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306 बच्चों को नहीं मिली सीटें, 1313 का होगा दाखिला
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मुरादाबाद। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मुरादाबाद जिले में 1313 बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला होगा। शिक्षा विभाग ने लाटरी प्रक्रिया पूरी कर बच्चों को स्कूल आवंटन कर दिए हैं। स्कूलों में कोटे की निर्धारित सीटें भरने से 306 बच्चों के दाखिले लटक गए हैं। चयनित बच्चों को पांच मई तक स्कूलों को हरहाल में प्रवेश देकर रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को देनी होगी।
आरटीई में निजी स्कूलों में कक्षा एक में प्रवेश के लिए 25 फीसदी सीटें अनुसूचित एवं गरीब परिवार के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। एक मार्च से निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन खोले गए थे। पांच अप्रैल तक आवेदन होने के बाद 11 अप्रैल को सत्यापन किए गए। मुरादाबाद जिले में 2204 लोगों ने आवेदन किए। सत्यापन में 585 आवेदन खारिज हो गए। 16 अप्रैल को लाटरी से स्कूल आवंटन होने थे। लेकिन तीसरे चरण के चुनाव के चलते लाटरी स्थगित हो गई। शासन के निदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने बुधवार को 1619 आवेदकों की लाटरी निकाली। कंप्यूटराइज्ड रेंडमाइजेशन से 1313 बच्चों को स्कूल आवंटित हो गए, जबकि 306 बच्चों को कोटे की सीटें भरने से सीटें नहीं मिल पाई। बीएसए कार्यालय के मुताबिक आवंटन में 1172 गरीब परिवारों और 141 अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चे शामिल हैं। स्कूलों को पांच मई तक हरहाल में दाखिला देना होगा।
आवेदन अधिक होने से भरी सीटें
सिविल लाइन के अलावा जामा मसजिद और किसरौल क्षेत्र के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए सर्वाधिक आवेदन किए गए। स्कूलों में आवेदकों की संख्या अधिक होने से कोटे की सीटें कम पड़ गई। पूर्व में खारिज होने वाले 585 आवेदन भी इन्हीं इलाकों के स्कूलों के लिए किए गए थे।
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लाटरी में न डीएम रहे और न ही बीएसए
लाटरी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित है। बुधवार को जिलाधिकारी की सहमति से खंड शिक्षा अधिकारी मीना मनराल ने लाटरी निकालकर स्कूल आवंटित किए। इसमें मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी शामिल नहीं हो सके।
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आरटीई में निजी स्कूलों में कक्षा एक में प्रवेश के लिए 25 फीसदी सीटें अनुसूचित एवं गरीब परिवार के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। एक मार्च से निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन खोले गए थे। पांच अप्रैल तक आवेदन होने के बाद 11 अप्रैल को सत्यापन किए गए। मुरादाबाद जिले में 2204 लोगों ने आवेदन किए। सत्यापन में 585 आवेदन खारिज हो गए। 16 अप्रैल को लाटरी से स्कूल आवंटन होने थे। लेकिन तीसरे चरण के चुनाव के चलते लाटरी स्थगित हो गई। शासन के निदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने बुधवार को 1619 आवेदकों की लाटरी निकाली। कंप्यूटराइज्ड रेंडमाइजेशन से 1313 बच्चों को स्कूल आवंटित हो गए, जबकि 306 बच्चों को कोटे की सीटें भरने से सीटें नहीं मिल पाई। बीएसए कार्यालय के मुताबिक आवंटन में 1172 गरीब परिवारों और 141 अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चे शामिल हैं। स्कूलों को पांच मई तक हरहाल में दाखिला देना होगा।
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आवेदन अधिक होने से भरी सीटें
सिविल लाइन के अलावा जामा मसजिद और किसरौल क्षेत्र के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए सर्वाधिक आवेदन किए गए। स्कूलों में आवेदकों की संख्या अधिक होने से कोटे की सीटें कम पड़ गई। पूर्व में खारिज होने वाले 585 आवेदन भी इन्हीं इलाकों के स्कूलों के लिए किए गए थे।
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लाटरी में न डीएम रहे और न ही बीएसए
लाटरी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित है। बुधवार को जिलाधिकारी की सहमति से खंड शिक्षा अधिकारी मीना मनराल ने लाटरी निकालकर स्कूल आवंटित किए। इसमें मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी शामिल नहीं हो सके।