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घोसीपुरा में 500 मकान अभी भी जलमग्न

Fri, 31 Aug 2018 02:09 AM IST
Updated Fri, 31 Aug 2018 02:09 AM IST
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घोसीपुरा में 500 मकान अभी भी जलमग्न
मुरादाबाद।
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रामगंगा का जलस्तर भले ही गिरने लगा है, लेकिन ताजपुर माफी के मोहल्ला घोसीपुरा गांव का जनजीवन अभी भी अस्त व्यस्त है। गांव के 500 मकान अभी तक जलमग्न हैं। पूरे गांव में तीन से चार फीट तक पानी भरा है। पिछले पांच दिनों से ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर नाते रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हैं। कई परिवार खानाबदोशों की तरह सुरक्षित जगहों पर पहुंचकर खाली प्लाट और लोगों की छतों पर प्लास्टिक का टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं।
मोहल्ला घोसीपुरा डूब क्षेत्र का गांव है। अधिकांश परिवार मेहनत मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं। 25 अगस्त की रात नौ बजे गांव में रामगंगा का पानी घुस गया। रात के घुप अंधेरे के साथ पूरा गांव डूब गया। एहसान अली बताते हैं, गांव में करीब आठ सौ मकान और चार हजार की आबादी है। गांव में पांच से छट फीट तक भर गया। लोगों के घर डूबने से सारा सामान भीग गया। सामान छोड़ ग्रामीणों में सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भगदड़ मच गई। ग्रामीण वकील अहमद बताते हैं, कुछ साहसी ग्रामीण युवकों ने राहत एवं बचाव के लिए रेस्क्यू किया। बैल गाड़ियों से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया। पानी का जलस्तर बढ़ने से ट्रकों की ट्यूब और बैल गाड़ियों के डल्लबों को नाव बनाकर लोगों को सुरक्षित जगहों पर छोड़ा।
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गामा पहलवान बताते हैं, अधिकांश ग्रामीण अपने नाते रिश्तेदारों के घरों पर चले गए हैं। कई परिवार गांव से सटे सुरक्षित मकानों की छतों पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। जबकि कई लोग सड़क किनारे और खाली प्लाटों पर खुले आसमान के नीचे चारपाई लगाकर दिन काट रहे हैं। बुधवार से रामगंगा का जलस्तर गिरने के साथ गांव का पानी भी उतर रहा है। गुरुवार को गांव में दो से तीन फीट तक पानी भरा है। करीब 500 मकान पानी के तालाब से घिरे हैं। घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर शरण लिए लोग अभी भी अपने घरों तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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नवाज शरीफ बताते हैं, जलमग्न होने से अधिकतर मकानों के फर्श बैठ गए हैं। मकानों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। बुजुर्ग महिला फरीदा खुले आसमान के नीचे विकलांग बेटे लियाकत के साथ पांच दिन से बैठी है। उसका घर भी डूबा है और पानी उतरने का इंतजार कर रही है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है। हर तरफ पानी ही पानी है।
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