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एक माह के मासूम को कुते ने चारपाई से खींचने का किया प्रयास
Updated Tue, 13 Jun 2017 02:33 AM IST
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हेडिंग : आवारा कुत्ते ने मासूम को चारपाई से खींचने की कोशिश
सब हेड : एक माह के बच्चे मां ने शोर मचाकर हमलावर कुत्ते को भगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बिलारी। क्षेत्र में कुत्तों और बंदराें के हमले की घटनाएं जारी हैं। सोमवार सुबह अबूसैदपुर गांव में खूंखार कुत्ते ने एक माह के मासूम को भी चारपाई से खींचने की कोशिश की। इसी समय बच्चे की मां ने देखा तो उसने शोर मचाकर कुत्ते को भगाया।
अबूसैदपुर गांव निवासी सेवाराम की पत्नी संगीता अपने एक माह के मासूम को आंगन में चारपाई पर लिटाकर पानी लेने के लिए घर से बाहर चली गई। इसी समय आवारा कुत्ता घर में घुसा और मासूम को अपने पंजों से नीचे खींचने लगा। बच्चे के चीखने की आवाज पर उसकी मां संगीता ने दौड़कर शोर मचाया। इसके बाद बच्चे के पिता सेवाराम आदि ने कुत्ते को भगाया। संगीता अपने दुधमुंहे बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची। बिलारी के सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज वायल न होने पर डाक्टराें ने बच्चे को जिला अस्पताल मुरादाबाद रेफर कर दिया।
याद रहे कि बिलारी क्षेत्र में कुत्ताें द्वारा राहगीराें पर हमला कर काटने की वारदातें लगातार जारी हैं। अब तक तीन लोग हाइड्रोफोबिया की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें छोटे सिंह निवासी जरगांव, देशराज सिंह निवासी सिहारी नन्दा और अफरोज जहां निवासी मोहल्ला अंसारियान बिलारी शामिल है।
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फोेटो
पांचवें दिन भी नहीं आए एंटी रैबीज वायल, बैरंग लौटे 15 मरीज
बिलारी (ब्यूरो)। कुत्तों के हमले और हाइड्रोफोबिया से प्रभावित बिलारी क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच दिन से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं आए हैं। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 15 मरीज ऐसे पहुंचे जिन्हें आज से पहले कुत्ते या बंदर ने हमला बोलकर काट लिया था और उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जाने थे। ऐसे सभी मरीजाें को अस्पताल में इंजेक्शन न होने पर मायूस वापस लौटना पड़ा। उधर नगर के मोहल्ला अंसारियान निवासी राहतजान की बेटी आरिफा 16 साल को सोमवार की सुबह बिल्ली ने काटकर घायल कर दिया। कोतवाली में तैनात महिला कांस्टेबल चंद्रवती को भी सोमवार की सुबह एक बंदर ने काटकर घायल कर दिया। यह दोनाें अस्पताल तो आईं लेकिन इन्हें भी एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लग पाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा. संदीप गुप्ता का कहना है कि एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने से पहले ही जिला चिकित्सालय को मांग पत्र भेजा जा चुका है।
बारिश और गर्मी के मिले जुले मौसम में बढ़े मरीज
बिलारी (ब्यूरो)। बारिश और गर्मी के मिले जुले मौसम में बिलारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार की सुबह मरीजाें की भारी भीड़ बढ़ गई। बीते पांच दिनाें में बिलारी क्षेत्र में दो बार बारिश हो चुकी है। रात में और सुबह के समय बारिश होने के बाद धूप निकलते ही मौसम में गर्मी शुरू हो जाती है। रविवार तड़के क्षेत्र में बारिश हुई थी लेकिन रविवार और सोमवार दोनाें दिन तेज धूप निकलने और पछुआ हवाएं चलने की वजह से गर्म रहे। इस मिले जुले मौसम में क्षेत्र में खांसी, जुकाम, बुखार, खुजली, पेट दर्द और डायरिया के रोगी बढ़े हैं। सोमवार सुबह से दोपहर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पंजीकरण काउंटर पर आए मरीजाें की संख्या 500 से ऊपर पहुंच गई। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में मरीजाें की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उनके अलावा महिला और पुरुष डाक्टर नियमित अपने कक्षाें में बैठकर मरीजाें को देख रहे हैं।
फोटो
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सब हेड : एक माह के बच्चे मां ने शोर मचाकर हमलावर कुत्ते को भगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बिलारी। क्षेत्र में कुत्तों और बंदराें के हमले की घटनाएं जारी हैं। सोमवार सुबह अबूसैदपुर गांव में खूंखार कुत्ते ने एक माह के मासूम को भी चारपाई से खींचने की कोशिश की। इसी समय बच्चे की मां ने देखा तो उसने शोर मचाकर कुत्ते को भगाया।
अबूसैदपुर गांव निवासी सेवाराम की पत्नी संगीता अपने एक माह के मासूम को आंगन में चारपाई पर लिटाकर पानी लेने के लिए घर से बाहर चली गई। इसी समय आवारा कुत्ता घर में घुसा और मासूम को अपने पंजों से नीचे खींचने लगा। बच्चे के चीखने की आवाज पर उसकी मां संगीता ने दौड़कर शोर मचाया। इसके बाद बच्चे के पिता सेवाराम आदि ने कुत्ते को भगाया। संगीता अपने दुधमुंहे बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची। बिलारी के सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज वायल न होने पर डाक्टराें ने बच्चे को जिला अस्पताल मुरादाबाद रेफर कर दिया।
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याद रहे कि बिलारी क्षेत्र में कुत्ताें द्वारा राहगीराें पर हमला कर काटने की वारदातें लगातार जारी हैं। अब तक तीन लोग हाइड्रोफोबिया की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें छोटे सिंह निवासी जरगांव, देशराज सिंह निवासी सिहारी नन्दा और अफरोज जहां निवासी मोहल्ला अंसारियान बिलारी शामिल है।
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पांचवें दिन भी नहीं आए एंटी रैबीज वायल, बैरंग लौटे 15 मरीज
बिलारी (ब्यूरो)। कुत्तों के हमले और हाइड्रोफोबिया से प्रभावित बिलारी क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच दिन से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं आए हैं। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 15 मरीज ऐसे पहुंचे जिन्हें आज से पहले कुत्ते या बंदर ने हमला बोलकर काट लिया था और उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जाने थे। ऐसे सभी मरीजाें को अस्पताल में इंजेक्शन न होने पर मायूस वापस लौटना पड़ा। उधर नगर के मोहल्ला अंसारियान निवासी राहतजान की बेटी आरिफा 16 साल को सोमवार की सुबह बिल्ली ने काटकर घायल कर दिया। कोतवाली में तैनात महिला कांस्टेबल चंद्रवती को भी सोमवार की सुबह एक बंदर ने काटकर घायल कर दिया। यह दोनाें अस्पताल तो आईं लेकिन इन्हें भी एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लग पाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा. संदीप गुप्ता का कहना है कि एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने से पहले ही जिला चिकित्सालय को मांग पत्र भेजा जा चुका है।
बारिश और गर्मी के मिले जुले मौसम में बढ़े मरीज
बिलारी (ब्यूरो)। बारिश और गर्मी के मिले जुले मौसम में बिलारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार की सुबह मरीजाें की भारी भीड़ बढ़ गई। बीते पांच दिनाें में बिलारी क्षेत्र में दो बार बारिश हो चुकी है। रात में और सुबह के समय बारिश होने के बाद धूप निकलते ही मौसम में गर्मी शुरू हो जाती है। रविवार तड़के क्षेत्र में बारिश हुई थी लेकिन रविवार और सोमवार दोनाें दिन तेज धूप निकलने और पछुआ हवाएं चलने की वजह से गर्म रहे। इस मिले जुले मौसम में क्षेत्र में खांसी, जुकाम, बुखार, खुजली, पेट दर्द और डायरिया के रोगी बढ़े हैं। सोमवार सुबह से दोपहर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पंजीकरण काउंटर पर आए मरीजाें की संख्या 500 से ऊपर पहुंच गई। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में मरीजाें की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उनके अलावा महिला और पुरुष डाक्टर नियमित अपने कक्षाें में बैठकर मरीजाें को देख रहे हैं।
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