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ग्रामीण न्यायालय की स्थापना न होने से अधिवक्ताओं में रोष
Updated Thu, 23 Aug 2018 01:20 AM IST
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कांठ। अधिवक्ताओं द्वारा तहसील स्तर पर ग्रामीण न्यायालय की स्थापना किए जाने की मांग एक अर्से बाद भी पूरी नहीं हुई है। जिसके कारण अधिवक्ताओं में रोष है। उन्होंने एक बार फिर ग्राम न्यायालय की स्थापना किए जाने की मांग उठाई है।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता का कहना है कि यदि कांठ में ग्रामीण न्यायालय की स्थापना हो जाती है तो अधिवक्ताओं के साथ ही वादकारी को अधिक लाभ पहुंचेगा। धन और समय की भी बचन होगी और वादकारियों को सस्ता और शुलभ न्याय मिल सकेगा। बार महासचिव चरन सिंह ढाका ने कहा कि बार-बार ग्रामीण न्यायालय की स्थापना की मांग की जा रही है लेकिन न तो सरकार ही सुन रही है और न ही स्थानीय अधिकारी। कई बार जनप्रतिनिधि भी ग्राम न्यायालय की स्थापना को आश्वासन दे चुके हैं लेकिन मांग आज तक पूरी नहीं हुई है। जिसके कारण वादकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांठ तहसील के मोहम्मद वकील अहमद, चंद्रपाल सिंह, मोहम्मद अय्यूब, शमशाद हुसैन, दीप सिंह, शीशराम सिंह, मरगूब अहमद खां, हिमांशु विश्नोई, शहजाद रफी, डॉ विनीत नैन, प्रेम सिंह, रजकुमार सिंह, अजबसिंह, एनएस मेहरा, प्रदीप कुमार, कोमल सिंह, कमल कुमार, सुनील कुमार, यशवीर सिंह, महावीर सिंह, सचिन राजपूत, विरेंद्र सिंह आदि अधिवक्ताओं ने भी जल्द से जल्द ग्रामीण न्यायालय की स्थापना किए जाने की मांग उठाई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। बता दें पिछले करीब एक वर्ष पूर्व ग्राम न्यायालय की स्थापना को प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन वह मात्र औपचारिकता ही बनकर रह गई।
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तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता का कहना है कि यदि कांठ में ग्रामीण न्यायालय की स्थापना हो जाती है तो अधिवक्ताओं के साथ ही वादकारी को अधिक लाभ पहुंचेगा। धन और समय की भी बचन होगी और वादकारियों को सस्ता और शुलभ न्याय मिल सकेगा। बार महासचिव चरन सिंह ढाका ने कहा कि बार-बार ग्रामीण न्यायालय की स्थापना की मांग की जा रही है लेकिन न तो सरकार ही सुन रही है और न ही स्थानीय अधिकारी। कई बार जनप्रतिनिधि भी ग्राम न्यायालय की स्थापना को आश्वासन दे चुके हैं लेकिन मांग आज तक पूरी नहीं हुई है। जिसके कारण वादकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांठ तहसील के मोहम्मद वकील अहमद, चंद्रपाल सिंह, मोहम्मद अय्यूब, शमशाद हुसैन, दीप सिंह, शीशराम सिंह, मरगूब अहमद खां, हिमांशु विश्नोई, शहजाद रफी, डॉ विनीत नैन, प्रेम सिंह, रजकुमार सिंह, अजबसिंह, एनएस मेहरा, प्रदीप कुमार, कोमल सिंह, कमल कुमार, सुनील कुमार, यशवीर सिंह, महावीर सिंह, सचिन राजपूत, विरेंद्र सिंह आदि अधिवक्ताओं ने भी जल्द से जल्द ग्रामीण न्यायालय की स्थापना किए जाने की मांग उठाई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। बता दें पिछले करीब एक वर्ष पूर्व ग्राम न्यायालय की स्थापना को प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन वह मात्र औपचारिकता ही बनकर रह गई।
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