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जिला न्यायालय-
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:08 AM IST
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चंदौसी में स्थापित होगा संभल का जनपद न्यायालय
चंदौसी (संभल)।
जिला सृजन के छह साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार चंदौसी में जिला न्यायालय की स्थापना की राजाज्ञा जारी कर दी गई है। प्रदेश शासन ने जनपद न्यायाधीश के चंदौसी में बैठने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। शीघ्र ही उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा ओएसडी को जनपद न्यायाधीश का कार्यभार सौंपे जाने की संभावना है।
28 सितंबर-2011 को तत्कालीन बसपा सरकार में संभल में एक जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भीमनगर के नाम से जिले का सृजन किया था। लेकिन शाम तक मुख्यालय को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। आ खिरकार बाद में शासन ने तय किया गया कि मुख्यालय तीनों तहसीलों के मध्य स्थापित किया जाए। इसके बाद जिलाधिकारी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी ब्लाक परिसर बहजोई में बैठने शुरू हो गए। हालांकि इस दौरान पूरा जिला मुख्यालय को लेकर आंदोलित रहा। संभल व चंदौसी में आंदोलन चलते रहे। सपा सरकार ने जिले का नाम भीमनगर से बदलकर संभल रख दिया। सपा सरकार ने ही मुख्यालय को पंवासा में तय कर दिया। लेकिन इसके बाद छिड़ी जनपद न्यायालय को स्थापित कराने की जंग। चंदौसी व संभल के अधिवक्ताओं के विभिन्न संगठनों ने लगातार अपने अपने यहां जनपद न्यायालय स्थापित कराने की मांग की। लेकिन चंदौसी के अधिवक्ताओं को पांच सितंबर को उस समय सफलता मिल गई, जब राज्यपाल की सहमति से उत्तर प्रदेश शासन ने संभल जिले के चंदौसी शहर में जनपद न्यायालय स्थापित करने, जनपद न्यायाधीश को चंदौसी में बैठाने का शासनादेश जारी कर दिया। शासनादेश की प्रति सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके साथ ही चंदौसी में जश्न का माहौल शुरू हो गया। हर तरफ लोग मिठाइयां वितरित करने लगे। आतिशबाजी करने लगे।
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चंदौसी (संभल)।
जिला सृजन के छह साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार चंदौसी में जिला न्यायालय की स्थापना की राजाज्ञा जारी कर दी गई है। प्रदेश शासन ने जनपद न्यायाधीश के चंदौसी में बैठने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। शीघ्र ही उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा ओएसडी को जनपद न्यायाधीश का कार्यभार सौंपे जाने की संभावना है।
28 सितंबर-2011 को तत्कालीन बसपा सरकार में संभल में एक जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भीमनगर के नाम से जिले का सृजन किया था। लेकिन शाम तक मुख्यालय को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। आ खिरकार बाद में शासन ने तय किया गया कि मुख्यालय तीनों तहसीलों के मध्य स्थापित किया जाए। इसके बाद जिलाधिकारी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी ब्लाक परिसर बहजोई में बैठने शुरू हो गए। हालांकि इस दौरान पूरा जिला मुख्यालय को लेकर आंदोलित रहा। संभल व चंदौसी में आंदोलन चलते रहे। सपा सरकार ने जिले का नाम भीमनगर से बदलकर संभल रख दिया। सपा सरकार ने ही मुख्यालय को पंवासा में तय कर दिया। लेकिन इसके बाद छिड़ी जनपद न्यायालय को स्थापित कराने की जंग। चंदौसी व संभल के अधिवक्ताओं के विभिन्न संगठनों ने लगातार अपने अपने यहां जनपद न्यायालय स्थापित कराने की मांग की। लेकिन चंदौसी के अधिवक्ताओं को पांच सितंबर को उस समय सफलता मिल गई, जब राज्यपाल की सहमति से उत्तर प्रदेश शासन ने संभल जिले के चंदौसी शहर में जनपद न्यायालय स्थापित करने, जनपद न्यायाधीश को चंदौसी में बैठाने का शासनादेश जारी कर दिया। शासनादेश की प्रति सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके साथ ही चंदौसी में जश्न का माहौल शुरू हो गया। हर तरफ लोग मिठाइयां वितरित करने लगे। आतिशबाजी करने लगे।
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