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मुरादाबाद: गन्ना का बकाया भुगतान न होने से किसान परेशान, अटके कई जरूरी काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Tue, 27 Nov 2018 02:19 AM IST
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sugarcane farmers
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गन्ना का बकाया न मिलने से किसान परेशान हैं। शासन के आदेशों के बावजूद अब चार दिन में बकाया मिलने की उम्मीद भी नहीं बची है। चीनी मिल पुराने के साथ ही नए सत्र का भुगतान भी नहीं कर रही हैं। इससे किसान न तो सर्दी के कपड़े खरीद पा रहे हैं और न ही शादी-विवाह की तैयारियां हो रही हैं। कई किसानों की बेटियों की सगाई तक अटक गई। एक किसान का दावा है कि उसकी मां की मौत सही इलाज न होने के कारण हो गई। अब अरिष्टी के खर्च के लिए रुपये दिलाने की मांग की है।
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मंडल की 22 चीनी मिलों में से किसी ने भी पिछले गन्ना सत्र के बकाए का भुगतान नहीं किया है। किसानों का मिलों पर 10170 करोड़ रुपया बकाया है। अभी तक पिछले सत्र का 83.20 फीसदी भुगतान ही हो सका है। नए सत्र का भुगतान करने की अभी मिलों की कोई तैयारी नहीं है। क्षेत्र के किसानों की आय का 70 फीसदी गन्ने की फसल से होता है। गन्ना भुगतान न मिलने से परेशान किसान अपने जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं।
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भारतीय किसान यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष नीटू चौहान ने बताया कि ज्यादातर किसानों ने कर्ज लेकर गेहूं की बुवाई की है। कई किसानों के परिवारों में सर्दी के गर्म कपड़े और रजाई का इंतजाम नहीं हो सका है। गरीब किसानों के 50 से ज्यादा आवेदन अफसरों के पास पड़े हैं। रुपयों के अभाव में बेहतर उपचार न हो पाने के कारण चककोहनकू निवासी चंद्रवीर सिंह की मां लडैती देवी की सोमवार सुबह मात हो गई। वह गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थीं। तीस नवंबर तक बकाया भुगतान नहीं किया जाता है तो आरपार की लड़ाई को किसान धरने पर बैठ जाएंगे।
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मेेर बेटे रामदेव की शादी 15 दिसंबर को है। उसकी तैयारी करनी है। कपड़ा और जरूरी सामान खरीदना है। उसके बावजूद मिल भुगतान नहीं कर रहा है। पिछले सत्र का 90 हजार से ज्यादा मिल पर बकाया है। - अतवीर सिंह, रझोडा कन्नर देव।
मेरी मां नेमवती देवी बीमार है। उसके उपचार को रुपयों की जरूरत है। चाहकर भी बाहर इलाज के लिए नहीं ले जा पा रहा हूं। कई बार अफसरों के यहां प्रार्थना पत्र दे चुका हूं। मेरा मिल पर 84 हजार से ज्यादा रुपया बकाया है। - नीरज सिंह, चककोहनकू निवासी
गन्ना बकाया न मिलने पर सही उपचार न होने से मांग की मौत सोमवार को हो गई। अब उनकी अरिष्टी के लिए रुपयों की जरूरत है। मिल और गन्ना अधिकारियों को तीन बार आवेदन कर चुका हूं। - चंद्रवीर सिंह, चककोहनकू।
मिलों को 30 नवंबर तक समस्त गन्ना बकाया का भुगतान करना है। इसकी अल्टीमेटम जारी किया जा चुका है। समय पर भुगतान न करने पर मिलों पर कार्रवाई की जाएगी। हमने साफ्ट लोन के सभी आवेदन अपने स्तर से स्वीकृत कर शासन को भेज दिए हैं। - राजेश कुमार मिश्रा, गन्ना उपायुक्त।