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इस बार भी अधूरी रह गई पीतल नगरी की उम्मीद
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मुरादाबाद।
आम बजट के साथ जारी किए गए रेल बजट में इस बार भी पीतल नगरी की मांगों को दरकिनार कर दिया गया। लोगों को पूरी उम्मीद थी कि इस बार मुंबई के सीधी ट्रेन के लिए एलान किया जाएगा। एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन के लिए वॉसिंग लाइन की घोषणा की जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया। मुरादाबाद रेल मंडल का मुरादाबाद रेलवे स्टेशन झंडी दिखाने वाला ही स्टेशन बनकर रह गया।
पीतल कारोबार के लिए देश के साथ ही विदेश में भी अपनी अलग पहचान रखने वाले मुरादाबाद में दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। रेलवे स्टेशन से हर रोज 23-25 हजार यात्रियों का आना जाना है। इसके बावजूद यहां न तो बॉसिंग लाइन है और न ही किसी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किया जाता है। पीतल कारोबार से जुड़े लोगों का मुंबई आना जाना रहता है। जिस कारण लोग वर्षों से मुरादाबाद के लिए सीधे ट्रेन की मांग कर रहे थे। इसके अलावा वासिंग लाइन की भी मांग की जा रही थी। ताकी यहां से भी ट्रेनों का संचालन हो सके। लेकिन बजट में मुरादाबाद की इन मांगों को दरकिनार कर दिया गया है।
मुरादाबाद से सीधे ट्रेन का संचालन किया जाना चाहिए था। ताकी लोगों को मुंबई जाने के लिए सहूलियत मिल पाती। यहां से कोई भी एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नहीं है। जिससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती हैं।
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सोनू, मुरादाबाद
रेल यात्रियों पर बजट में कोई खास नहीं किया गया है। पुरानी घोषणा दोहराई गई हैं। ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए थी। यात्री टिकट में कमी करनी चाहिए थी।
राजेश तिवारी, वाराणसी
मुरादाबाद से एक भी एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नहीं होता। यहां से लखनऊ, दिल्ली, सहारनपुर के लिए एक्सप्रेस चलाने की घोषणा करनी चाहिए थी।
अजीत सिंह नूरपुर
मुरादाबाद रामनगर रेल मार्ग पर एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी। दो प्रदेशों के बीच ये रेल मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। यहां लंबे अंतराल के बाद ट्रेन संचालित होती हैं।
विशाल शुक्ला राम नगर
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आम बजट के साथ जारी किए गए रेल बजट में इस बार भी पीतल नगरी की मांगों को दरकिनार कर दिया गया। लोगों को पूरी उम्मीद थी कि इस बार मुंबई के सीधी ट्रेन के लिए एलान किया जाएगा। एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन के लिए वॉसिंग लाइन की घोषणा की जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया। मुरादाबाद रेल मंडल का मुरादाबाद रेलवे स्टेशन झंडी दिखाने वाला ही स्टेशन बनकर रह गया।
पीतल कारोबार के लिए देश के साथ ही विदेश में भी अपनी अलग पहचान रखने वाले मुरादाबाद में दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। रेलवे स्टेशन से हर रोज 23-25 हजार यात्रियों का आना जाना है। इसके बावजूद यहां न तो बॉसिंग लाइन है और न ही किसी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किया जाता है। पीतल कारोबार से जुड़े लोगों का मुंबई आना जाना रहता है। जिस कारण लोग वर्षों से मुरादाबाद के लिए सीधे ट्रेन की मांग कर रहे थे। इसके अलावा वासिंग लाइन की भी मांग की जा रही थी। ताकी यहां से भी ट्रेनों का संचालन हो सके। लेकिन बजट में मुरादाबाद की इन मांगों को दरकिनार कर दिया गया है।
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मुरादाबाद से सीधे ट्रेन का संचालन किया जाना चाहिए था। ताकी लोगों को मुंबई जाने के लिए सहूलियत मिल पाती। यहां से कोई भी एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नहीं है। जिससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती हैं।
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सोनू, मुरादाबाद
रेल यात्रियों पर बजट में कोई खास नहीं किया गया है। पुरानी घोषणा दोहराई गई हैं। ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए थी। यात्री टिकट में कमी करनी चाहिए थी।
राजेश तिवारी, वाराणसी
मुरादाबाद से एक भी एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नहीं होता। यहां से लखनऊ, दिल्ली, सहारनपुर के लिए एक्सप्रेस चलाने की घोषणा करनी चाहिए थी।
अजीत सिंह नूरपुर
मुरादाबाद रामनगर रेल मार्ग पर एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी। दो प्रदेशों के बीच ये रेल मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। यहां लंबे अंतराल के बाद ट्रेन संचालित होती हैं।
विशाल शुक्ला राम नगर