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मिलक में हड़ताली लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई कागजों तक सिमटी
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:46 AM IST
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मिलक (रामपुर)। एस्मा का उल्लंघन करने वाले हड़ताली लेखपालों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई 42 लेखपालों को जारी नोटिस, अध्यक्ष और मंत्री तक सिमट कर रह गई है। एस्मा का उल्लंघन करने पर लेखपालों के बस्ते जमा नहीं कराए गए हैं। जिस कारण प्रशासन की कार्रवाई लेखपाल संघ के अध्यक्ष और मंत्री के निलंबन और 42 लेखपालों को नोटिस जारी करने तक सिमट कर रह गई है। जबकि एस्मा लागू हुए आठ दिन गुजर गए।
उपजिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने सरकार की ओर से लेखपालों की हड़ताल पर एस्मा लागू करने पर 42 को नोटिस जारी किए थे और लेखपाल संघ की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष राजीव कुमार सक्सेना और संघ के मंत्री सुमित कुमार सक्सेना को पांच जुलाई को निलंबित कर दिया था। उन्होंने हड़ताली लेखपालों से रिकार्ड जमा कराने के आदेश तहसीलदार अशोक कुमार सिंह को दिए थे। दो दिन गुजरने के बाद भी रिकार्ड जमा नहीं हो पाए हैं। एसडीएम की ओर से हड़ताल में शामिल जिन लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, उनकी समय सीमा 6 जुलाई की थी। जवाब नहीं मिलने पर निलंबन करना था। नोटिस की समय सीमा खत्म हो चुकी गई। प्रशासन द्वारा एस्मा का उल्लंघन करने वाले लेखपालों पर कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रह गया है। जबकि हड़ताल के कारण 16 सौ प्रमाण पत्रों के फंसने का आंकड़ा पार हो चुका है। वहीं दूसरी ओर डीएम के आदेश को तीन दिन गुजर गए हैं लेकिन नया पासवर्ड एक्टिव नहीं हो पाया है।
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उपजिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने सरकार की ओर से लेखपालों की हड़ताल पर एस्मा लागू करने पर 42 को नोटिस जारी किए थे और लेखपाल संघ की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष राजीव कुमार सक्सेना और संघ के मंत्री सुमित कुमार सक्सेना को पांच जुलाई को निलंबित कर दिया था। उन्होंने हड़ताली लेखपालों से रिकार्ड जमा कराने के आदेश तहसीलदार अशोक कुमार सिंह को दिए थे। दो दिन गुजरने के बाद भी रिकार्ड जमा नहीं हो पाए हैं। एसडीएम की ओर से हड़ताल में शामिल जिन लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, उनकी समय सीमा 6 जुलाई की थी। जवाब नहीं मिलने पर निलंबन करना था। नोटिस की समय सीमा खत्म हो चुकी गई। प्रशासन द्वारा एस्मा का उल्लंघन करने वाले लेखपालों पर कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रह गया है। जबकि हड़ताल के कारण 16 सौ प्रमाण पत्रों के फंसने का आंकड़ा पार हो चुका है। वहीं दूसरी ओर डीएम के आदेश को तीन दिन गुजर गए हैं लेकिन नया पासवर्ड एक्टिव नहीं हो पाया है।
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