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बसों की मरम्मत को पंद्रह लाख रुपये भी कम, जुगाड़ से चल रहा परिवहन निगम
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मुरादाबाद। परिवहन निगम मुख्यालय द्वारा मुरादाबाद परिक्षेत्र को बसों की मेंटिनेंस के लिए मिले 15 लाख रुपये भी कम हैं। एक दिन बाद रक्षाबंधन का त्योहार है और रोडवेज बसों की हालत बेहद खराब है। जनरथ को छोड़कर मुरादाबाद और पीतलनगरी डिपो की 40 फीसदी बसों के स्टेयरिंग जाम हो रहे हैं। तो वहीं काफी बसों के टायर खराब हैं। स्थिति यह है कि यदि सफर के दौरान टायर पंचर या बर्स्ट हो जाए तो यात्रियों को रास्ते में ही दूसरी बस का इंतजार करना पड़ेगा। वहीं स्टेयरिंग जाम होने की समस्या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
हर बार की तरह इस बार भी रक्षाबंधन के मौके पर खटारा बसें रूट पर रामभरोसे दौड़ेंगी। हाल ही में परिवहन निगम मुख्यालय से मुरादाबाद परिक्षेत्र को 15 लाख रुपये बसों की मेंटिनेंस के लिए प्राप्त हुए हैं। इसके बावजूद कार्यशाला में बसों के कलपुर्जे तो दूर मकैनिकों के काम करने के उपकरण भी नहीं हैं। मेकेनिकों का कहना है कि कार्यशाला में कटर मशीन, ग्राइंडर, जेक आदि अति आवश्यक उपकरणों की कमी है। जो उपकरण पहले से मौजूद हैं वे इतने पुराने हो चुके हैं कि उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है। पुराने जैक के कारण मकैनिक का हाथ बस के नीचे दब चुका है। इसके बावजूद इन बुनियादी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पीतलनगरी कार्यशाला की बात करें तो गाड़ी संख्या 3382, 6399, 8277, 3525 काफी दिनों से खराब खड़ी हैं। स्टेयरिंग पंप खराब होने के कारण गाड़ियों के स्टेयरिंग जाम हो रहे हैं तो वहीं प्रेशर मीटर खराब होने के कारण गाड़ियों में ब्रेक ठीक प्रकार काम नहीं कर रहे हैं। बारिश के मौसम में भी बसों के वाइपर ब्लेड खराब पड़े हैं। चालक-परिचालकों ने अपनी जेब से रुपये खर्च करके बसों में वाइपर ब्लेड लगवाए हैं। इन सब समस्याओं के बावजूद निगम जुगाड़ से खटारा बसों को रूटों पर दौड़ा रहा है। कार्यशाला में काम कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत करते-करते काफी समय हो गया लेकिन अब तक कोई फायदा नहीं हुआ।
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मुख्यालय से रुपये प्राप्त होने के बाद बसों की मेंटिनेंस का काम शुरू हो गया है। कार्यशाला में काफी सामान खरीदा गया है बाकि सामान भी मंगा दिया जाएगा। लगातार एक वर्ष तक कम बजट के कारण ये समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इस स्थिति से उबरने में समय लगेगा, निगम द्वारा इस स्थिति से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- अतुल जैन, क्षेत्रीय प्रबंधक, मुरादाबाद
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हर बार की तरह इस बार भी रक्षाबंधन के मौके पर खटारा बसें रूट पर रामभरोसे दौड़ेंगी। हाल ही में परिवहन निगम मुख्यालय से मुरादाबाद परिक्षेत्र को 15 लाख रुपये बसों की मेंटिनेंस के लिए प्राप्त हुए हैं। इसके बावजूद कार्यशाला में बसों के कलपुर्जे तो दूर मकैनिकों के काम करने के उपकरण भी नहीं हैं। मेकेनिकों का कहना है कि कार्यशाला में कटर मशीन, ग्राइंडर, जेक आदि अति आवश्यक उपकरणों की कमी है। जो उपकरण पहले से मौजूद हैं वे इतने पुराने हो चुके हैं कि उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है। पुराने जैक के कारण मकैनिक का हाथ बस के नीचे दब चुका है। इसके बावजूद इन बुनियादी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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पीतलनगरी कार्यशाला की बात करें तो गाड़ी संख्या 3382, 6399, 8277, 3525 काफी दिनों से खराब खड़ी हैं। स्टेयरिंग पंप खराब होने के कारण गाड़ियों के स्टेयरिंग जाम हो रहे हैं तो वहीं प्रेशर मीटर खराब होने के कारण गाड़ियों में ब्रेक ठीक प्रकार काम नहीं कर रहे हैं। बारिश के मौसम में भी बसों के वाइपर ब्लेड खराब पड़े हैं। चालक-परिचालकों ने अपनी जेब से रुपये खर्च करके बसों में वाइपर ब्लेड लगवाए हैं। इन सब समस्याओं के बावजूद निगम जुगाड़ से खटारा बसों को रूटों पर दौड़ा रहा है। कार्यशाला में काम कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत करते-करते काफी समय हो गया लेकिन अब तक कोई फायदा नहीं हुआ।
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मुख्यालय से रुपये प्राप्त होने के बाद बसों की मेंटिनेंस का काम शुरू हो गया है। कार्यशाला में काफी सामान खरीदा गया है बाकि सामान भी मंगा दिया जाएगा। लगातार एक वर्ष तक कम बजट के कारण ये समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इस स्थिति से उबरने में समय लगेगा, निगम द्वारा इस स्थिति से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- अतुल जैन, क्षेत्रीय प्रबंधक, मुरादाबाद