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युवा-
Updated Fri, 11 Aug 2017 04:59 PM IST
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बीकाम में दाखिलों को लेकर विद्यार्थी व महाविद्यालय दोनों ही असमंजस में
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली की अस्पष्ट नीतियों से नहीं हो पा रहे दाखिले
चंदौसी।
एमजेपी रुहेलखंड विश्व विद्यालय की नीतियों व कार्यप्रणाली से विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय भी असमंजस में(कंफ्यूज) हैं। दाखिलों में पहले से ही देर हो चुकी है, लेकिन अभी विश्वविद्यालय कुछ भी स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं है। विद्यार्थियों को विषय बदलने की आजादी मिल पाई है तो बीकाम में कामर्स को छोड़कर मैथ एवं इकोनामिक्स ग्रुप के विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थी रोजाना महाविद्यालयों के चक्कर काटने को विवश हैं।
एमजेपी रुहेलखंड विद्यालय बरेली ने हफ्तेभर पहले बीकाम के विद्यार्थियों के लिए मेरिट सूची प्रकाशित की थी, जिसके आधार पर विद्यार्थियों ने अपने ऑफर लेटर निकालकर आवंटित किए गए कालेजों में दाखिले के लिए प्रक्रिया पूरी कर दी लेकिन उक्त सूची को तीन दिन बाद निरस्त कर दिया गया। दोबारा सूची अपलोड की गई, तो उसमें से गणित एवं अर्थशास्त्र ग्रुप के विद्यार्थियों को बाहर कर दिया गया। कहा गया कि सिर्फ कामर्स ग्रुप के ही विद्यार्थियों को बीकाम में दाखिला दिया जाएगा। जबकि विश्वविद्यालय प्रवेश नियमावली में यह स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि बीकाम में कामर्स ग्रुप के साथ साथ गणित एवं अर्थशास्त्र ग्रुप के विद्यार्थियों को भी दाखिला दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने दूसरी व तीसरी सूची के बारे में भी कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
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-यूनिवर्सिटी की ओर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए जाने से कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो गई है। पहले गणित व अर्थशास्त्र ग्रुप के बच्चों को सूची भी शामिल किया तो उनका बीकाम में दाखिला शुरू कर दिया गया, लेकिन अब निरस्त करने को कह दिया। इनका दाखिला होगा या नहीं, कब होगा, यह बताने को कोई तैयार नहीं। विश्वविद्यालय में कोई भी अधिकारी ना तो फोन रिसीव कर रहा है और ना ही कोई स्पष्ट जवाब दे रहा है। दाखिले जुलाई में पूरे हो जाने चाहिए, इस बार अगस्त में भी बच्चे व महाविद्यालय संचालक दोनों ही कंफ्यूज है। -प्रफुल्ल अग्रवाल निदेशक श्रीकृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस चंदौसी। (फोटो-01)
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-जुलाई में दाखिलों की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए, अगस्त के कक्षाएं विधिवत शुरू हो जानी चाहिए लेकिन अभी तक दाखिले को लेकर ही विश्वविद्यालय की नीतियां स्पष्ट नहीं है। कुछ कक्षाओं के बारे में तो महाविद्यालय ही समझ नहीं पा रहे हैं, आखिर करना क्या है। ऐसे में शिक्षण कार्य आखिर कब शुरू हो पाएगा। -डा.वीके गुप्ता निदेशक एमवाई महाविद्यालय ऑलपुर मैथरा (फोटो-02)
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली की अस्पष्ट नीतियों से नहीं हो पा रहे दाखिले
चंदौसी।
एमजेपी रुहेलखंड विश्व विद्यालय की नीतियों व कार्यप्रणाली से विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय भी असमंजस में(कंफ्यूज) हैं। दाखिलों में पहले से ही देर हो चुकी है, लेकिन अभी विश्वविद्यालय कुछ भी स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं है। विद्यार्थियों को विषय बदलने की आजादी मिल पाई है तो बीकाम में कामर्स को छोड़कर मैथ एवं इकोनामिक्स ग्रुप के विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थी रोजाना महाविद्यालयों के चक्कर काटने को विवश हैं।
एमजेपी रुहेलखंड विद्यालय बरेली ने हफ्तेभर पहले बीकाम के विद्यार्थियों के लिए मेरिट सूची प्रकाशित की थी, जिसके आधार पर विद्यार्थियों ने अपने ऑफर लेटर निकालकर आवंटित किए गए कालेजों में दाखिले के लिए प्रक्रिया पूरी कर दी लेकिन उक्त सूची को तीन दिन बाद निरस्त कर दिया गया। दोबारा सूची अपलोड की गई, तो उसमें से गणित एवं अर्थशास्त्र ग्रुप के विद्यार्थियों को बाहर कर दिया गया। कहा गया कि सिर्फ कामर्स ग्रुप के ही विद्यार्थियों को बीकाम में दाखिला दिया जाएगा। जबकि विश्वविद्यालय प्रवेश नियमावली में यह स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि बीकाम में कामर्स ग्रुप के साथ साथ गणित एवं अर्थशास्त्र ग्रुप के विद्यार्थियों को भी दाखिला दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने दूसरी व तीसरी सूची के बारे में भी कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
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-यूनिवर्सिटी की ओर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए जाने से कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो गई है। पहले गणित व अर्थशास्त्र ग्रुप के बच्चों को सूची भी शामिल किया तो उनका बीकाम में दाखिला शुरू कर दिया गया, लेकिन अब निरस्त करने को कह दिया। इनका दाखिला होगा या नहीं, कब होगा, यह बताने को कोई तैयार नहीं। विश्वविद्यालय में कोई भी अधिकारी ना तो फोन रिसीव कर रहा है और ना ही कोई स्पष्ट जवाब दे रहा है। दाखिले जुलाई में पूरे हो जाने चाहिए, इस बार अगस्त में भी बच्चे व महाविद्यालय संचालक दोनों ही कंफ्यूज है। -प्रफुल्ल अग्रवाल निदेशक श्रीकृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस चंदौसी। (फोटो-01)
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-जुलाई में दाखिलों की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए, अगस्त के कक्षाएं विधिवत शुरू हो जानी चाहिए लेकिन अभी तक दाखिले को लेकर ही विश्वविद्यालय की नीतियां स्पष्ट नहीं है। कुछ कक्षाओं के बारे में तो महाविद्यालय ही समझ नहीं पा रहे हैं, आखिर करना क्या है। ऐसे में शिक्षण कार्य आखिर कब शुरू हो पाएगा। -डा.वीके गुप्ता निदेशक एमवाई महाविद्यालय ऑलपुर मैथरा (फोटो-02)