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संभल के सात हजार किसानों से मजाक, बिना धन भेजे ही सूचना दे दी
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:09 AM IST
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चंदौसी। शासन की किसान ऋण मोचन योजना में एक बार फिर अन्नदाता के साथ मजाक किया गया है। जिले के 7149 किसानों के खाते में ऋण माफी का एक पैसा भी नहीं आया, लेकिन ऋण मोचन वेबसाइट पर सूचना प्रसारित कर दी गई कि सभी किसानों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। सूचना किसानों तक पहुंची तो बैंक शाखाओं में पहुंच गए। बैंक कर्मियों ने मना किया तो कई किसानों ने आक्रोश भी जताया। हालांकि नोडल अधिकारी ने लखनऊ की नोडल एजेंसी से संपर्क कर मैसेज को हटवा दिया है।
उत्तर प्रदेश शासन की ऋण मोचन योजना के तहत पिछले कई महीने से ऐसे किसानों से ऑनलाइन शिकायतें मांगी जा रही है, जिनका ऋण किसी कारण से अभी माफ नहीं हो पाया है। जिले में कई किसानों ने शिकायत कर खुद को पात्र बताते हुए ऋण माफी योजना में शामिल करने को शिकायतें की, लेकिन इनमें से 7149 किसान ऐसे पाए गए, जिनका ऋण माफ किया जाना है। इसकी पूरी रिपोर्ट लखनऊ की नोडल एजेंसी द्वारा नामित बैंक शाखा को भी प्रेषित कर दी गई। 13 जून को ऋण मोचन योजना के स्टेटस पर यह मैसेज प्रसारित कर दिया गया कि संभल जिले के भी सभी 7149 किसानों के बैंक खाते में धन भेज दिया गया है। ताकि बैंक का बकाया भुगतान हो सके। किसान कर्ज मुक्त हो सके। मैसेज पढ़ते ही किसानों तक बात पहुंच गई। किसान बैंक शाखाओं में पहुंचने लगे। लेकिन बैंक अधिकारी किसान का खाता देखते थे तो उसमें धन नहीं था। बैंक अधिकारियों के लाख कहने के बाद भी किसान यह मानने को तैयार नहीं हो रहे कि शासन से धन नहीं आया है। बैंक शाखाओं में विवाद होने लगे। कई किसान ऋण माफी योजना के जिले में नोडल अधिकारी/जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय भी पहुंचे।
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-लखनऊ से ही वेबसाइट पर मैसेज गलत प्रसारित हो गया था, जबकि लखनऊ नोडल एजेंसी से जानकारी की गई तो धन अभी भेजा ही नहीं गया है, लेकिन चार पांच दिनों में धनराशि किसानों के खातों में भेजना का भरोसा दिया गया है। मैसेज वेबसाइट से हटा दिया गया है। -नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी, संभल
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उत्तर प्रदेश शासन की ऋण मोचन योजना के तहत पिछले कई महीने से ऐसे किसानों से ऑनलाइन शिकायतें मांगी जा रही है, जिनका ऋण किसी कारण से अभी माफ नहीं हो पाया है। जिले में कई किसानों ने शिकायत कर खुद को पात्र बताते हुए ऋण माफी योजना में शामिल करने को शिकायतें की, लेकिन इनमें से 7149 किसान ऐसे पाए गए, जिनका ऋण माफ किया जाना है। इसकी पूरी रिपोर्ट लखनऊ की नोडल एजेंसी द्वारा नामित बैंक शाखा को भी प्रेषित कर दी गई। 13 जून को ऋण मोचन योजना के स्टेटस पर यह मैसेज प्रसारित कर दिया गया कि संभल जिले के भी सभी 7149 किसानों के बैंक खाते में धन भेज दिया गया है। ताकि बैंक का बकाया भुगतान हो सके। किसान कर्ज मुक्त हो सके। मैसेज पढ़ते ही किसानों तक बात पहुंच गई। किसान बैंक शाखाओं में पहुंचने लगे। लेकिन बैंक अधिकारी किसान का खाता देखते थे तो उसमें धन नहीं था। बैंक अधिकारियों के लाख कहने के बाद भी किसान यह मानने को तैयार नहीं हो रहे कि शासन से धन नहीं आया है। बैंक शाखाओं में विवाद होने लगे। कई किसान ऋण माफी योजना के जिले में नोडल अधिकारी/जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय भी पहुंचे।
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-लखनऊ से ही वेबसाइट पर मैसेज गलत प्रसारित हो गया था, जबकि लखनऊ नोडल एजेंसी से जानकारी की गई तो धन अभी भेजा ही नहीं गया है, लेकिन चार पांच दिनों में धनराशि किसानों के खातों में भेजना का भरोसा दिया गया है। मैसेज वेबसाइट से हटा दिया गया है। -नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी, संभल
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