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फैक्ट्री से आईसीडी तक भी ई वेबिल की दरकार
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:35 AM IST
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फैक्ट्री से आईसीडी तक भी लगेगा ई वे बिल
- बिना ई वे बिल कंटेनर पर लग सकता है जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
फैक्ट्री से कंटेनर को आईसीडी तक ले जाने के लिए भी निर्यातकों को ई वे बिल की जरूरत होगी। बिना ई वे बिल के फैक्ट्री से कोई कंटेनर बाहर नहीं निकलेगा। यदि बगैर ई वे बिल कंटेनर फैक्ट्री से बाहर निकला तो चेकिंग में पकड़े जाने पर फैक्ट्री मालिक पर जुर्माना लगेगा।
एक अप्रैल से ई वे बिल लागू हो चुका है। अब किसी सामान को भी इधर से उधर भेजने के लिए ई वे बिल की जरूरत होगी। निर्यातक सतपाल का कहना है कि ई वे बिल लागू होने के बाद अब निर्यातकों की जिम्मेदारी पहले से भी अधिक बढ़ गई है। निर्यातकों को कोई भी माल फैक्ट्री से आईसीडी तक भेजने के लिए भी अब ई वे बिल चाहिए। उन्हाेंने कहा कि सरकार मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बचाने की कोई कोशिश नहीं कर रही है। निर्यातकों को रिफंड नहीं मिल रहा है। ड्रा बैक की दरों को सरकार न्यूनतम कर चुकी है। नियमों में लगातार सख्ती की जा रही है। लेकिन निर्यातकों को उन्हीं की फंसी रकम सरकार नहीं लौटा रही है।
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- बिना ई वे बिल कंटेनर पर लग सकता है जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
फैक्ट्री से कंटेनर को आईसीडी तक ले जाने के लिए भी निर्यातकों को ई वे बिल की जरूरत होगी। बिना ई वे बिल के फैक्ट्री से कोई कंटेनर बाहर नहीं निकलेगा। यदि बगैर ई वे बिल कंटेनर फैक्ट्री से बाहर निकला तो चेकिंग में पकड़े जाने पर फैक्ट्री मालिक पर जुर्माना लगेगा।
एक अप्रैल से ई वे बिल लागू हो चुका है। अब किसी सामान को भी इधर से उधर भेजने के लिए ई वे बिल की जरूरत होगी। निर्यातक सतपाल का कहना है कि ई वे बिल लागू होने के बाद अब निर्यातकों की जिम्मेदारी पहले से भी अधिक बढ़ गई है। निर्यातकों को कोई भी माल फैक्ट्री से आईसीडी तक भेजने के लिए भी अब ई वे बिल चाहिए। उन्हाेंने कहा कि सरकार मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बचाने की कोई कोशिश नहीं कर रही है। निर्यातकों को रिफंड नहीं मिल रहा है। ड्रा बैक की दरों को सरकार न्यूनतम कर चुकी है। नियमों में लगातार सख्ती की जा रही है। लेकिन निर्यातकों को उन्हीं की फंसी रकम सरकार नहीं लौटा रही है।
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