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अवैध खनन से बदल रही है नदी की भौगोलिक परिस्थिति

Fri, 24 Aug 2018 01:01 AM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:01 AM IST
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अवैध खनन से बदल रही है नदी की भौगोलिक परिस्थिति
कांठ। अवैध खनन से नदी की भौगोलिक स्थिति लगातार बदलती जा रही है। खादर क्षेत्र के ग्रामीण कई बार खनन रोके जाने की मांग कर चुके हैं।
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रामगंगा नदी क्षेत्र में धरती का सीना चीरकर रोज बड़ी तादाद में रेत का अवैध खनन किया जाता है। रोज दर्जनों बैलगाड़ी, ट्रैक्टर ट्रालियों से अवैध खननकर रेत लाकर शहर कस्बों में बेचा जाता है। भोर होने से पहले रोज नगर में रेत से भरे वाहनों की मंड़ी सज जाती है। बहादरपुर खद्दर, राजीपुर खद्दर, गोपालपुर के ग्रामीण कई बार अवैध खनन रोके जाने की मांग कर चुके हैं। उनका कहना था कि रामगंगा से होने वाले रेत के खनन से बड़े बड़े गड्ढ़े बन जाते हैं। जब बरसात के दिनों में रामगंगा में पानी आता है तो इन्हीं गड्ढ़ों के जरिये नदी का रुख बदल जाता है। कभी वह दक्षिण की ओर कटान करते हुए एक दो किलोमीटर इधर चली आती है तो कभी वह दूसरी ओर चली जाती है। जिससे हजारों एकड़ भूमि बेकार हो गई है। नदी का रुख बदलने का ही नतीजा है कि गोपालपुर गांव कई बार कट चुका है। इस इलाके से सबसे अधिक रेत का खनन होता था। अब भी गोपालपुर के तमाम लोग बैलगाड़ियों में रेतभर कर नगर में बेचने के लिए आते हैं। अवैध खनन का ही परिणाम है कि रामगंगा नदी अब काले पानी वाले नाले में बह रही है। काले पानी के नाले पर डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया पक्का पुल अब नदी के बीचोबीच खड़ा हुआ है। यही हालात कांठ करनपुर मार्ग पर बन रहे 540 मीटर लंबे पुल के भी बनते जा रहे हैं। यहां भी नदी ने रुख बदलकर पुल के बाहर एक साइड में जाकर कटान किया है।
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