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पुरानी पेंशन को लेकर कलक्ट्रेट पर गरजे कर्मचारी-शिक्षक
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:24 AM IST
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बहजोई। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के पदाधिकारी व सदस्य खासी संख्या में कलक्ट्रेट पर गरजे। कार्य बहिष्कार के अंतिम दिन धरना देते हुए पदाधिकारियों ने रैली निकालकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। इस बीच सीडीओ को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
शुक्रवार को सुबह 10 बजे से मंच के पदाधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी व शिक्षक कलक्ट्रेट के निकट पार्क मेें एकत्र हुए। कार्य बहिष्कार के अंतिम दिन पार्क में आयोजित धरने में वक्ताओं में जिला संयोजक चंद्रकेश यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन तो सरकार को हर हाल में बहाल करनी ही पड़ेगी नहीं तो लोकसभा चुनाव में सरकार को कर्मचारियों के संगठन का अंदाजा लग ही जाएगा जिस तरह अब कार्य बहिष्कार किया जा रहा है, उसी तरह लोकसभा चुनाव में भी केंद्र सरकार को अपनी ताकत दिखाने में कर्मचारी पीछे नहीं रहेंगे। संघर्ष समिति के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह राघव का कहना था कि पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के बुढ़ापे को बेसहारा करने का कुचक्र रचा है। इसका विरोध करने को सभी संवर्गों के कर्मचारी मंच के माध्यम से एकत्रित हुए हैं। पूरे जीवन कर्मचारी अपने वेतन से इस तरह का जीवन स्तर जीता है, पेंशन विहीन स्थिति में कर्मचारियों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर न होना पड़े, इसलिए पुरानी पुरानी पेंशन बहाल की जाए। रूहुल इसलाम, अवनीशकांत, मोहम्मद रईस, मुनीश कुमार, चंद्रशेखर, धीरज यादव, देवेश प्रताप सिंह व प्रतिमा गोस्वामी आदि वक्ताओं ने भी विचार रखते हुए कर्मचारियों में जोश भरा। इसके बाद अपराह्न चार बजे करीब सभी कर्मचारी व शिक्षक पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी शंभूनाथ तिवारी को सौंपा। अध्यक्षता चौधरी मंगल सिंह ने की। सुभाष जैनवाल, रंजीत सिंह, धर्मेंद्र कुमार, हेमेशनाथ, मनवीर सिंह, महीपाल सिंह, जयवीर सिंह, राजकुमार, सुनील दिवार, अमित, कृष्ण कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को सुबह 10 बजे से मंच के पदाधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी व शिक्षक कलक्ट्रेट के निकट पार्क मेें एकत्र हुए। कार्य बहिष्कार के अंतिम दिन पार्क में आयोजित धरने में वक्ताओं में जिला संयोजक चंद्रकेश यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन तो सरकार को हर हाल में बहाल करनी ही पड़ेगी नहीं तो लोकसभा चुनाव में सरकार को कर्मचारियों के संगठन का अंदाजा लग ही जाएगा जिस तरह अब कार्य बहिष्कार किया जा रहा है, उसी तरह लोकसभा चुनाव में भी केंद्र सरकार को अपनी ताकत दिखाने में कर्मचारी पीछे नहीं रहेंगे। संघर्ष समिति के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह राघव का कहना था कि पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के बुढ़ापे को बेसहारा करने का कुचक्र रचा है। इसका विरोध करने को सभी संवर्गों के कर्मचारी मंच के माध्यम से एकत्रित हुए हैं। पूरे जीवन कर्मचारी अपने वेतन से इस तरह का जीवन स्तर जीता है, पेंशन विहीन स्थिति में कर्मचारियों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर न होना पड़े, इसलिए पुरानी पुरानी पेंशन बहाल की जाए। रूहुल इसलाम, अवनीशकांत, मोहम्मद रईस, मुनीश कुमार, चंद्रशेखर, धीरज यादव, देवेश प्रताप सिंह व प्रतिमा गोस्वामी आदि वक्ताओं ने भी विचार रखते हुए कर्मचारियों में जोश भरा। इसके बाद अपराह्न चार बजे करीब सभी कर्मचारी व शिक्षक पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी शंभूनाथ तिवारी को सौंपा। अध्यक्षता चौधरी मंगल सिंह ने की। सुभाष जैनवाल, रंजीत सिंह, धर्मेंद्र कुमार, हेमेशनाथ, मनवीर सिंह, महीपाल सिंह, जयवीर सिंह, राजकुमार, सुनील दिवार, अमित, कृष्ण कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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