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पुत्री का अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता सकी शिक्षिका
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:10 AM IST
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बहजोई। डिप्टी कलेक्टर को निरीक्षण में शिक्षा की नींव कमजोर मिली। कहीं शिक्षिका पुत्री का अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता सकी तो कहीं बच्चे 14 का पहाड़ा नहीं सुना सके। इसके अलावा एक विद्यालय में बच्चों को मिड डे मील के तहत दूध का वितरण नहीं किया गया।
बुधवार को सुबह डिप्टी कलेक्टर ओमवीर सिंह नगर के बीएसए दफ्तर स्थित प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। यहां विद्यालय में पंखे नहीं थे। छात्र-छात्राएं 1391 को 13 से भाग नहीं दे पाए। इसके अलावा शिक्षक नदारद मिले। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां एक छात्रा पुत्री का अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता सकी। डिप्टी क्लेक्टर को हैरानी तो तब हुई जब शिक्षिका भी पुत्री का अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता सकी। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर ने गांव बेहटा जयसिंह के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया तो उन्हें पता कि मिड डे मील के तहत छात्र-छात्राओं को दूध नहीं बांटा गया है। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर जब गांव परतापुर के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे तो उन्हें विद्यालय बंद मिला। साथ ही जानकारी मिली कि उच्च प्राथमिक विद्यालय समय से पहले ही बंद हो गया है।
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बुधवार को सुबह डिप्टी कलेक्टर ओमवीर सिंह नगर के बीएसए दफ्तर स्थित प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। यहां विद्यालय में पंखे नहीं थे। छात्र-छात्राएं 1391 को 13 से भाग नहीं दे पाए। इसके अलावा शिक्षक नदारद मिले। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां एक छात्रा पुत्री का अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता सकी। डिप्टी क्लेक्टर को हैरानी तो तब हुई जब शिक्षिका भी पुत्री का अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता सकी। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर ने गांव बेहटा जयसिंह के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया तो उन्हें पता कि मिड डे मील के तहत छात्र-छात्राओं को दूध नहीं बांटा गया है। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर जब गांव परतापुर के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे तो उन्हें विद्यालय बंद मिला। साथ ही जानकारी मिली कि उच्च प्राथमिक विद्यालय समय से पहले ही बंद हो गया है।
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