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कांठ में एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण प्रथा पर भड़के ब्राह्मण
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:25 AM IST
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कांठ। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अध्यादेश के कठोर प्रावधानों को वापस लिए जाने और पिछले 70 वर्षों से चली आ रही जातिगत आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसे समाप्त किए जाने की मांग करते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने राष्ट्रीय आह्वान पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा है। बृहस्पतिवार को भारत बंद कार्यक्रम के क्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के बैनर तले तहसील पहुंचे ब्राह्मण समाज के लोगों ने एससी-एसटी संशोधन को वापस लिए जाने की मांग को जोरदार ढंग से उठाया। इस मौके पर ब्राह्मण महासभा के तहसील क्षेत्रीय अध्यक्ष भावेश शर्मा ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग की तरह सामान्य वर्ग के लोगों को योजनाओं का लाभ क्यों नहीं देती है? क्या सामान्य वर्ग में गरीब लोग नहीं हैं? आरक्षण प्रथा के कारण सामान्य वर्ग के युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर नहीं प्राप्त हो रहे हैं? सामान्य वर्ग के युवा हर स्तर से मेहनत कर मुकाम हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में तहसील क्षेत्रीय अध्यक्ष भावेश शर्मा, विकास शर्मा, सुनील शर्मा, तिलकराम शर्मा, अनिल कुुमार शर्मा, धर्मवीर शर्मा, धीरेंद्र शर्मा, जयपाल शर्मा, वीरेद्र शर्मा, गंगाराम शर्मा, बौधप्रकाश शर्मा, चौखेलाल शर्मा, शिवदत्त शर्मा, विनोद कुमार शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, दीनदयाल शर्मा, पवन कुमार शर्मा, सोमदत्त शर्मा, नवदीप शर्मा आदि रहे।
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