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बंद कमरे में जलाई कोयले की अंगीठी, मां और तीन बेटियां बेहोश
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मुरादाबाद।
नागफनी थानाक्षेत्र के दसवां घाट रामलीला मैदान के पास रविवार देर रात बंद कमरे में कोयले की अंगीठी जलाने से पॉलिश कारीगर की पत्नी और तीन बेटियां बेहोश हो गईं। कारीगर के शोर मचाने पर आस पड़ोस के लोग पहुंच गए। इसके बाद चारों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां इनका इलाज किया गया।
दसवां घाट राम लीला मैदान के पास बॉबी सैनी का मकान है। बॉबी पालिश कारीगर है। परिवार में पत्नी लक्ष्मी और तीन बेटियां अंजली (14), कामिनी (12) और प्रिया (10) हैं। बॉबी ने बताया कि रविवार को खाना खाने के बाद सभी एक कमरे में सोने की तैयारी कर रहे थे। सर्दी अधिक होने के कारण बॉबी की पत्नी ने कोयले की अंगीठी जलाकर कमरे में रख ली थी। इसके बाद खिड़की और दरवाजा भी बंद कर लिया था। कोयले की अंगीठी से निकली जहरीली गैस कमरे से बाहर नहीं निकल पाई। जिस कारण महिला और उसकी तीनों बेटियां बेहोश हो गई। देर रात बॉबी लघुशंका के लिए जागा। तब उसने पत्नी को जगाया तो वह जाग नहीं पाई। इसके बाद बेटियों को भी उसने जगाने का प्रयास किया। लेकिन कोई नहीं जागी। चारों का दम घुटने लगा। बॉबी ने शोर मचाया दिया। इसके बाद आस पड़ोस के लोग आ गए। इसके बाद खिड़की और दरवाजा खोला गया। तब जाकर कमरे से जहरीली गैस बाहर निकल पाई। बॉबी अन्य लोगों की मदद से चारों को जिला अस्पताल ले गया। यहां इलाज कराने के बाद चारों अपने घर चलीं गई। इमरजेंसी में तैनात डाक्टर ने बताया कि अगर इलाज करने में देर हो जाती तो चारों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
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नागफनी थानाक्षेत्र के दसवां घाट रामलीला मैदान के पास रविवार देर रात बंद कमरे में कोयले की अंगीठी जलाने से पॉलिश कारीगर की पत्नी और तीन बेटियां बेहोश हो गईं। कारीगर के शोर मचाने पर आस पड़ोस के लोग पहुंच गए। इसके बाद चारों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां इनका इलाज किया गया।
दसवां घाट राम लीला मैदान के पास बॉबी सैनी का मकान है। बॉबी पालिश कारीगर है। परिवार में पत्नी लक्ष्मी और तीन बेटियां अंजली (14), कामिनी (12) और प्रिया (10) हैं। बॉबी ने बताया कि रविवार को खाना खाने के बाद सभी एक कमरे में सोने की तैयारी कर रहे थे। सर्दी अधिक होने के कारण बॉबी की पत्नी ने कोयले की अंगीठी जलाकर कमरे में रख ली थी। इसके बाद खिड़की और दरवाजा भी बंद कर लिया था। कोयले की अंगीठी से निकली जहरीली गैस कमरे से बाहर नहीं निकल पाई। जिस कारण महिला और उसकी तीनों बेटियां बेहोश हो गई। देर रात बॉबी लघुशंका के लिए जागा। तब उसने पत्नी को जगाया तो वह जाग नहीं पाई। इसके बाद बेटियों को भी उसने जगाने का प्रयास किया। लेकिन कोई नहीं जागी। चारों का दम घुटने लगा। बॉबी ने शोर मचाया दिया। इसके बाद आस पड़ोस के लोग आ गए। इसके बाद खिड़की और दरवाजा खोला गया। तब जाकर कमरे से जहरीली गैस बाहर निकल पाई। बॉबी अन्य लोगों की मदद से चारों को जिला अस्पताल ले गया। यहां इलाज कराने के बाद चारों अपने घर चलीं गई। इमरजेंसी में तैनात डाक्टर ने बताया कि अगर इलाज करने में देर हो जाती तो चारों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
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