकारी को एक घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद रोड जाम करने का ऐलान किया तो एसडीएम कुछ ही देर बाद महापंचायत में पहुंच गए। गुन्नौर पुलिस को भी बु ला लिया। किसानों की कई समस्याओं पर बातचीत की गई। जिसमें एसडीएम ने अपने स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने व बड़ी समस्याओं को शासन को अवगत कराकर समाधान कराने का भरोसा दिया लेकिन भावनगर में एक भूमाफिया द्वारा जमीन पर कब्जा हटवाने के बाद दोबारा कब्जा कर लेने के मामले में कार्रवाई करने से कतरा गए। हालांकि इसमें एडीएम संभल ने स्पष्ट आदेश दिया कि दोबारा कब्जा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए लेकिन गुन्नौर पुलिस ने कहाकि एसडीएम का आदेश लाओ, तभी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने भी एडीएम के आदेश पर कोई बातचीत नहीं की। इस पर चौधरी हरपाल सिंह ने ऐलान किया कि यह पहली तहसील है, जहां का प्रशासन अपने ही एडीएम का आदेश मानने को तैयार नहीं है। इसलिए अब 28 सितंबर से एडीएम कार्यालय संभल पर बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। एडीएम से अपने ही आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि डीजल पेट्रोल अत्यधिक महंगा हो गया है। एनपीके, यूरिया, डीजल, पेट्रोल, एलपीजी गैस के मूल्य लगातार बढाए जा रहे है। किसानो का बकाया गन्ना भुगतान नहीं दिलाया जा रहा है। आखिरकार किसान अपना जीविकोपार्जन कैसे करे। एसडीएम गु़ुन्नौर ने किसानों से धान विक्रय के लिए पंजीकरण कराने की अपील की। इसके बाद चालीस दिनों से चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। इसमें राष्ट्रीय सचिव ऋषिपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव आशिक रजा, हुकुम सिंह मीणा, महासचिव संजीव गांधी, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, जयवीर सिंह, मोरध्वज यादव, नवनीत चौधरी, अर्जुन, अफसर अली आदि शामिल रहे।
भदरौला गांव के गन्ना सट्टों का सत्यापन कराने की मांग
चंदौसी। भारतीय किसान यूनियन (अअ) के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला गन्नाधिकारी से मिलकर भदरौला के किसानों के गन्ना सट्टों का सत्यापन कराने की मांग की। आरोप लगाया गया कि गांव में बड़ी संख्या फर्जी सट्टे बनाए गए हैं। भाकियू (अअ) के मंडल महासचिव चौधरी संजीव गांधी की अगुवाई में किसानों ने जिला गन्नाधिकारी कुलदीप कुमार सिंह से मिलकर बातचीत की। उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि भदरौला गांव हसनपुर गन्ना समिति से जुड़ा हुआ है लेकिन यहां के किसानों का गन्ना डीएसएम शुगर मिल असमोली को आपूर्ति किया जाता है। जबकि शासन ने शत प्रतिशत सत्यापित करने के बाद ही किसानों के गन्ने का सट्टा बनाने के निर्देश दिए थे। आशंका है कि भदरौला गांव में बड़ी संख्या में बिना जमीन वालों के ही सट्टे बना दिए गए हैं। इसलिए भदरौला गांव के किसानों का सट्टा सत्यापित कराया जाना चाहिए।
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दस सूत्रीय मांगों को लेकर धनारी में भाकियू (अअ) के कार्यकर्ता पिछले चालीस दिनों से धरना दे रहे थे लेकिन गुन्नौर प्रशासन ने उनकी सुधि नहीं ली। आखिरकार किसानों ने आज महापंचायत आयोजित की जिसमें जब राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह पहुंचे और उप जिलाधिकारी को एक घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद रोड जाम करने का ऐलान किया तो एसडीएम कुछ ही देर बाद महापंचायत में पहुंच गए। गुन्नौर पुलिस को भी बु ला लिया। किसानों की कई समस्याओं पर बातचीत की गई। जिसमें एसडीएम ने अपने स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने व बड़ी समस्याओं को शासन को अवगत कराकर समाधान कराने का भरोसा दिया लेकिन भावनगर में एक भूमाफिया द्वारा जमीन पर कब्जा हटवाने के बाद दोबारा कब्जा कर लेने के मामले में कार्रवाई करने से कतरा गए। हालांकि इसमें एडीएम संभल ने स्पष्ट आदेश दिया कि दोबारा कब्जा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए लेकिन गुन्नौर पुलिस ने कहाकि एसडीएम का आदेश लाओ, तभी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने भी एडीएम के आदेश पर कोई बातचीत नहीं की। इस पर चौधरी हरपाल सिंह ने ऐलान किया कि यह पहली तहसील है, जहां का प्रशासन अपने ही एडीएम का आदेश मानने को तैयार नहीं है। इसलिए अब 28 सितंबर से एडीएम कार्यालय संभल पर बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। एडीएम से अपने ही आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि डीजल पेट्रोल अत्यधिक महंगा हो गया है। एनपीके, यूरिया, डीजल, पेट्रोल, एलपीजी गैस के मूल्य लगातार बढाए जा रहे है। किसानो का बकाया गन्ना भुगतान नहीं दिलाया जा रहा है। आखिरकार किसान अपना जीविकोपार्जन कैसे करे। एसडीएम गु़ुन्नौर ने किसानों से धान विक्रय के लिए पंजीकरण कराने की अपील की। इसके बाद चालीस दिनों से चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। इसमें राष्ट्रीय सचिव ऋषिपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव आशिक रजा, हुकुम सिंह मीणा, महासचिव संजीव गांधी, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, जयवीर सिंह, मोरध्वज यादव, नवनीत चौधरी, अर्जुन, अफसर अली आदि शामिल रहे।
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भदरौला गांव के गन्ना सट्टों का सत्यापन कराने की मांग
चंदौसी। भारतीय किसान यूनियन (अअ) के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला गन्नाधिकारी से मिलकर भदरौला के किसानों के गन्ना सट्टों का सत्यापन कराने की मांग की। आरोप लगाया गया कि गांव में बड़ी संख्या फर्जी सट्टे बनाए गए हैं। भाकियू (अअ) के मंडल महासचिव चौधरी संजीव गांधी की अगुवाई में किसानों ने जिला गन्नाधिकारी कुलदीप कुमार सिंह से मिलकर बातचीत की। उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि भदरौला गांव हसनपुर गन्ना समिति से जुड़ा हुआ है लेकिन यहां के किसानों का गन्ना डीएसएम शुगर मिल असमोली को आपूर्ति किया जाता है। जबकि शासन ने शत प्रतिशत सत्यापित करने के बाद ही किसानों के गन्ने का सट्टा बनाने के निर्देश दिए थे। आशंका है कि भदरौला गांव में बड़ी संख्या में बिना जमीन वालों के ही सट्टे बना दिए गए हैं। इसलिए भदरौला गांव के किसानों का सट्टा सत्यापित कराया जाना चाहिए।
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