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गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए कवायद शुरू
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:40 AM IST
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चंदौसी। वीनस शुगर मिल मझावली पर बकाया भुगतान का मामला प्रदेश शासन तक पहुंच गया है। प्रमुख सचिव (चीनी उद्योग) ने जिला गन्ना अधिकारी से मिल पर बकाया स्थिति की ताजा रिपोर्ट मांगी है। चीनी मिल का दावा है कि गन्ना समिति ने पुराने बकाया की जो भी सूची दी थी, उसकी पहली किस्त का पूरा भुगतान कर दिया गया है। इसके बाद अभी तक समिति ने बकाये की कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई है।
करीब सात साल बंद रहने के बाद पिछले साल वीनस शुगर मिल मझावली ने अपना पेराई सत्र शुरू किया था। हालांकि अभी तक पिछले सत्र का पूरा बकाया भुगतान तो नहीं किया जा सका है लेकिन पिछले सत्र का 64 फीसदी भुगतान चीनी मिल ने कर दिया है। सात साल पहले का बकाये पर असमंजस की स्थिति है। सहकारी गन्ना समिति व किसान संगठन तो मिल पर कई करोड़ बकाया बता रहे हैं लेकिन चीनी मिल के पास उपलब्ध रिकार्ड के मुताबिक 3.67 करोड़ रुपये बकाया है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक (गन्ना) वेदपाल चौहान ने बताया कि सहकारी समिति ने बीते सालों के बकायेदार जिन किसानों की सूची सौंपी थी, उनका भुगतान कर दिया गया है। पूर्ण भुगतान तीन किस्तों में करने की बात तय हुई थी, जिसमें मिल ने पहली किश्त 84 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। पंद्रह दिन पहले जिलाधिकारी की मौजूदगी में वार्ता हुई थी, जिसमें सहकारी समिति चंदौसी ने अभी करोड़ों के बकाया होने की बात कही थी लेकिन पंद्रह दिन के भी चीनी मिल को कोई सूची नहीं सौंपी गई है, सहकारी समिति बकायेदार किसानों की सूची उपलब्ध कराए, चीनी मिल भुगतान को तैयार है। इधर वीनस शुगर पर पिछले सालों का बकाया भुगतान का मामला प्रदेश शासन तक पहुंच गया है, जिसमें प्रमुख सचिव (चीनी उद्योग) ने जिला गन्नाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। इसमें कितना भुगतान किया गया, कितना बकाया है। राजस्व विभाग ने जो कार्रवाई शुरू की थी, उसमें अब तक क्या हुआ, इसकी जानकारी भी मांगी है।
तीन दिवसीय गन्ना किसान मेला कल से
चंदौसी। सहकारी गन्ना समिति चंदौसी के कार्यालय में वीनस शुगर मिल मझावली के अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक की गई जिसमें गन्ना किसानों को कच्चे कैलेंडर की प्रतियां बांटी गईं। 27 से 29 सितंबर को यहां मेला लगेगा। इसमें यदि किसी किसान का गन्ने के सट्टे में कोई गड़बड़ी है तो वह मेले में आकर आपत्ति दाखिल कर सकता है।
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बैठक में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, मुख्य महाप्रबंधक वीनस शुगर मिल, गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह व गन्ना समिति के अध्यक्ष सुबोध शर्मा शामिल रहे। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि गन्नायुक्त के निर्देश के क्रम में किसानों का कच्चा कैलेंडर वितरित किया गया है, जिससे किसान अपना गन्ने का सट्टा देख लें। कितना रकबा है, कितनी पर्चियां हैं, यदि कुछ गड़बड़ हो तो समिति चंदौसी कार्यालय पर 27, 28 व 29 सितंबर तो लगने वाले मेले में आकर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। वीनस शुगर मिल अपना पेराई सत्र 25 अक्तूबर से शुरू करेगी। सचिव दयाराम ने बताया कि 30 सितंबर तक नए सदस्यों व उपज बढ़ोत्तरी की रसीद जारी कर दी जाएगी। बकाया भुगतान के सवाल पर भी मिल अधिकारियों ने शीघ्र भुगतान करने की बात कही।
सट्टा प्रदर्शन के लिए रजपुरा में आज से लगेगा मेला
संभल। सट्टा प्रदर्शन के लिए रजपुरा में 26 से 29 सितंबर तक मेला लगेगा। मेले के दौरान किसान अपने गन्ने के सट्टे को देख सकेंगे। सट्टे में आपत्ति करके अपने ब्योरे में त्रुटियां दूर करा सकेंगे। जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जिन किसानों को अपने ब्योरे में कोई आपत्ति है वह इस मेले में अवश्य भाग लें। उन्होंने बताया कि किसान घोषणा पत्र, आधार कार्ड और खतौनी लेकर मेले में जाएं ताकि बेसिक कोटा ठीक हो सके। अपने सट्टे के साथ अपना मोबाइल नंबर भी फीड कराएं।
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करीब सात साल बंद रहने के बाद पिछले साल वीनस शुगर मिल मझावली ने अपना पेराई सत्र शुरू किया था। हालांकि अभी तक पिछले सत्र का पूरा बकाया भुगतान तो नहीं किया जा सका है लेकिन पिछले सत्र का 64 फीसदी भुगतान चीनी मिल ने कर दिया है। सात साल पहले का बकाये पर असमंजस की स्थिति है। सहकारी गन्ना समिति व किसान संगठन तो मिल पर कई करोड़ बकाया बता रहे हैं लेकिन चीनी मिल के पास उपलब्ध रिकार्ड के मुताबिक 3.67 करोड़ रुपये बकाया है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक (गन्ना) वेदपाल चौहान ने बताया कि सहकारी समिति ने बीते सालों के बकायेदार जिन किसानों की सूची सौंपी थी, उनका भुगतान कर दिया गया है। पूर्ण भुगतान तीन किस्तों में करने की बात तय हुई थी, जिसमें मिल ने पहली किश्त 84 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। पंद्रह दिन पहले जिलाधिकारी की मौजूदगी में वार्ता हुई थी, जिसमें सहकारी समिति चंदौसी ने अभी करोड़ों के बकाया होने की बात कही थी लेकिन पंद्रह दिन के भी चीनी मिल को कोई सूची नहीं सौंपी गई है, सहकारी समिति बकायेदार किसानों की सूची उपलब्ध कराए, चीनी मिल भुगतान को तैयार है। इधर वीनस शुगर पर पिछले सालों का बकाया भुगतान का मामला प्रदेश शासन तक पहुंच गया है, जिसमें प्रमुख सचिव (चीनी उद्योग) ने जिला गन्नाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। इसमें कितना भुगतान किया गया, कितना बकाया है। राजस्व विभाग ने जो कार्रवाई शुरू की थी, उसमें अब तक क्या हुआ, इसकी जानकारी भी मांगी है।
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तीन दिवसीय गन्ना किसान मेला कल से
चंदौसी। सहकारी गन्ना समिति चंदौसी के कार्यालय में वीनस शुगर मिल मझावली के अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक की गई जिसमें गन्ना किसानों को कच्चे कैलेंडर की प्रतियां बांटी गईं। 27 से 29 सितंबर को यहां मेला लगेगा। इसमें यदि किसी किसान का गन्ने के सट्टे में कोई गड़बड़ी है तो वह मेले में आकर आपत्ति दाखिल कर सकता है।
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बैठक में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, मुख्य महाप्रबंधक वीनस शुगर मिल, गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह व गन्ना समिति के अध्यक्ष सुबोध शर्मा शामिल रहे। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि गन्नायुक्त के निर्देश के क्रम में किसानों का कच्चा कैलेंडर वितरित किया गया है, जिससे किसान अपना गन्ने का सट्टा देख लें। कितना रकबा है, कितनी पर्चियां हैं, यदि कुछ गड़बड़ हो तो समिति चंदौसी कार्यालय पर 27, 28 व 29 सितंबर तो लगने वाले मेले में आकर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। वीनस शुगर मिल अपना पेराई सत्र 25 अक्तूबर से शुरू करेगी। सचिव दयाराम ने बताया कि 30 सितंबर तक नए सदस्यों व उपज बढ़ोत्तरी की रसीद जारी कर दी जाएगी। बकाया भुगतान के सवाल पर भी मिल अधिकारियों ने शीघ्र भुगतान करने की बात कही।
सट्टा प्रदर्शन के लिए रजपुरा में आज से लगेगा मेला
संभल। सट्टा प्रदर्शन के लिए रजपुरा में 26 से 29 सितंबर तक मेला लगेगा। मेले के दौरान किसान अपने गन्ने के सट्टे को देख सकेंगे। सट्टे में आपत्ति करके अपने ब्योरे में त्रुटियां दूर करा सकेंगे। जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जिन किसानों को अपने ब्योरे में कोई आपत्ति है वह इस मेले में अवश्य भाग लें। उन्होंने बताया कि किसान घोषणा पत्र, आधार कार्ड और खतौनी लेकर मेले में जाएं ताकि बेसिक कोटा ठीक हो सके। अपने सट्टे के साथ अपना मोबाइल नंबर भी फीड कराएं।