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रमजान
Updated Sun, 04 Jun 2017 03:07 AM IST
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रमजान में मदीना के खजूर के सबसे अधिक तलबगार
- बाजार में खजूर के बीस से तीस वेरायटी मौजूद
- महानगर के बाजार में कई देशों के खजूर आते हैं
- रोजेदारों में सबसे अधिक डिमांड मदीना के खजूर की
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
माह-ए-रमजान की बात हो और खजूर का जिक्र न हो, ये हो नहीं सकता। रमजान में खजूर की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि पैगंबर-ए-इस्लाम खजूर से ही रोजा खोलते थे। मुकद्दस रमजान के साथ ही बाजार में खजूर की आमद हो चुकी है। वैसे बाजार में कई देशों के खजूर मौजूद हैं, लेकिन रोजेदारों की पहली पसंद मदीने के खजूर हैं। इस बार बाजार में सौ रुपये से लेकर चार हजार रुपये किलो तक खजूर मौजूद हैं। इनमें खजूर के बीस से तीस किस्में हैं।
रमजान में खजूर की दुकानें गुलजार हो गईं है। शहर के मोहल्ला तहसील स्कूल, असालतपुरा चौराहा, मुगलपुरा, गलशहीद, रहमतनगर, बारादरी, चक्कर का मिलक, करूला, जामा मस्जिद चौराहा आदि मुस्लिम इलाकों में खजूर की दुकानों पर रोजेदारों की खासी भीड़ जुट रही है। शहर में खजूर की करीब 25 से 30 दुकानें लगती हैं। जहां रोजेदारों के लिए खजूर के कई वेरायटी मौजूद हैं। इस बार बाजार में खजूर के बीस से तीस किस्में आई हैं। जो सौ रुपये से लेकर चार हजार रुपये प्रति किलो तक के हैं। करीब तीस साल से खजूर की दुकान लगा रहे हैं मोहम्मद शाहिद बताते हैं कि साल दर साल रमजान में खजूर की डिमांड बढ़ रही है। बाजार में महंगे और सस्ते दोनों किस्म के खजूर मौजूद हैं। महंगे में चार हजार रुपये तक के खजूर हैं। जबकि सस्ते में सौ रुपये किलो के खजूर हैं।
बाजार के कुछ खास खजूर
खजूर के नाम----------------दाम (प्रति किलो)
अजुवा----------------------4800 रुपये
अंबर------------------------3100 रुपये
मझोल----------------------2400 रुपये
मकरूम----------------------1600 रुपये
मरियम-----------------------1200 रुपये
कलमी-----------------------1000 रुपये
सफाफी----------------------1000 रुपये
हसना-----------------------400 रुपये
खदरी----------------------400 रुपये
किमिया---------------------320 रुपये
ईरानी-----------------------100 रुपये
बाजार में हर वर्ग के लिए खजूर
मुरादाबाद। रमजान पर बाजार में हर वर्ग के लिए खजूर मौजूद है। बाजार में सौ रुपये प्रति किलो से लेकर पांच हजार रुपये तक के खजूर हैं। जो पचास से अधिक वेरायटी में है। रोजेदार अपनी जरूरत और जेब के हिसाब से खजूर खरीद सकते हैं। लोअर क्लास में ईरानी, मिडिल क्लास में हसना, जुमरा और हाई क्लास में कल्मी, अंबर और अजुवा की डिमांड है।
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ईरान और इराक से भी आते हैं खजूर
मुरादाबाद। महानगर के बाजार में कई देशों के खजूर आते हैं। इनमें ईरान, इराक, मसकट, दुबई और मदीना शामिल हैं। लेकिन रोजेदारों में सबसे अधिक डिमांड मदीना के खजूर की है। जो पांच सौ से चार हजार रुपये प्रति किलो की दर से मौजूद है।
खजूर से अफ्तार करना सुन्नत
मुरादाबाद। वैसे तो इफ्तार में खाने पीने की कोई पाबंदी नहीं है। रोजेदार अपनी पसंद का कोई भी चीज खा सकता है। इस्लाम की रिवायत के मुताबिक खजूर से रोजा खोलना सुन्नत है।
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- बाजार में खजूर के बीस से तीस वेरायटी मौजूद
- महानगर के बाजार में कई देशों के खजूर आते हैं
- रोजेदारों में सबसे अधिक डिमांड मदीना के खजूर की
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
माह-ए-रमजान की बात हो और खजूर का जिक्र न हो, ये हो नहीं सकता। रमजान में खजूर की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि पैगंबर-ए-इस्लाम खजूर से ही रोजा खोलते थे। मुकद्दस रमजान के साथ ही बाजार में खजूर की आमद हो चुकी है। वैसे बाजार में कई देशों के खजूर मौजूद हैं, लेकिन रोजेदारों की पहली पसंद मदीने के खजूर हैं। इस बार बाजार में सौ रुपये से लेकर चार हजार रुपये किलो तक खजूर मौजूद हैं। इनमें खजूर के बीस से तीस किस्में हैं।
रमजान में खजूर की दुकानें गुलजार हो गईं है। शहर के मोहल्ला तहसील स्कूल, असालतपुरा चौराहा, मुगलपुरा, गलशहीद, रहमतनगर, बारादरी, चक्कर का मिलक, करूला, जामा मस्जिद चौराहा आदि मुस्लिम इलाकों में खजूर की दुकानों पर रोजेदारों की खासी भीड़ जुट रही है। शहर में खजूर की करीब 25 से 30 दुकानें लगती हैं। जहां रोजेदारों के लिए खजूर के कई वेरायटी मौजूद हैं। इस बार बाजार में खजूर के बीस से तीस किस्में आई हैं। जो सौ रुपये से लेकर चार हजार रुपये प्रति किलो तक के हैं। करीब तीस साल से खजूर की दुकान लगा रहे हैं मोहम्मद शाहिद बताते हैं कि साल दर साल रमजान में खजूर की डिमांड बढ़ रही है। बाजार में महंगे और सस्ते दोनों किस्म के खजूर मौजूद हैं। महंगे में चार हजार रुपये तक के खजूर हैं। जबकि सस्ते में सौ रुपये किलो के खजूर हैं।
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बाजार के कुछ खास खजूर
खजूर के नाम----------------दाम (प्रति किलो)
अजुवा----------------------4800 रुपये
अंबर------------------------3100 रुपये
मझोल----------------------2400 रुपये
मकरूम----------------------1600 रुपये
मरियम-----------------------1200 रुपये
कलमी-----------------------1000 रुपये
सफाफी----------------------1000 रुपये
हसना-----------------------400 रुपये
खदरी----------------------400 रुपये
किमिया---------------------320 रुपये
ईरानी-----------------------100 रुपये
बाजार में हर वर्ग के लिए खजूर
मुरादाबाद। रमजान पर बाजार में हर वर्ग के लिए खजूर मौजूद है। बाजार में सौ रुपये प्रति किलो से लेकर पांच हजार रुपये तक के खजूर हैं। जो पचास से अधिक वेरायटी में है। रोजेदार अपनी जरूरत और जेब के हिसाब से खजूर खरीद सकते हैं। लोअर क्लास में ईरानी, मिडिल क्लास में हसना, जुमरा और हाई क्लास में कल्मी, अंबर और अजुवा की डिमांड है।
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ईरान और इराक से भी आते हैं खजूर
मुरादाबाद। महानगर के बाजार में कई देशों के खजूर आते हैं। इनमें ईरान, इराक, मसकट, दुबई और मदीना शामिल हैं। लेकिन रोजेदारों में सबसे अधिक डिमांड मदीना के खजूर की है। जो पांच सौ से चार हजार रुपये प्रति किलो की दर से मौजूद है।
खजूर से अफ्तार करना सुन्नत
मुरादाबाद। वैसे तो इफ्तार में खाने पीने की कोई पाबंदी नहीं है। रोजेदार अपनी पसंद का कोई भी चीज खा सकता है। इस्लाम की रिवायत के मुताबिक खजूर से रोजा खोलना सुन्नत है।